Amarnath Cloudburst Updates: अमरनाथ रेस्क्यू ऑपरेशन रात भर रहा जारी, कोई और शव बरामद नहीं, बेस कैंप के आगे भक्तों की आवाजाही की अनुमति नहीं
Amarnath Cloudburst News Updates: अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने से अब तक 16 लोगों की मौत हो गई है। मृतकों की संख्या में और इजाफा हो सकता है। NDRF के मुताबिक अमरनाथ यात्रा घटना में अभी तक तकरीबन 35-40 श्रद्धालु लापता हैं। लोगों को बचाने की हर संभव कोशिश की जा रही है,मेडिकल टीम हादसे वाली जगह पर मौजूद हैं। कई घायलों को एयरलिफ्ट भी किया गया है।
Amarnath Cloudburst News Updates: अमरनाथ गुफा के पास शुक्रवार को बादल फटने से अब तक 16 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। हादसे में 48 से ज्यादा लोग घायल हैं। इसी बीच 35 से 40 श्रद्धालुओं के लापता होने की खबर हैं। बादल फटने से शुक्रवार को 3 लंगर हॉल और 25 टेंट तबाह हो गए। अभी और भी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल खराब मौसम की वजह से यात्रा रोक दी गई है। हर तरफ पानी का तेज बहाव दिखाई दे रहा है। पीएम मोदी और गृहमंत्री शाह ने ट्वीट कर हादसे पर दुख जताया है।
बेस कैम्प के आगे भक्तों की आवाजाही की अनुमति नहीं
अमरनाथ गुफा के पास आज भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, सेना और एयरफोर्स ने झोंकी ताकत
एलजी मनोज सिन्हा ने यात्रियों से शिविरों में ही रहने का अनुरोध किया
जम्मू कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा ने कहा, 'मैं अनुरोध करता हूं कि यात्री शिविरों में ही रहें, प्रशासन उनको आराम से रहने के लिए सभी सुविधाएं मुहैया करा रहा है, हम यात्रा को यथाशीघ्र बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं।'
बचाव कार्य के लिए AirForce की गई तैनात
एलजी मनोज सिन्हा ने की बचाव और राहत अभियान की समीक्षा
जम्मू-कश्मीर एलजी का कार्यालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर एलजी मनोज सिन्हा ने अमरनाथ गुफा में चल रहे बचाव और राहत अभियान की समीक्षा के लिए आज एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस घटना में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं को श्रद्धांजलि देने के लिए बैठक में दो मिनट का मौन रखा गया। प्रशासन सारी सुविधाएं दे रहा है। बचाव और राहत कार्य जोरों पर है। कम से कम समय में मलबा हटाने के लिए सेना, वायु सेना, सीएपीएफ, एनडीआरएफ की टीमें सराहनीय काम कर रही हैं। मैं यात्रियों से शिविरों में रहने का अनुरोध करता हूं। हम यात्रा को जल्द से जल्द बहाल करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।
मलबे में फंसे लोगों निकालने की कोशिश कर रहे हैं- सीआरपीएफ आईजी चारु सिन्हा
सीआरपीएफ आईजी चारु सिन्हा ने कहा कि हमने यहां एक अस्थायी अस्पताल स्थापित किया है और यहां हर दिन 200 से अधिक मरीज मिल रहे हैं, पिछले एक सप्ताह में करीब 1400 का इलाज किया है। जो सभी गंभीर हैं, उन्हें बालटाल के मुख्य अस्पताल में शिफ्ट किया जा रहा है। एनडीआरएफ, सीआरपीएफ, एसडीआरएफ, सेना, जेकेपी पर्वत बचाव दल सहित सभी बल भारी मात्रा में मलबे में फंसे लोगों / शवों को बचाने और निकालने की कोशिश कर रहे हैं। मलबा मिट्टी का है, सूरज निकलेगा तो जम जाएगा, जो समस्या होगी।
अमरनाथ में अचानक बाढ़ अत्यधिक स्थानीय बारिश के चलते आयी: आईएमडी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को कहा कि दक्षिण कश्मीर स्थित अमरनाथ गुफा मंदिर के समीप मची तबाही बादल फटने के कारण नहीं हुई बल्कि बेहद स्थानीय स्तर पर बारिश की एक घटना के कारण हुई। इस घटना में कई लोगों की मौत हो गई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अमरनाथ गुफा मंदिर के पास शुक्रवार शाम साढ़े चार बजे से शाम साढ़े छह बजे तक 31 मिलीमीटर बारिश हुई, जो बादल फटने जैसी किसी घटना के हिसाब से कम है।
जारी है बचाव और राहत का अभियान
अमरनाथ में श्रद्धालुओं की मौत पर झारखंड के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने शोक जताया
जम्मू कश्मीर में पवित्र अमरनाथ गुफा के निकट बादल फटने की घटना में श्रद्धालुओं की मृत्यु होने पर झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस एवं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को गहरा शोक प्रकट किया और शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। राज्यपाल रमेश बैस ने अपने शोक संदेश में कहा, ‘पवित्र अमरनाथ गुफा क्षेत्र में बादल फटने के कारण हुई दुर्घटना में अनेक तीर्थयात्रियों का निधन अत्यन्त दुखद व पीड़ादायी है।’
यात्रा स्थगित
प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि 30 जून से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा को इस त्रासदी के बाद स्थगित कर दिया गया है और बचाव अभियान खत्म होने के बाद इसे फिर से शुरू करने पर फैसला किया जाएगा। शुक्रवार को घटनास्थल पर मौजूद रहे एक अधिकारी ने कहा था कि करीब 40 लोग लापता हैं जबकि पांच को बचा लिया गया है।
अमरनाथ हादसे में 5 लोगों की हुई पहचान
अमरनाथ हादसे में जान गंवाने वाले 16 लोगों में से 5 लोगों की पहचान हो चुकी है। इसमें से 3 राजस्थान और 2 दिल्ली के रहने वाले हैं।
40 लापता लोगों की तलाश के लिए जी जान से सभी टीमें लगी हुई हैं
अमरनाथ हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन तेज हो गया है। लापता 40 लोगों को खोजने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। सेना, एयरफोर्स, NDRF, बीएसफ और कश्मीर पुलिस पूरी जी जान से जुटी हुई है। हालांकि कल हुए हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई है लेकिन सेना ने 15000 लोगों को समय रहते मौके से निकाल भी लिया है। मौके से बचे लोगों का कहना है कि ये बाबा बर्फानी की कृपा और सेना के बड़े राहत और बचा के काम ने ज्यादा बड़ा हादसा होने से बचा लिया नहीं तो मरने वालों की संख्या कहीं ज्यादा होती। अभी 40 लापता लोगों की तलाश के लिए जी जान से सभी टीमें लगी हुई हैं
40 लोग लापता
16 लोगों के मृत्यु की खबर है और 40 के आसपास लोग लापता हैं. रात साढ़े 4 बजे तक रेस्क्यू का काम चला फिर बारिश के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन रोका गया वापस सुबह 6 बजे से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया: अतुल करवाल, DG, NDRF
बाल-बाल बचे तेलंगाना के भाजपा विधायक राजा सिंह
तेलंगाना के भाजपा विधायक टी राजा सिंह दक्षिण कश्मीर में पवित्र अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने से अचानक आई बाढ़ में बाल-बाल बच गए। इस घटना में 13 लोगों की मौत हो गई। हेलीकॉप्टर से अमरनाथ पहुंचे राजा सिंह और उनके परिवार के सदस्यों ने मौसम बिगड़ने से पहले पहाड़ियों से उतरने के लिए खच्चरों का इस्तेमाल करने का फैसला किया।
आईएमडी ने की थी ये भविष्यवाणी
हर साल, आईएमडी अमरनाथ यात्रा के लिए एक विशेष मौसम सलाह जारी करता है। शुक्रवार को जिले के लिए सामान्य, दैनिक पूवार्नुमान येलो अलर्ट (मतलब नजर रखें) का था। यहां तक कि शाम के पूर्वानुमान, अमरनाथ यात्रा पूर्वानुमान वेबसाइट पर शाम 4.07 बजे, पहलगाम की ओर और बालटाल दोनों तरफ से मार्ग के लिए आंशिक रूप से बहुत हल्की बारिश की संभावना के साथ आंशिक रूप से बादल छाए रहने की आशंका थी लेकिन साथ में कोई चेतावनी नहीं थी। आईएमडी के मानदंड के अनुसार, यदि एक घंटे में केवल 100 मिमी वर्षा होती है तो इसे बादल फटना कहा जाता है।
एमआई-17 हेलीकॉप्टर से लाए जा रहे हैं घायल
वायु सेना के मुताबिक, अमरनाथ गुफा स्थल से घायल तीर्थयात्रियों को भारतीय वायु सेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर में आगे के इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा है। खराब मौसम के कारण लद्दाख सेक्टर से श्री घाटी में हेलिकॉप्टरों को लाना मुश्किल हो रहा है।
मौत का आंकड़ा बढ़कर 16 हुआ
सेना द्वारा की जा रही है नाले की तलाशी
भारतीय सेना द्वारा संगम बेस पर अमरनाथ नाला की तलाशी के लिए लापता व्यक्तियों और शवों को खोजा जा रहा है। सेना की ओर से नाला के किनारे रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। फिलहाल किसी हताहत का शव यहा से नहीं मिला है।
लगातार बचाव अभियान में लगी हुई है सेना
हताहतों की संख्या
मारे गए लोग: 15 (महिला: 07, पुरुष: 06, ज्ञात नहीं: 02) इसके अलावा मलबे से निकाले गए 2 घायल जीवित हैं और उनका इलाज किया जा रहा है। बचाव और राहत अभियान जारी है। सुबह हल्की बारिश का अनुमान है। आर्मी के पहले हेलीकॉप्टर ने सुबह 6 बजकर 45 मिनट पर उड़ान भरी और कई घायलों को रेस्क्यू किया। आज सुबह ही दो लोग मलबे से निकाले गए जिन्हें अस्पताल ले जाया गया है।
अभी तक 15 लोगों की मौत
कल अमरनाथ में हुए हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है। जबकि अभी तक करीब 40 लोग लापता बताए जा रहे हैं। कल शाम करीब साढ़े 5 बजे पवित्र गुफा के पास ये हादसा उस समय हुआ था जब अचानक से बादल फट गया और एक घंटे में करीब 28 मिलिमीटर बारिश हो गई। कल से लगातार बचाव और राहत का काम जारी है। बचाव के काम में NDRF, सेना और एयरफोर्स की टीमें लगी हुई हैं। बालटाल पर 4 हैलिपैड हैं जहां से घायलों को निकल कर अस्पतालों तक पहुंचाया जा रहा है।
Amarnath Cloudburst: बचाव और राहत कार्यों में उतरी वायुसेना
वायुसेना के अधिकारियों के मुताबिक, 'भारतीय वायु सेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टरों ने अमरनाथ गुफा स्थल पर बचाव अभियान में शामिल होने के लिए श्रीनगर से उड़ान भरी है। विमान सुबह से ही स्टैंड-बाय पर है, लेकिन श्रीनगर और आसपास के इलाकों में खराब मौसम के कारण उड़ान नहीं भर सका।'
आर्मी लगातार कर रही है रेस्क्यू
40 लोग लापता
अमरनाथ गुफा के पास शुक्रवार शाम को बादल फटने से आयी आकस्मिक बाढ़ के कारण कई लोग बह गये एवं कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई। एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि करीब 40 लोग लापता हैं तथा पांच को बचाया गया है। पुलिस एवं एनडीआरएफ अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में कई टेंट तथा सामुदायिक रसोईघर नष्ट हो गए।
आईटीबीपी का बयान
कल शाम बाढ़ के कारण पवित्र गुफा क्षेत्र के पास फंसे अधिकांश तीर्थयात्री पंजतरणी में स्थानांतरित हो गए हैं। ITBP ने अपने मार्ग खोलने और सुरक्षा दलों को निचली पवित्र गुफा से पंजतरणी तक विस्तारित किया है। कोई भी तीर्थयात्री मार्ग पर नहीं है। करीब 15,000 लोगों को सुरक्षित निकाला गया: आईटीबीपी

