Ram Mandir Pran Pratishtha Invitation: कांग्रेस नेताओं ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के न्योते को ठुकरा दिया है, जिसके बाद से भाजपा की ओर से हमला जारी है। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, मल्लिकर्जुन खड़गे और अधीर रंजन चौधरी को राम मंदिर का आमंत्रण मिला था। आमंत्रण ठुकराने के बाद भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस का फैसला आश्चर्य जनक नहीं है। कांग्रेस राम मंदिर के खिलाफ ही रही है।
भाजपा प्रवक्ता ने घेरा
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता नलिन कोहली ने पीटीआई से कहा कि 'कांग्रेस आधिकारिक तौर पर कह रही है कि उसके वरिष्ठ नेता 22 जनवरी को अयोध्या नहीं जाएंगे। इसमें कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए। क्योंकि पिछले कुछ दशकों में उसने वास्तव में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया ताकि अयोध्या में मंदिर बने। भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती संप्रग सरकार ने वास्तव में भगवान राम के अस्तित्व को नकारने के लिए उच्चतम न्यायालय के समक्ष एक हलफनामा दायर किया था। उन्होंने कहा, "वे कभी नहीं चाहते थे कि इस मुद्दे पर जल्द सुनवाई हो। अब जब वहां एक मंदिर बन गया है, तो तथ्य यह है कि वे कह रहे हैं कि वे वहां नहीं जाएंगे। यह उस बात की ही एक कड़ी है जिसे वे हमेशा मानते रहे हैं। वे वहां मंदिर नहीं चाहते थे।"
मनोज तिवारी ने रावण से की तुलना
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने भी निमंत्रण ठुकराने के लिए कांग्रेस नेताओं की आलोचना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शासन में आज भारत में 'त्रेता युग का राम राज्य' वापस आ गया है और जो लोग 22 जनवरी को अयोध्या में समारोह में शामिल नहीं होंगे, वे जीवन भर 'पछताएंगे'। कांग्रेस पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए तिवारी ने राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा उन लोगों को निमंत्रण दिए जाने पर 'आश्चर्य' जताया जो कभी अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण नहीं चाहते थे। उन्होंने कहा- "फिर भी उन्हें आमंत्रित किया गया है। इसके बावजूद वे अपना दिमाग खो बैठे हैं। मैं समझता हूं कि त्रेता युग में रावण ने भी अपना दिमाग खो दिया था।"
कांग्रेस का फैसला
कांग्रेस ने बुधवार को घोषणा की कि खरगे, सोनिया और चौधरी ने राम मंदिर में राम लला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के निमंत्रण को 'सम्मानपूर्वक अस्वीकार' कर दिया है। साथ ही पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने 'चुनावी लाभ' के लिए इसे 'राजनीतिक परियोजना' बना दिया है।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (News in Hindi) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। देश (India News) अपडेट और (आज की ताजा खबर) के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से ।
