जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय (Jamia Millia Islamia) ने फाइनल ईयर के छात्र-छात्राओं के लिए परीक्षा नियमों में एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (EC) ने इससे जुड़े 'अध्यादेश-15' (Ordinance-15) में भी संशोधन को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस नए नियम के लागू होने से उन हजारों छात्रों को सबसे बड़ी राहत मिलने वाली है, जिनकी डिग्री किसी बैकलॉग पेपर की वजह से अटक हुई थी। इस नियम के अनुसार बैकलॉग के कारण किसी भी छात्र की डिग्री नहीं रुकेगी।
अब नहीं करना होगा अगले रेगुलर एग्जाम का इंतजार
JMI के नए नियमों के अनुसार, अंतिम सेमेस्टर या अंतिम वर्ष के ऐसे छात्र, जिनका किसी भी पिछले सेमेस्टर या वर्ष का कोई बैकलॉग पेपर (बैक) लंबित है, वे अब सीधे कंपार्टमेंट परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। बता दें कि इससे पहले छात्रों को अपना बैकलॉग क्लियर करने और डिग्री पूरी करने के लिए अगले साल होने वाली रेगुलर परीक्षा का लंबा इंतजार करना पड़ता था, जिससे उनका पूरा साल बर्बाद होने का खतरा रहता था। इसी को ध्यान में रखते हुए नया नियम लाया गया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कंपार्टमेंट परीक्षा अंतिम सेमेस्टर या अंतिम वार्षिक परीक्षा के परिणाम आने के बाद आयोजित की जाएगी, जिसके शेड्यूल की जानकारी परीक्षा नियंत्रक कार्यालय द्वारा अलग से जारी की जाएगी।
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केवल रेगुलर छात्रों को मिलेगा इसका लाभ
किसे मिलेगा लाभ: यह नई सुविधा केवल जामिया के रेगुलर कोर्स में पढ़ने वाले छात्रों के लिए ही मान्य होगी।
डिस्टेंस एजुकेशन: जामिया में डिस्टेंस एजुकेशन प्रोग्राम के तहत पढ़ाई कर रहे छात्र इस नए नियम के दायरे में शामिल नहीं होंगे।
कैरी ओवर सिस्टम: जिन कोर्सेज में पहले से 'कैरी ओवर सिस्टम' लागू है, उनमें सामान्य तौर पर कंपार्टमेंट परीक्षा आयोजित नहीं होगी। हालांकि, फाइनल ईयर के छात्रों को अपवाद के तौर पर किसी भी वर्ष के बैकलॉग के लिए कंपार्टमेंट देने की अनुमति रहेगी। इसके अतिरिक्त, अन्य वर्षों के छात्र पहले की तरह ही अपना रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के भीतर रिवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकेंगे।
