Mann Ki Baat: भारत माँ के बेटे-बेटियों के परोपकारिक प्रयासों की बातें, यही तो ‘मन की बात’ है: PM
PM Modi Mann Ki Baat : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज एक बार फिर अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। इस इस रेडियो कार्यक्रम की 79वीं कड़ी थी। तो आइए जानते हैं कि पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम के जरिए किन-किन बातों का जिक्र किया।
Mann Ki Baat In Hindi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के जरिए एक बार फिर देशवासियों को संबोधित किया। पीएम मोदी ऐसे समय में देश को अपने इस कार्यक्रम के जरिए संबोधित किया जब एक तरफ देश कोरोना महामरी से लड़ रहा है और दूसरी तरफ देश के हिस्से बाढ़ की भीषण समस्या का सामना कर रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने ओलंपिक का जिक्र किया साथ ही आजादी के 75वें अमृत महोत्सव का भी जिक्र किया।
ने वाले पर्वों की बहुत-बहुत शुभकामनाएं- पीएम मोदी
जल संरक्षण की अपील की
मेरे प्यारे देशवासियो, आज ‘मन की बात’ में हमने अनेक विषयों की चर्चा की | एक और विषय है जो मेरे दिल के बहुत करीब है। ये विषय है, जल संरक्षण का। पानी की एक-एक बूँद को बचाना, पानी की किसी भी प्रकार की बर्बादी को रोकना यह हमारी जीवन शैली का एक सहज हिस्सा बन जाना चाहिए। हमारे परिवारों की ऐसी परंपरा बन जानी चाहिए, जिससे हर एक सदस्य को गर्व हो। साथियो, प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा भारत के सांस्कृतिक जीवन में, हमारे दैनिक जीवन में, रचा बसा हुआ है। वहीं, बारिश और मानसून हमेशा से हमारे विचारों, हमारी philosophy और हमारी सभ्यता को आकार देते आए हैं। ऋतुसंहार और मेघदूत में महाकवि कालिदास ने वर्षा को लेकर बहुत ही सुंदर वर्णन किया है | साहित्य प्रेमियों के बीच ये कवितायें आज भी बेहद लोकप्रिय हैं। ऋग्वेद के पर्जन्य सुक्तम में भी वर्षा के सौन्दर्य का खूबसूरती से वर्णन है। इसी तरह, श्रीमद् भागवत में भी काव्यात्मक रूप से पृथ्वी, सूर्य और वर्षा के बीच के संबंधों को विस्तार दिया गया है - पीएम मोदी
सिंगापुर के गुरुद्वारे का किया जिक्र
मेरे प्यारे देशवासियो, जॉर्जिया से अब मैं आपको सीधे सिंगापुर लेकर चलता हूँ, जहाँ इस महीने की शुरुआत में एक और गौरवशाली अवसर सामने आया। यहां एक गुरुद्वारा लगभग सौ साल पहले बना था और यहाँ भाई महाराज सिंह को समर्पित एक स्मारक भी है | भाई महाराज सिंह जी ने भारत की स्वतंत्रता के लिए लड़ाई लड़ी थी और ये पल आज़ादी के 75 साल मना रहे हैं तब और अधिक प्रेरक बन जाता है। दो देशों के बीच, People to People Connect, उसे, मजबूती, ऐसी ही बातों, ऐसे ही प्रयासों से, मिलती है | इनसे यह भी पता चलता है कि सौहार्दपूर्ण माहौल में रहने और एक-दूसरे की संस्कृति को समझने का कितना महत्व है- पीएम मोदी
भारत-जॉर्जिया मैत्री को नई मजबूती मिली- पीएम मोदी
साथियो, कुछ दिन पहले एक बहुत ही interesting और बहुत ही emotional event हुआ, जिससे भारत-जॉर्जिया मैत्री को नई मजबूती मिली। इस समारोह में भारत ने सेंट क्वीन केटेवान (Saint Queen Ketevan) के होली रेलिक (Holy Relic) यानि उनके पवित्र स्मृति चिन्ह जॉर्जिया की सरकार और वहाँ की जनता को सौंपा, इसके लिए हमारे विदेश मंत्री स्वयं वहाँ गए थे। इस एक समारोह ने दोनों देशों के साथ ही, गोवा और जॉर्जिया के बीच के संबंधों को भी और प्रगाढ़ कर दिया है | ऐसा इसलिए, क्योंकि सेंट क्वीन केटेवान (Saint Queen Ketevan) के ये पवित्र अवशेष 2005 में गोवा के Saint Augustine Church से मिले थे। बहुत ही भावुक माहौल में हुए इस समारोह में, जॉर्जिया के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, अनेक धर्म गुरु, और बड़ी संख्या में जॉर्जिया के लोग, उपस्थित थे | इस कार्यकम में भारत की प्रशंसा में जो शब्द कहे गए, वो बहुत ही यादगार हैं- पीएम मोदी
चंडीगढ़ का जिक्र कर पीएम मोदी ने कही ये बात
गपशप का बनाइए हिस्सा- पीएम मोदी
कुछ नया करने के जज़्बे से भरे युवाओं ने दिखाया परिणाम- पीएम मोदी
जब भी कहीं League से हटकर कुछ नया करने का प्रयास हुआ है, मानवता के लिए नए द्वार खुले हैं, एक नए युग का आरंभ हुआ है और आपने देखा होगा जब कहीं कुछ नया होता है तो उसका परिणाम हर किसी को आश्चर्यचकित कर देता है। पर अगर मैं कहूँ कि इस list में आप मणिपुर को भी जोड़ दीजिये तो शायद आप आश्चर्य से भर जाएंगे। कुछ नया करने के जज़्बे से भरे युवाओं ने मणिपुर में ये कारनामा कर दिखाया है। अब जैसे कि अगर मैं आपसे पूछूँ कि वो कौन से राज्य हैं, जिन्हें आप सेब, Apple के साथ जोडेंगे ? तो जाहिर है कि आपके मन में सबसे पहले हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड का नाम आएगा। आजकल मणिपुर के उखरुल जिले में, सेब की खेती जोर पकड़ रही है | यहाँ के किसान अपने बागानों में सेब उगा रहे हैं | सेब उगाने के लिए इन लोगों ने बाकायदा हिमाचल जाकर training भी ली है। खेती में innovation हो रहे हैं तो खेती के by products में भी creativity देखने को मिल रही है। साथियो, मुझे उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में किए गए एक प्रयास के बारे में भी पता चला है - पीएम मोदी
युवाओं से की पीएम मोदी ने अपील
साथियो, आज देश में ये प्रयास हो रहा है कि ये project Incubation Centres की तरह काम करें | इससे हमारे Planners, Architects, Engineers और Students नई technology को जान सकेंगे और उसका Experiment भी कर पायेंगे। मैं इन बातों को खास तौर पर अपने युवाओं के लिए साझा कर रहा हूँ ताकि हमारे युवा राष्ट्रहित में technology के नए-नए क्षेत्रों की ओर प्रोत्साहित हो सकें- पीएम मोदी
ईसाक मुंडा का किया जिक्र
खादी खरीदना एक तरह से जन-सेवा भी है, देश-सेवा भी है
"7 अगस्त को आने वाला National Handloom Day, एक ऐसा अवसर है जब हम प्रयास पूर्वक भी ये काम कर सकते हैं। National Handloom Day के साथ बहुत ऐतिहासिक पृष्ठभूमि जुड़ी हुई है | इसी दिन, 1905 में, स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत हुई थी। साथियो, हमारे देश के ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में, Handloom, कमाई का बहुत बड़ा साधन है | ये ऐसा क्षेत्र है जिससे लाखों महिलाएं, लाखों बुनकर, लाखों शिल्पी जुड़े हुए हैं। आपके छोटे-छोटे प्रयास, बुनकरों में एक नई उम्मीद जगाएँगे। आप, स्वयं कुछ-न-कुछ खरीदें, और अपनी बात दूसरों को भी बताएं, और, जब हम आज़ादी के 75 साल मना रहे हैं, तब तो, इतना करना हमारी ज़िम्मेवारी बनती ही है भाइयो। आपने देखा होगा, साल 2014 के बाद से ही ‘मन की बात’ में हम अक्सर खादी की बात करते हैं। ये आपका ही प्रयास है, कि, आज देश में खादी की बिक्री कई गुना बढ़ गई है। क्या कोई सोच सकता था कि खादी के किसी स्टोर से एक दिन में एक करोड़ रुपए से अधिक की बिक्री हो सकती है! लेकिन, आपने, ये भी कर दिखाया है- पीएम मोदी
5 अगस्त को होने जा रहा है, एक अनोखा प्रयास- पीएम मोदी
हमें देश के लिए जीना है, देश के लिए काम करना है- पीएम मोदी
हमें देश के लिए जीना है, देश के लिए काम करना है, और इसमें, छोटे- छोटे प्रयास भी बड़े नतीजे ला देते हैं। जैसे, देश की आजादी के मतवाले, स्वतंत्रता के लिए एकजुट हो गए थे, वैसे ही, हमें, देश के विकास के लिए एकजुट होना है। अमृत महोत्सव किसी सरकार का कार्यक्रम नहीं, किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं, यह कोटि-कोटि भारतवासियों का कार्यक्रम है। रोज के कामकाज करते हुए भी हम राष्ट्र निर्माण कर सकते हैं, जैसे, Vocal for Local। हमारे देश के स्थानीय उद्यमियों, आर्टिस्टों, शिल्पकारों, बुनकरों को support करना, हमारे सहज स्वभाव में होना चाहिए - पीएम मोदी
कारगिल दिवस का किया जिक्र
कल, यानि, 26 जुलाई को ‘कारगिल विजय दिवस’ भी है | कारगिल का युद्ध, भारत की सेनाओं के शौर्य और संयम का ऐसा प्रतीक है, जिसे, पूरी दुनिया ने देखा है। साथियो, जो देश के लिए तिरंगा उठाता है उसके सम्मान में, भावनाओं से भर जाना, स्वाभाविक ही है। देशभक्ति की ये भावना, हम सबको जोड़ती है। इस बार ये गौरवशाली दिवस भी ‘अमृत महोत्सव’ के बीच में मनाया जाएगा | इसलिए, ये, और भी खास हो जाता है | मैं चाहूँगा कि आप कारगिल की रोमांचित कर देने वाली गाथा जरुर पढ़ें, कारगिल के वीरों को हम सब नमन करें। कई ऐसी घटनाएँ, ऐसे स्वाधीनता सेनानी, जिनका योगदान तो बहुत बड़ा है, लेकिन उतनी चर्चा नहीं हो पाई - आज लोग, उनके बारें में भी जान पा रहे हैं | अब, जैसे, मोइरांग डे को ही लीजिये। मणिपुर का छोटा सा क़स्बा मोइरांग, कभी नेताजी सुभाषचंद्र बोस की Indian National Army यानि INA का एक प्रमुख ठिकाना था | यहाँ, आज़ादी के पहले ही, INA के कर्नल शौकत मलिक जी ने झंडा फहराया था। कई ऐसी घटनाएँ, ऐसे स्वाधीनता सेनानी, जिनका योगदान तो बहुत बड़ा है, लेकिन उतनी चर्चा नहीं हो पाई - आज लोग, उनके बारें में भी जान पा रहे हैं | अब, जैसे, मोइरांग डे को ही लीजिये- पीएम मोदी
खिलाड़ियों का ओलंपिक में बढ़ाएं हौंसला- पीएम
ओलंपिक का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'जब ये खिलाड़ी भारत से गए थे, तो, मुझे इनसे गप-शप करने का, उनके बारे में जानने और देश को बताने का अवसर मिला था। ये खिलाड़ी, जीवन की अनेक चुनौतियों को पार करते हुए यहाँ पहुंचे हैं। आज उनके पास, आपके प्यार और support की ताकत है - इसलिए, आइए मिलकर अपने सभी खिलाड़ियों को अपनी शुभकामनाएँ, उनका हौसला बढ़ाएँ। Social Media पर Olympics खिलाड़ियों के support के लिए हमारा Victory Punch Campaign अब शुरू हो चुका है | आप भी अपनी टीम के साथ अपना Victory Punch share करिए India के लिए cheer करिए।'
पिछली बार कही थी ये बात
पिछली बार पीएम मोदी ने मन की बात के दौरान ओलंपिक में जाने वाले खिलाड़ियों का जिक्र करते हुए कहा था, 'इस बार, जब हमारे खिलाड़ी,Olympics के लिए Tokyo जा रहे हैं, तोआपको हमारे athletes का मनोबल बढ़ाना है, उन्हें अपने संदेश से प्रेरित करना है।'
यह मासिक रेडियो कार्यक्रम की 79वीं कडी
यह मासिक रेडियो कार्यक्रम की 79वीं कडी होगी। आकाशवाणी, दूरदर्शन समाचार, प्रधानमंत्री कार्यालय तथा सूचना और प्रसारण मंत्रालय के यू-ट्यूब चैनलों पर भी यह कार्यक्रम सीधा प्रसारित होगा। हिंदी में प्रसारण के तुरन्त बाद मन की बात कार्यक्रम का क्षेत्रीय भाषाओं में भी प्रसारण होगा। क्षेत्रीय भाषाओं में कार्यक्रम रात आठ बजे फिर से सुना जा सकता है।
अब से कुछ देर बाद होगा संबोधन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार सुबह 11 बजे अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 79 वें एपिसोड के जरिए देशवासियों को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम को समूचे आकाशवाणी और दूरदर्शन नेटवर्क के अलावा ऐप के जरिए भी सुना जा सकता है।

