Murshidabad riots : मुर्शिदाबाद के दंगों पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बैकफुट पर हैं। इन दंगों के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ममता पर आक्रामक है और उन पर लगातार हमले कर रही है। मंगलवार को भाजपा नेता दिलीफ घोष ने ममता सरकार पर आरोप लगाया कि वह यहां पर बांग्लादेश जैसे हालात उत्पन्न कर रही है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि 'राम नवमी से पहले माहौल उग्र बनाकर पश्चिम बंगाल की सीएम हिंदुओं को उनके घरों के भीतर हीं बंद रखने की साजिश रच रही थीं।' घोष ने कहा कि सरकार का काम आरोप-प्रत्यारोप लगाना नहीं है। राज्य में चुनाव से पहले हिंदुओं को डराने-धमकाने और उनमें डर पैदा करने का माहौल बनाया जा रहा है। इस बीच, सरकारी सूत्रों ने कहा है कि मुर्शिदाबाद दंगों पर ममता सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट से अवगत कराया है। ममता सरकार ने अपनी इस रिपोर्ट में कथित बांग्लादेश उपद्रवियों की संलिप्तता का संकेत दिया है।
हिंदुओं को उनके घर में कैद रखने की रची गई साजिश
भाजपा नेता ने कहा, 'राम नवमी से पहले राज्य में अशांति का माहौल पैदा किया और फिर हिंदू बाहर नहीं निकल सकें, उन्हें घर में ही कैद करने की साजिश रची। इसमें ममता सरकार नाकाम हुई। तमाम अवरोधों के बाद राम नवमी का जश्न मनाने के लिए हिंदू बड़ी संख्या में घरों से बाहर निकले। ममता सरकार यहां बांग्लादेश जैसे हालात बनाने में उपद्रवियों की मदद कर रही है। यदि उपद्रवी बाहर से आए हैं तो उन्हें पकड़ा क्यों नहीं जा रहा है?'
मजूमदार ने राहत शिविर का दौरा किया
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने सोमवार को मालदा के एक स्कूल में स्थापित राहत शिविर का दौरा किया। इस राहत शिविर में मुर्शिदाबाद हिंसा के पीड़ित कई हिंदू परिवारों ने शरण ली है। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री मजूमदार ने मालदा में कालियाचक ब्लॉक-तीन के परलालपुर हाईस्कूल में स्थापित अस्थायी शिविर का दौरा किया, जहां उन्होंने विस्थापित परिवारों के सदस्यों से बातचीत की, जिनमें से कई महिलाएं और बच्चे थे। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार मालदा में लगभग 640 लोगों ने शरण ली है, जिनमें से 550 लोग वर्तमान में हाईस्कूल शिविर में, जबकि बाकी लोग अपने रिश्तेदारों के साथ निकटवर्ती गांवों में रह रहे हैं।
'लोगों के घर जलाए गए, संपत्तियां नष्ट की गईं'
मजूमदार ने राहत शिविर का दौरा करने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘कई महिलाएं अपनी आपबीती बताते हुए रो पड़ीं। उनके घरों को आग लगा दी गई, संपत्ति नष्ट कर दी गई और उन्हें जान से मारने की धमकियां दी गईं। एक महिला ने अपने चार दिन के बच्चे के साथ यहां शरण ली है।’
पश्चिम बंगाल के मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ शुक्रवार को भड़की हिंसा में तीन लोग मारे गए और कई घायल हो गए।
