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Farmers Protest: साइकिल से 1100 KM का सफर, बिहार से किसान आंदोलन में पहुंचा शख्स

नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के आंदोलन को 20 से ज्यादा दिन हो गए हैं। अभी कोई बीच का रास्ता निकलता नजर नहीं आ रहा है। किसान अपनी मांगों पर अड़े हैं वहीं सरकार का कहना है कि वो किसानों से हर समय बात करने को तैयार है। इस बीच किसानों के आंदोलन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसानों को अहिंसक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है।

टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलटाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलUpdated Dec 17, 2020, 21:48 IST
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Farmers Protest: साइकिल से 1100 KM का सफर, बिहार से किसान आंदोलन में पहुंचा शख्स
Photo Credit: PTI

दिल्ली की सीमाओं पर जारी किसानों के आंदोलन के बीच सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हम किसानों के विरोध-प्रदर्शन के अधिकार को सही ठहराते हैं, लेकिन विरोध अहिंसक होना चाहिए। हम किसानों की दुर्दशा और जिस तरह से चीजें हो रही हैं, उसे लेकर चिंतित हैं। वे भीड़ नहीं हैं। साथ ही न्यायालय ने कहा कि वह इन विवादास्पद कृषि कानूनों के संबंध में कृषि विशेषज्ञों, किसान यूनियनों के प्रतिनिधियों की एक निष्पक्ष तथा स्वतंत्र समिति गठित करने पर विचार कर रहा है। यहां पढ़ें किसान आंदोलन और इससे जुड़ा हर महत्वपूर्ण अपडेट

DEC 17, 2020 21:45 IST

साइकिल से तय किया 1100 किलोमीटर का सफर

दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए बिहार के सिवान से सत्य देव मांझी नामक व्यक्ति ने साइकिल पर 1,100 किलोमीटर का सफर तय किया। उन्होंने बताया, 'मैं चाहता हूं कि मोदी सरकार जल्द से जल्द तीनों कृषि कानूनों को रद्द करे। जब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा मैं यहीं रहूंगा।' 

DEC 17, 2020 20:20 IST

पीएम मोदी ने की अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा, 'कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर जी ने किसान भाई-बहनों को पत्र लिखकर अपनी भावनाएं प्रकट की हैं, एक विनम्र संवाद करने का प्रयास किया है। सभी अन्नदाताओं से मेरा आग्रह है कि वे इसे जरूर पढ़ें। देशवासियों से भी आग्रह है कि वे इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं।'

DEC 17, 2020 18:32 IST

किसानों के लिए कृषि मंत्री का पत्र

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों को 8 पन्नों का पत्र लिखा है। पत्र को ट्विटर पर साझा करते हुए उन्होंने लिखा, 'सभी किसान भाइयों और बहनों से मेरा आग्रह! सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास के मंत्र पर चलते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने बिना भेदभाव सभी का हित करने का प्रयास किया है। विगत 6 वर्षों का इतिहास इसका साक्षी है।आप विश्वास रखिये, किसानों के हितों में किये गए ये सुधार भारतीय कृषि में नए अध्याय की नींव बनेंगे, देश के किसानों को और स्वतंत्र करेंगे, सशक्त करेंगे।' 

DEC 17, 2020 17:51 IST

वकीलों से चर्चा करेंगे किसान

राष्ट्रीय किसान महासंघ के राष्ट्रीय समन्वयक के वी बीजू ने सिंघू सीमा से कहा, 'आज हमारी समिति ने सर्वोच्च न्यायालय में मामले के बारे में निर्णय लिया। हम चार वरिष्ठ सुप्रीम कोर्ट के वकीलों प्रशांत भूषण, दुष्यंत दवे, एचएस फूलका और कॉलिन गोंसाल्वेस से परामर्श करेंगे।' 

DEC 17, 2020 17:51 IST

गाजीपुर बॉर्डर बंद

ट्रैफिक पुलिस ने बताया, 'किसानों के प्रदर्शन के कारण गाजीपुर बॉर्डर (दिल्ली-यूपी बॉर्डर) गाजियाबाद से दिल्ली की ओर आने वाले ट्रैफिक के लिए बंद है। लोगों को दिल्ली आने के लिए वैकल्पिक रास्ता अपनाने की सलाह दी जाती है।'

DEC 17, 2020 15:52 IST

BJP मु्ख्यालय में बैठक

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल किसानों के आंदोलन पर चर्चा के लिए पार्टी महासचिवों के साथ बैठक में भाग लेने के लिए भाजपा मुख्यालय पहुंचे।

DEC 17, 2020 15:04 IST

संसद सत्र नहीं बुलाना सरकार का अहंकार और असंवेदनशीलता: प्रियंका

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने सिख संत राम सिंह की कथित खुदकुशी को लेकर बृहस्पतिवार को मोदी सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि कृषि कानूनों पर चर्चा के लिए संसद सत्र नहीं बुलाना सरकार के अहंकार और असंवेदनशीलता को दिखाता है। उल्लेखनीय है कि संसद का शीतकालीन सत्र इस बार कोरोना महामारी के कारण नहीं होगा। कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका ने ट्वीट किया, ‘कोरोना काल के बीच में संसद चलाकर भाजपा सरकार ने अरबपति मित्रों के लिए बनाए गए कृषि कानूनों को पारित कर दिया लेकिन किसानों की मांग पर, 11 किसानों की शहादत व बाबा राम सिंह की आत्महत्या के बावजूद किसान कानूनों पर चर्चा के लिए संसद नहीं खुल सकती। इतना ज्यादा अहंकार और असंवेदनशीलता।’

DEC 17, 2020 13:56 IST

बातचीत भी करेंगे और प्रदर्शन भीः किसान संगठन

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद किसान संगठनों का कहना है कि वे सरकार के साथ बातचीत करेंगे लेकिन साथ-साथ में उनका प्रदर्शन भी चलता रहेगा। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि प्रदर्शन और बातचीत दोनों साथ-साथ चलेंगे।

DEC 17, 2020 13:56 IST

कोर्ट में सुनवाई स्थगित

सुनवाई के दौरान आठ किसान संगठनों में से किसी के पेश नहीं होने पर कोर्ट ने मामले की सुनवाई स्थगित कर दी है। सीजेआई ने अटार्नी जनरल से कहा कि हम कानून पर रोक नहीं लगा रहे हैं लेकिन क्या आप कोर्ट को यह भरोसा दे सकते हैं कि हमारी तरफ से कोई आदेश पारित करने से पहले आप कानून को लागू नहीं करेंगे? इन कानूनों के तहत कोई भी एग्जीक्यूटिव ऑर्डर नहीं लिया जाएगा? इस पर एजी ने कहा कि यह संभव नहीं है। एजी के इस जवाब पर कोर्ट ने कहा कि इससे हमें फैसला सुनाने में आसानी होगी।
DEC 17, 2020 13:55 IST

किसान संगठनों ने बैठक बुलाई

सुप्रीम कोर्ट की आज की सुनवाई पूरी होने के बाद किसान संगठनों ने अपनी बैठक बुलाई है। सीजेआई ने कहा कि किसान संगठनों के प्रतिनिधि हमारे समक्ष पेश नहीं हैं ऐसे में उन्हें अर्जी की कॉपी भेजनी होगी।   

DEC 17, 2020 13:16 IST

कोर्ट ने कहा- प्रदर्शन के अधिकार में कटौती नहीं कर सकते

सुप्रीम कोर्ट ने अपने अहम फैसले में कहा कि वह किसानों के प्रदर्शन के अधिकार में कटौती नहीं कर सकते लेकिन आंदोलन के दौरान लोगों के अधिकारों का भी उल्लंघन नहीं होना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि सरकार और किसान बातचीत के जरिए इस मसले का हल निकालें।  

DEC 17, 2020 13:06 IST

किसानों को प्रदर्शन करने का अधिकार-कोर्ट

प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि किसानों को प्रदर्शन करने का अधिकार है। हम इसमें दखल नहीं देंगे लेकिन प्रदर्शन किस तरह से हो रहा है हम इसे देखेंगे। किसानों के प्रदर्शन पर हम सरकार से पूछेंगे। प्रदर्शन में थोड़ा बदलाव किया जा सकता है ताकि आम लोगों को आवागमन में कोई दिक्कत न हो। वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कहा कि वह दिल्ली के आम नागरिक की तरफ से पेश हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन से आम नागरिक परेशान हो रहा है। किसानों को आंदोलन करने का हक है लेकिन इसे नागरिक के बाधा रहित आवागमन के अधिकार के साथ संतुलित होना चाहिए।
DEC 17, 2020 12:53 IST

किसान आंदोलन पर एससी में सुनवाई जारी

नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली में किसानों धरना खत्म कराने के लिए दायर अर्जियों पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह आज केवल किसानों के प्रदर्शन एवं नागरिकों के आवागमन के मौलिक अधिकार पर फैसला देगा। शीर्ष अदालत ने कहा कि कानूनों की वैधानिकता पर जो सवाल उठाए गए हैं उस पर वह बाद में विचार करेगा। 

DEC 17, 2020 12:36 IST

दिल्ली के मुख्य मार्गों पर 22वें दिन भी यातायात प्रभावित

नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन चौथे सप्ताह में प्रवेश कर गया है और अब भी हजारों किसान दिल्ली की सीमा पर अपनी मांगों के साथ बैठे हुए हैं।  राष्ट्रीय राजधानी के मुख्य यातायात मार्गों पर 22 वें दिन बृहस्पतिवार को भी प्रदर्शन की वजह से जाम है। किसान सिंघू, टिकरी और गाजीपुर बार्डर पर जमे हुए हैं और इससे दिल्ली के कई मार्ग हैं। शहर की पुलिस ने बताया कि सिंघू, औचंदी, प्याऊ मनियारी, सबोली और मंगेश बॉर्डर बंद है और लोगों से लामपुर, सफियाबाद और सिंघू स्कूल टोल टैक्स बार्डर से होकर वैकल्पिक मार्ग पर जाने को कहा गया है और मुकरबा तथा जीटीके रोड से यातायात मोड़ा गया है। इसमें हरियाणा की ओर जाने वाले लोगों को झाडौदा (सिर्फ एक मार्ग), दौराला, कापसहेड़ा, बडूसराय, रजोकरी एनएच-8, बिजवासन/बजघेड़ा, पालम विहार और डूंडाहेड़ा बार्डर से जाने को कहा गया। उन्होंने कहा कि आउटर रिंग रोड, जीटीके रोड और एनएच-44 पर जाने से बचें।

DEC 17, 2020 10:35 IST

संत बाबा रामसिंह के निधन पर सीएम खट्टर का शोक

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाख खट्टर ने संत बाबा रामसिंह जी के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने कहा कि यह संत समाज, देश, राज्य तथा मेरे लिए अपूरणीय क्षति है। यह अत्यंत दुख का क्षण है, बाबा जी की आत्मा, परमात्मा में विलीन हो। हम उनके दिखाए मानव-कल्याण के मार्ग पर चलने को संकल्पित हैं, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
DEC 17, 2020 10:26 IST

सुप्रीम कोर्ट से अभी नोटिस नहीं मिला-भाकियू

भारतीय किसान यूनियन के नेता एमएसराय ने कहा है कि हमें सुप्रीम कोर्ट से नोटिस नहीं मिला है। नोटिस मिलने के बाद सभी किसान संगठन बैठक करेंगे और इसके बाद निर्णय लेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई के दौरान आठ किसान संगठनों को पक्ष बनाने के लिए कहा है। अर्जियों में दिल्ली बॉर्डर पर जारी धरनास्थलों से किसानों को हटाने की मांग की गई है जिन पर शीर्ष अदालत में सुनवाई चल रही है।

DEC 17, 2020 10:01 IST

कानूनों की वापसी तक जारी रहेगा किसान आंदोलन-अखिलेश

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को अपने एक ट्वीट में कहा कि सरकार जब तक तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा।
DEC 17, 2020 09:21 IST

संत बाबा राम सिंह के शव का पोस्टमार्टम हुआ

बुधवार को सिंघु बॉर्डर पर गोली मारकर खुदकुशी करने वाले सिख उपदेशक के शव का पोस्टमार्टम हो गया है। संत बाबा राम सिंह के शव का आज अंतिम संस्कार किया जाएगा। संत ने अपने साथ एक सुसाइड नोट छोड़ा है जिसमें उन्होंने कहा कि किसानों की पीड़ा उनसे बर्दाश्त नहीं हुई।  पुलिस इस नोट की जांच कर रही है। संत की खुदकुशी पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधा। राहुल ने कहा कि सरकार 'क्रूरता की सारी हदें' पर कर चुकी है। उन्होंने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की। 

DEC 17, 2020 09:20 IST

किसानों को गुमराह कर रहा है विपक्ष : स्वतंत्र देव सिंह

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने बुधवार को विपक्ष पर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुये कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार छह साल से किसानों के जीवन को समृद्ध, उन्नत बनाने और अन्नदाताओं को कृषि के क्षेत्र में अत्यधिक लाभ प्राप्त हो सके इस दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लम्बे समय तक सत्ता में रहते हुए भ्रष्टाचार के नए-नए कीर्तिमान बनाये जिससे देश का अन्नदाता हताश व परेशान रहा। वहीं नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भाजपा की केन्द्र सरकार पिछले छह साल से लगातार किसानों के हित में कार्य करते हुए ऐतिहासिक फैसले ले रही है।
 

DEC 17, 2020 09:20 IST

शाह बोले-किसानों के हितों के प्रति समर्पित है मोदी सरकार 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 3,500 करोड़ रुपये की चीनी निर्यात सब्सिडी के केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले के आलोक में बुधवार को कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार किसानों के हितों के प्रति समर्पित है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘किसानों के हितों के प्रति समर्पित नरेन्द्र मोदी सरकार ने आज एक और बडा निर्णय लेते हुए गन्ना किसानों के लिए 3500 करोड़ रुपये की सहायता को मंजूरी दी। यह राशि सीधे किसानों के खातों में जमा होगी। इस निर्णय से पांच करोड़ गन्ना किसान व पांच लाख कामगार लाभान्वित होंगे।’