मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासत तेज है। इस सीट पर 30 जुलाई को होने वाले उपचुनाव के लिए भाजपा ने सूबे के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा है। जिसे लेकर उनके समर्थकों में खासी नाराजगी देखी जा रही है। वहीं दूसरी ओर नरोत्तम मिश्रा आशुतोष तिवारी के समर्थन में बयान भी दे रहे हैं। टिकट कटने के बाद आज नरोत्तम मिश्रा दिल्ली दरबार में भी हाजिर हुए। यहां उन्होंने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन संग मुलाकात भी की।
उपचुनाव में आशुतोष तिवारी जरूर जीतेंगे- नरोत्तम मिश्रा
भाजपा शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात के बाद नरोत्तम मिश्रा ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने राजधानी दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उपचुनाव में आशुतोष तिवारी जरूर जीतेंगे। पार्टी की ओर से टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने कहा कि वह पार्टी के फैसले का सम्मान करते हैं और अपनी कमियों पर मंथन करेंगे। उन्होंने कहा कि मेरा कद नहीं, पार्टी बड़ी है। मैं हमेशा की तरह एक कार्यकर्ता के रूप में काम करता रहूंगा। मैं किसी को दोष नहीं दूंगा, बल्कि अपने अंदर की कमी पर चिंतन करूंगा।
उन्होंने कहा कि पार्टी ने जिस उम्मीदवार पर भरोसा जताया है, वह पूरी मजबूती के साथ उसके साथ खड़े रहेंगे। सूबे के पूर्व गृहमंत्री ने कहा कि मेरे अंदर ही कोई कमी होगी। आशुतोष तिवारी जरूर जीतेंगे और हम सभी कार्यकर्ता मिलकर उन्हें जीत दिलाने के लिए काम करेंगे। नरोत्तम मिश्रा ने यह भी कहा कि भाजपा में संगठन सर्वोपरि होता है और पार्टी का हर कार्यकर्ता नेतृत्व के फैसले का सम्मान करता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर चुनाव में जुटने की अपील करते हुए कहा कि जीत सुनिश्चित करने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।
इससे पहले बीती शाम उन्होंने भोपाल में सीएम मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन महासचिव अजय जामवाल के साथ बैठक की थी। इस मुलाकात के बाद नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि उन्हें पार्टी के फैसले से कोई नाराजगी नहीं है और वह संगठन के निर्देशों के अनुसार काम करेंगे।
पार्टी बदलने की अफवाहों को भी किया खारिज
नरोत्तम मिश्रा ने इस दौरान पार्टी बदलने की अफवाहों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि पार्टी बदलने जैसी कोई बात नहीं है और उन्होंने ऐसा कभी नहीं कहा। उन्होंने कहा कि वह दतिया से भाजपा उम्मीदवार के नामांकन में शामिल होंगे और यदि पार्टी चाहेगी तो उम्मीदवार अशुतोष तिवारी के चुनाव प्रचार में भी पूरी सक्रियता से भाग लेंगे। नरोत्तम मिश्रा ने कार्यकर्ताओं से पत्थरबाजी या विरोध के किसी भी हिंसक तरीके से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि सभी मुद्दों पर बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाएगा।
बता दें कि राजनीतिक गलियारों में टिकट नहीं मिलने के बाद नरोत्तम मिश्रा की नाराजगी को लेकर कई तरह की अटकलें लगने लगी थीं, लेकिन उनके ताजा बयान को पार्टी नेतृत्व के प्रति प्रतिबद्धता और संगठन के फैसले को स्वीकार करने के संदेश के रूप में देखा जा रहा है। बता दें कि भाजपा के लिए आगामी उपचुनाव प्रतिष्ठा का विषय माना जा रहा है और ऐसे में पार्टी नेतृत्व किसी भी तरह की अंदरूनी नाराजगी को खत्म कर संगठनात्मक एकजुटता का संदेश देने में जुटा है। नरोत्तम मिश्रा के बयान को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
