Bharat Bandh: पंजाब-हरियाणा में किसानों का जबरदस्त प्रदर्शन, अन्य जगहों पर भी हुआ विरोध
कृषि सुधार से जुड़े विधेयकों के खिलाफ किसान आज सड़कों पर हैं। किसान यूनियनों ने आज 'भारत बंद' का आह्वान किया। इस भारत बंद के दौरान देश में राजमार्ग एवं रेल पटरियां बाधित हो सकती हैं। हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश में किसानों के प्रदर्शन का असर राजधानी दिल्ली में दिख सकता है। इस देशव्यापी प्रदर्शन का आह्वान ऑल इंडिया किसान संघर्ष कोऑर्डिनेशन समिति, ऑल इंडिया किसान महासंघ और भारतीय किसान यूनियन ने किया
Bharat Bandh Today: कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, लेफ्ट, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके एवं टीआरएस सहित करीब 18 पार्टियां ने बंद का अपना समर्थन दिया है। सीटू, एटक एवं हिंद मजदूर सभा सहित 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियन किसानों के साथ अपनी एकजुटता जाहिर कर सकते हैं। किसानों का 'रास्ता रोको' और 'रेल रोको' आंदोलन से आम जनजीवन पर असर पड़ सकता है। किसानों को आशंका है कि इन विधेयकों के लागू हो जाने के बाद फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) खत्म हो सकता है।
पंजाब-हरियाणा में किसानों का जबरदस्त प्रदर्शन
भारत में शुक्रवार को पूरे देश में संसद के मानसून सत्र में पारित कृषि बिलों के विरोध में किसानों ने प्रदर्शन किए। पंजाब और हरियाणा के किसानों ने देश में प्रदर्शन की अगुवाई की, वहीं अन्य राज्य दोनों राज्यों के जोश के सामने फीके दिखे। वास्तव में कर्नाटक में किसानों के प्रदर्शन को ठंडी प्रतिक्रिया मिली। दिल्ली और पश्चिमी उत्तरप्रदेश में पुलिस और अर्धसैनिक बल किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार थे।
पश्चिम बंगाल में कृषि विधेयकों के खिलाफ वाम दलों से जुड़े किसान संगठनों का प्रदर्शन
पश्चिम बंगाल में वाम दलों से जुड़े किसान संगठनों के सदस्यों ने कृषि विधेयकों को वापस लेने की मांग लेकर शुक्रवार को राष्ट्रव्यापी बंद के दौरान विरोध प्रदर्शन किया। माकपा के किसान मोर्चे 'सारा भारत कृषक सभा' और भाकपा, फॉरवर्ड ब्लॉक तथा आरएसपी जैसे वाम साझेदारों से जुड़े किसान संगठनों ने कई जिलों में रैलियां निकालीं और कुछ देर के लिये सड़कें भी जाम कीं।
एमएसपी समाप्त करने का ढांचा है कृषि विधेयक: भाकियू
भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने कृषि विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि यह मंडियां तोड़ने और एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) समाप्त करने की कोशिश है। भाकियू समेत कई किसान संगठनों की ओर से भारत बंद के आह्वान पर जगह-जगह किसान सड़कों पर उतरे हैं। इन विधेयकों का विरोध सबसे ज्यादा पंजाब और हरियाणा के किसान कर रहे हैं। हरियाणा में भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष गुराम सिंह ने पंचकुला जिला स्थित पिंजोर में किसानों को संबोधित किया। इस मौके पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, इन विधेयकों के जरिए इन्होंने (केंद्र सरकार) मंडियां तोड़ने और एमएसपी समाप्त करने का ढांचा खड़ा कर रखा है।
पंजाब, हरियाणा के किसानों ने किया प्रदर्शन
‘पंजाब बंद’ के तहत किसानों ने शुक्रवार को प्रदर्शन शुरू कर दिया। पूर्णतया पंजाब बंद के लिए भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के तत्वावधान में 31 किसान संगठनों ने हाथ मिलाया है। बंद को भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी, किरती किसान यूनियन, भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्रहण), किसान मजदूर संघर्ष समिति एवं भाकियू (लखोवाल) आदि संगठनों ने समर्थन दिया है। भाकियू समेत हरियाणा में कई संगठनों ने विधेयकों के खिलाफ कुछ किसान संगठनों द्वारा आहूत राष्ट्रव्यापारी हड़ताल को समर्थन दिया है। राज्य में कई स्थानों पर किसान यातायात रोकने के लिए सड़कों पर एकत्रित हो गए हैं। अमृतसर में किसान मजदूर संघर्ष समिति के बैनर तले महिला प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन रैली निकाली। पंजाब में शुक्रवार सुबह कई स्थानों पर दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। दुकानदारों से किसानों के समर्थन में अपनी दुकानें बंद रखने की अपील की गई है।
पटना में ट्रैक्टर पर नजर आए तेजस्वी
दिल्ली सीमा पर भारी पुलिस बल तैनात
किसानों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा के समीप भारी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गई है। कृषि सुधार से जुड़े विधेयकों के खिलाफ आज देश भर में किसान विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान संगठनों ने आज 'भारत बंद' का आह्वान किया है।
अमृतसर में भारी पुलिस बल तैनात
कैप्टन की किसानों से अपील
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रदर्शन के दौरान किसानों से कानून एवं व्यवस्था एवं कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की है। पंजाब में किसान 'रेल रोको' आंदोलन चला रहे हैं। यहां किसान आज 'भारत बंद' में भी हिस्सा ले रहे हैं।
अमृतसर में 'रेल रोको' अभियान जारी
13 ट्रेनों के मार्ग में बदलाव
किसानों के प्रदर्शन एवं 'भारत बंद' को देखते हुए सरकार ने एहतियाती कदम उठाए हैं। प्रदर्शन को देखते हुए 13 ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है। अंबाला रेलवे स्टेशन के निदेशक बीएस गिल ने कहा कि हम पंजाब में ट्रेनों के आवगमन से बच रहे हैं।

