Kanpur Metro Inauguration Updates: डबल इंजन की सरकार कर रही है दमदार काम, कानपुर में बोले पीएम मोदी
PM Narendra Modi in Kanpur, Kanpur Metro Inauguration News Updates: कानपुर को पीएम नरेंद्र मोदी ने मेट्रो की सौगात दी। उसके साथ ही उन्होंने मेट्रो की सवारी भी की। कानपुर मेट्रो रेल परियोजना 11 हजार करोड़ लागत की है उससे पहले आईआईटी कानपुर में उन्होंने कहा कि यह शहर विविधताओं से भरा है। छात्रों से कहा कि 21वीं सदी तकनीक पर आधारित है और आप लोगों को कुछ और इनोवेटिव कदम उठाने की दिशा में आगे बढ़ना होगा।
PM Narendra Modi in Kanpur, Kanpur Metro Inauguration News Updates: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी यूपी के औद्योगिक महानगर कानपुर को अब तक का सबसे बड़ा और नायाब तोहफा दिया। अब कानपुर के लोग मेट्रो सेवा का आनंद ले सकेंगे। मेट्रो की सौगात के साथ ही उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी के संग सवारी भी की। 11,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार आईआईटी कानपुर से मोती झील तक 9 किलोमीटर लंबे खंड का निरीक्षण करने के साथ-साथ मेट्रो ट्रेन से सफर भी करेंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।
2014 तक देश में सिर्फ 14 करोड़ LPG गैस कनेक्शन थे, अब 30 करोड़
पीएम मोदी ने कहा कि 2014 तक देश में सिर्फ 14 करोड़ LPG गैस कनेक्शन थे। आज देश में 30 करोड़ से ज्यादा LPG गैस कनेक्शन है। अकेले यूपी में करीब 1.60 करोड़ गरीब परिवारों को नए LPG गैस कनेक्शन दिए गए हैं।
योगी जी सरकार वापस लाई कानून व्यवस्था का राज
यूपी में पहले जो सरकारें रहीं, उन्होंने माफियावाद का पेड़ इतना फैलाया कि उसकी छांव में सारे उद्योग-धंधे चौपट हो गए। अब योगी जी की सरकार, कानून व्यवस्था का राज वापस लाई है। इसलिए यूपी में अब निवेश भी बढ़ रहा है और अपराधी अपनी जमानत खुद रद्द करवा कर जेल जा रहे हैं।
डबल इंजन की सरकार कर रही है दमदार काम
डबल इंजन की सरकार यूपी की जरूरतों को समझते हुए, दमदार काम कर रही है। यूपी के करोड़ों घरों में पहले पाइप से पानी नहीं पहुंचता था। आज हम हर घर जल मिशन से, यूपी के हर घर तक साफ पानी पहुंचाने में जुटे हैं।डबल इंजन की सरकार पूरी ईमानदारी से, पूरी जवाबदेही के साथ यूपी को विकास की नई ऊंचाई पर पहुंचाने के लिए काम कर रही है। डबल इंजन की सरकार बड़े लक्ष्य तय करना और उन्हें पूरा करना जानती है। कौन सोच सकता था कि यूपी में बिजली के उत्पादन से लेकर ट्रांसमिशन तक में सुधार हो सकता है।
सबका साथ, सबका विकास ही हमारा मूल मंत्र
दशकों तक हमारे देश में ये स्थिति रही कि एक हिस्सा का तो विकास हुआ, दूसरा पीछे ही छूट गया। राज्यों के स्तर पर, समाज के स्तर पर इस असमानता को दूर करना उतना ही जरूरी है। इसलिए हमारी सरकार सबका साथ-सबका विकास के मंत्र पर काम कर रही है।
'जो काम शुरू करते हैं उसे पूरा भी करते हैं'
डबल इंजन की सरकार जिस काम का शिलान्यास करती है उसे पूरा करने के लिए हम दिन रात एक कर देते है। कानपुर मेट्रो का शिलान्यास हमारी सरकार ने किया, हमारी सरकार इसका लोकार्पण भी कर रही है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का शिलान्यास हमारी सरकार ने किया, हमारी ही सरकार ने इसका काम पूरा किया।साल 2014 से पहले, यूपी में जितनी मेट्रो चलती थी, उसकी कुल लंबाई थी 9 किलोमीटर। साल 2014 से लेकर 2017 के बीच मेट्रो की लंबाई बढ़कर हुई कुल 18 किलोमीटर। आज कानपुर मेट्रो को मिला दें तो यूपी में मेट्रो की लंबाई अब 90 किलोमीटर से ज्यादा हो चुकी है।
पीएम नरेंद्र मोदी का संबोधन
पहले की सरकारों के लिए विकास प्राथमिकता नहीं थी
यूपी में पहले जिन लोगों ने सरकार चलाई उन लोगों ने समय की अहमियत को नहीं समझा। उनकी प्राथमिकता यूपी का विकास नहीं। डबल इंजन की सरकार पहले के नुकसान की भरपाई कर रहे हैं।आज मंगलवार है और पनकी वाले हनुमान जी के आशीर्वाद से, आज यूपी के विकास में एक और सुनहरा अध्याय जुड़ रहा है। आज कानपुर को मेट्रो कनेक्टिविटी मिली है। साथ ही बीना रिफाइनरी से भी कानपुर अब कनेक्ट हो गया है।आज उत्तर प्रदेश में जो डबल इंजन की सरकार चल रही है, वो बीते कालखंड में समय का जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई में जुटी है। हम डबल स्पीड से काम कर रहे हैं।
कानपुरी अंदाज निराला है
मेट्रो से सिर्फ कानपुर ही खुश नहीं बल्कि वरुण देवता भी खुश हैं। कानपुरिया अंदाज, कानपुरिया हाजिरजवाबी का अंदाज नहीं। कानपुर के ठग्गू के लड्डू का जिक्र भी किया।
योगी आदित्यनाथ ने साधा विपक्ष पर निशाना
स्वार्थ की राजनीति ने कानपुर का नुकसान पहुंचाया। लोग देख रहे हैं विकास का पैसा कहां से निकल रहा है। कानपुर में दीवारों से नोट के बंडल निकल रहे हैं।
कानपुर को मेट्रो की सौगात
'शॉर्टकट नहीं, कंफर्ट नहीं, चैलेंज स्वीकार करें'
कौन भारतीय नहीं चाहेगा कि भारत की कंपनियां Global बनें, भारत के Product Global बनें। जो IITs को जानता है, यहां के टैलेंट को जानता है, यहां के प्रोफेसर्स की मेहनत को जानता है, वो ये विश्वास करता है ये IIT के नौजवान जरूर करेंगे।आज से शुरू हुई यात्रा में आपको सहूलियत के लिए शॉर्टकट भी बहुत लोग बताएंगे। लेकिन मेरी सलाह यही होगी कि आप comfort मत चुनना, challenge जरूर चुनना। क्योंकि, आप चाहें या न चाहें, जीवन में चुनौतियाँ आनी ही हैं। जो लोग उनसे भागते हैं वो उनका शिकार बन जाते हैं।
'आत्मनिर्भर भारत के लिए भारत अधीर बने'
मेरी बातों में आपको अधीरता नजर आ रही होगी लेकिन मैं चाहता हूं कि आप भी इसी तरह आत्मनिर्भर भारत के लिए अधीर बनें। आत्मनिर्भर भारत, पूर्ण आजादी का मूल स्वरूप ही है, जहां हम किसी पर भी निर्भर नहीं रहेंगे।आजादी के इस 75वें साल में हमारे पास 75 से अधिक unicorns हैं, 50,000 से अधिक स्टार्ट-अप हैं। इनमें से 10,000 तो केवल पिछले 6 महीनों में आए हैं। आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब बनकर उभरा है। कितने स्टार्टअप्स तो हमारी IITs के युवाओं ने ही शुरू किए हैं।
स्वामी विवेकानंद का खास जिक्र
जब देश की आजादी को 25 साल हुए, तब तक हमें भी अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए बहुत कुछ कर लेना चाहिए था। तब से लेकर अब तक बहुत देर हो चुकी है, देश बहुत समय गंवा चुका है। बीच में 2 पीढ़ियां चली गईं इसलिए हमें 2 पल भी नहीं गंवाना है।स्वामी विवेकानंद ने कहा था- Every nation has a message to deliver, a mission to fulfill, a destiny to reach. यदि हम आत्मनिर्भर नहीं होंगे, तो हमारा देश अपने लक्ष्य कैसे पूरे करेगा, अपनी Destiny तक कैसे पहुंचेगा?
'जो सोच और विचार आपका, वही देश का भी'
जो सोच और attitude आज आपका है, वही attitude देश का भी है। पहले अगर सोच काम चलाने की होती थी, तो आज सोच कुछ कर गुजरने की, काम करके नतीजे लाने की है। पहले अगर समस्याओं से पीछा छुड़ाने की कोशिश होती थी, तो आज समस्याओं के समाधान के लिए संकल्प लिए जाते हैं।
आईआईटी कानपुर में पीएम मोदी
21वीं सदी तकनीक पर आधारित-पीएम मोदी
ये दौर, ये 21वीं सदी, पूरी तरह Technology Driven है। इस दशक में भी Technology अलग-अलग क्षेत्रों में अपना दबदबा और बढ़ाने वाली है। बिना Technology के जीवन अब एक तरह से अधूरा ही होगा। ये जीवन और Technology की स्पर्धा का युग है और मुझे विश्वास है कि इसमें आप जरूर आगे निकलेंगे।
छात्रों से बोले पीएम, ये आपके जीवन का भी अमृतकाल है
1930 के उस दौर में जो 20-25 साल के नौजवान थे, 1947 तक उनकी यात्रा और 1947 में आजादी की सिद्धि, उनके जीवन का Golden Phase थी। आज आप भी एक तरह से उस जैसे ही Golden Era में कदम रख रहे हैं। जैसे ये राष्ट्र के जीवन का अमृतकाल है, वैसे ही ये आपके जीवन का भी अमृतकाल है।
अब बड़ा बदलाव महसूस कर रहे होंगे
आपने जब IIT कानपुर में प्रवेश लिया था और अब जब आप यहां से निकल रहे हैं, तब और अब में, आप अपने में बहुत बड़ा परिवर्तन महसूस कर रहे होंगे। यहां आने से पहले एक Fear of Unknown होगा, एक Query of Unknown होगी। अब Fear of Unknown नहीं है, अब पूरी दुनिया को Explore करने का हौसला है। अब Query of Unknown नहीं है, अब Quest for the best है, पूरी दुनिया पर छा जाने का सपना है।
मेट्रो की सौगात देने से पहले आईआईटी कानपुर में पीएम मोदी
मेट्रो की सौगात देने से पहले आईआईटी कानपुर में पीएम मोदी दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित कर रहे हैं। कानपुर भारत के उन कुछ चुनिंदा शहरों में से है, जो इतना diverse है। सत्ती चौरा घाट से लेकर मदारी पासी तक, नाना साहब से लेकर बटुकेश्वर दत्त तक, जब हम इस शहर की सैर करते हैं तो ऐसा लगता है जैसे हम स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों के गौरव की, उस गौरवशाली अतीत की सैर कर रहे हैं।
आईआईटी कानपुर के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे पीएम
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर ने 28 दिसंबर, 2021 को हाइब्रिड मोड में आयोजित होने वाले 54वें दीक्षांत समारोह से पहले विभिन्न स्वास्थ्य जांच कर उपस्थित लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। माननीय प्रधानमंत्री जी श्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में इस कार्यक्रम में शामिल होंगे, जबकि उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल श्रीमती० आनंदीबेन पटेल और उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विशिष्ट अतिथि होंगे।
आईआईटी कानपुर एक साल बाद शारीरिक रूप से दीक्षांत समारोह की मेजबानी करेगा क्योंकि पिछले साल यह वर्चुअल मोड में आयोजित किया गया था। भारत में कोरोना वायरस महामारी को कम करने के अपने अथक प्रयासों को जारी रखते हुए, आई आई टी (IIT) कानपुर ने दीक्षांत समारोह में भाग लेने वाले छात्रों, गणमान्य व्यक्तियों और मेहमानों की सुरक्षा के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है। संस्थान ने दीक्षांत समारोह से एक दिन पहले सभी उपस्थित लोगों के आरटी-पीसीआर परीक्षण करने की व्यवस्था की है।
बीना-पनकी मल्टीप्रोडक्ट पाइपलाइन का भी उद्घाटन
1500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाये गये बीना-पनकी मल्टीप्रोडक्ट पाइपलाइन परियोजना का भी प्रधानमंत्री मोदी उद्घाटन करेंगे। 356 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की क्षमता लगभग 3.45 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष है। मध्य प्रदेश की बीना रिफाइनरी से लेकर कानपुर के पनकी तक फैली इस परियोजना क्षेत्र में बीना रिफाइनरी से पेट्रोलियम उत्पादों को पहुंचाने में मदद करेगी।
11 हजार करोड़ लागत, 32 किमी लंबाई
कानपुर में मेट्रो रेल परियोजना की पूरी लंबाई 32 किलोमीटर है और इसे 11,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया जा रहा है।
मेट्रो उद्घाटन के साथ सवारी भी करेंगे पीएम मोदी
कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के आईआईटी कानपुर से मोती झील तक 9 किलोमीटर लंबे खंड का प्रधानमंत्री मोदी निरीक्षण करेंगे और आईआईटी मेट्रो स्टेशन से गीता नगर तक मेट्रो की सवारी करेंगे।

