NITI Aayog Meeting: भाजपा के नेताओं ने इंडिया गठबंधन में शामिल दलों के मुख्यमंत्रियों पर निशाना साधा है जिन्होंने केंद्रीय बजट में अपने-अपने राज्यों के प्रति कथित पक्षपात के कारण 27 जुलाई को होने वाली नीति आयोग की बैठक के बहिष्कार की घोषणा की है। कांग्रेस शासित कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, हिमाचल प्रदेश के सुखविंदर सिंह सुक्खू और तेलंगाना के रेवंत रेड्डी ने नीति आयोग की बैठक में हिस्सा नहीं लेने की घोषणा की है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री व द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम के नेता एम. के. स्टालिन, केरल के मुख्यमंत्री व मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता पिनराई विजयन और आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब व दिल्ली की सरकारों ने भी बैठक के बहिष्कार की घोषणा की है।
ममता बनर्जी ने दौरा रद्द किया
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बैठक में शामिल होने के लिए गुरुवार को दिल्ली आने वाली थीं लेकिन उन्होंने अपनी योजना रद्द कर दी है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि शनिवार को बैठक में हिस्सा लेंगी या नहीं। इस फैसले के लिए विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि वे हतोत्साहित हैं। शर्मा ने कहा, विपक्ष हताश है, उसके पास कोई मुद्दा नहीं है। वे सिर्फ अफवाहें फैलाते हैं, और अफवाहों के आधार पर विमर्श गढ़ते हैं। वे आरक्षण पर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। फिर, उन्होंने नीट के बारे में बात करनी शुरू कर दी और (नीट के मुद्दे पर) भारतीय शिक्षण संस्थानों को बदनाम करने के लिए अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों के साथ साठगांठ की। उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद, उनके मुंह बंद हो गए।
भाजपा ने साधा निशाना
भाजपा नेता राजीव प्रताप रूडी ने भी विपक्षी दलों पर निशाना साधा। रूडी ने कहा, नीति आयोग एक तटस्थ मंच है। बजट से इसका कोई लेना देना नहीं है। यदि नीति आयोग परामर्श के लिए बुला रहा है, तो सभी को भाग लेना चाहिए। यदि कोई राजनीतिक कारणों से इससे बचना चाहता है, तो मैं मुझे कोई टिप्पणी नहीं करनी।
आप भी करेगी बहिष्कार
इस बीच, आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह ने कहा कि न तो पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और न ही दिल्ली सरकार का कोई प्रतिनिधि बैठक में शामिल होगा। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की सांसद महुआ माझी ने कहा कि उनकी पार्टी राज्य के हितों के आधार पर फैसला लेगी। झामुमो इंडिया गठबंधन का घटक दल है। बीजू जनता दल (बीजद) के सांसद सस्मित पात्रा ने विपक्षी दलों द्वारा लिए गए निर्णय का समर्थन किया और केंद्र पर बजट में राज्यों को उनका हिस्सा न देने का आरोप लगाया।
