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Cyclone Asani : IMD का अनुमान-उत्तर अंडमान में हो सकती है भीषण बारिश, 36 घंटे अहम

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अपने ताजा अपडेट में कहा है कि दबाव बंगाल की खाड़ी के समीप अंडमान सागर के उत्तर में है। दबाव के क्षेत्र के कारण अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में सोमवार को तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। आईएमडी का कहना है कि यह दबाव तीव्र होकर आज शाम तक चक्रवात का रूप ले सकता है। अगर ऐसा होता है तो इसे 'आसनी' के नाम से जाना जाएगा। साल 2022 में भारत में यह पहला चक्रवात होगा। इस चक्रवात का नामकरण श्रीलंका ने किया है।

टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलटाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलUpdated Mar 21, 2022, 15:43 IST
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Cyclone Asani : IMD का अनुमान-उत्तर अंडमान में हो सकती है भीषण बारिश, 36 घंटे अहम
Photo Credit: ANI

चक्रवात के अनुमान को देखते हुए एनडीआरएफ की कई टुकड़ियां सहायता उपकरणों के साथ अंडमान के अलग-अलग इलाकों में तैनात की गई हैं। इसके अलावा सेना, वायु सेना और नौसेना को अलर्ट मोड पर रखा गया है। अंडमान एवं निकोबार के द्वीपों पर पर्यटन गतिविधियां स्थगित की गई हैं। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। तटों के आस-पास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। इससे पहले आईएमडी ने कहा कि चक्रवात 'आसनी' के अंडमान-निकोबार के तटों से टकराने की संभावना काफी कम है। विभाग का कहना है कि उत्तरी अंडमान सागर पर दबाव का क्षेत्र गहरे दबाव के क्षेत्र में बदल गया और यह 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तरपूर्व की ओर बढ़ रहा है-

MAR 21, 2022 14:43 IST

प्रतिघंटे 20 किलोमीटर की रफ्तार से आगे बढ़ा दबाव 

आईएमडी के अधिकारी आरके जेनामणि ने कहा कि उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर बना दबाव अब गहरे दबाव क्षेत्र में तब्दील हो गया है। इसने पिछले छह घंटे में प्रतिघंटे 20 किलोमीटर की रफ्तार से दूरी तय की  है। अभी यह उत्तर अंडमान सागर एवं दक्षिणपूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर है। 

MAR 21, 2022 14:28 IST

उत्तर अंडमान में भीषण बारिश हो सकती है

आईएमडी के वरिष्ठ वैज्ञानिक आरके जेनामणि ने कहा कि अंडमान एवं पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी सहित सभी समुद्री इलाकों में कड़ी चेतावनी जारी की गई है। उत्तर अंडमान के कुछ जगहों पर भारी से अत्यंत भीषण बारिश होने का अनुमान है। निकोबार द्वीप पर ज्यादा बारिश होने की संभावना कम है। ये अनुमान अगले 36 घंटे के लिए हैं। 
MAR 21, 2022 13:40 IST

काफी ऊंची उठ सकती हैं समुद्र की लहरें

मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों का मानना है कि तूफान के तटीय इलाकों से गुजरने के दौरान समुद्र की लहरें काफी ऊंची उठ सकती हैं। इसे देखते हुए अंडमान में अधिकारियों ने अगले दो दिनों तक पर्यटन एवं मछली पकड़ने की सभी गतिविधियों पर रोक लगाई है। 

MAR 21, 2022 13:28 IST

राहत कैंपों में लोगों को रखा गया

अधिकारियों का कहना है कि निचले इलाकों एवं बाढ़ वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित निकालकर उत्तर, मध्य अंडमान एवं साउथ अंडमान जिलों में अस्थाई रूप से बने राहत कैंपों में रखा गया है। 

MAR 21, 2022 13:25 IST

चक्रवात में बदल सकता है दबाव का क्षेत्र 

उत्तरी अंडमान सागर पर बने दबाव के क्षेत्र के कारण अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में सोमवार को तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। दबाव का यह क्षेत्र शाम तक चक्रवात में बदल सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, उत्तरी अंडमान सागर पर दबाव का क्षेत्र गहरे दबाव के क्षेत्र में बदल गया और यह 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तरपूर्व की ओर बढ़ रहा है। आईएमडी ने बताया कि दबाव का क्षेत्र अंडमान द्वीप पर पोर्ट ब्लेयर से करीब 110 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व में है और उसके सोमवार शाम तक चक्रवात में बदलने की संभावना है।

MAR 21, 2022 13:23 IST

म्यांमा की तरफ बढ़ेगा तूफान

आईएमडी ने एक बुलेटिन में कहा, ‘इसके अगले 48 घंटों के दौरान म्यांमा तट की ओर अंडमान द्वीप और उत्तर की ओर बढ़ने की संभावना है।’ अधिकारियों ने बताया कि निचले और बाढ़ के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को निकाल लिया गया है और उन्हें उत्तर तथा मध्य अंडमान और दक्षिण अंडमान जिलों में अस्थायी राहत शिविरों में ठहराया गया है। उन्होंने बताया कि खराब मौसम के कारण अंतरद्वीपीय नौका सेवाओं को रोक दिया गया है और सभी शैक्षणिक संस्थान बंद हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के करीब 150 कर्मियों को तैनात किया गया है और द्वीप के विभिन्न हिस्सों में छह राहत शिविर खोले गए हैं।
 

MAR 21, 2022 13:23 IST

तीनों जिलों में नियंत्रण कक्ष खोले गए

केंद्र शासित प्रदेश के सभी तीनों जिलों में नियंत्रण कक्षों को भी खोला गया है। मौसम कार्यालय ने अगले दो दिनों तक सभी पर्यटन और मत्स्य पालन गतिविधियों को निलंबित करने की सलाह दी है। मछुआरों को सोमवार को दक्षिणपूर्व बंगाल की खाड़ी और सोमवार तथा मंगलवार को अंडमान सागर में न उतरने की सलाह दी गयी है।