ओडिशा में बीजेपी ने बीजू जनता दल (BJD) को बड़ा झटका दे दिया है। कभी नवीन पटनायक के खास रहे देवाशीष सामंतराय, आज भाजपा (BJP) में शामिल हो गए हैं। दिल्ली में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ली। इससे पहले सोमवार को देवाशीष सामंतराय ने बीजद से इस्तीफा दे दिया था। देवाशीष इस समय राज्यसभा सांसद थे। उन्होंने सांसद के पद से भी कल ही इस्तीफा दे दिया था, उनका कार्यकाल 2030 तक था। समंतराय के इस्तीफे के साथ, राज्यसभा में बीजद की संख्या घटकर पांच सांसदों तक रह गई है।
कौन हैं देवाशीष सामंतराय?
देवाशीष सामंतराय का राजनीतिक सफर पारिवारिक विरासत से शुरू हुआ। उनके पिता नित्यानंद सामंतराय कांग्रेस के विधायक रह चुके थे, जिसके बाद देवाशीष ने भी राजनीति की राह चुनी। साल 2000 में उन्होंने त्रितोल विधानसभा सीट से जीत हासिल कर पहली बार ओडिशा विधानसभा में एंट्री की। इसके बाद उन्होंने कटक की बाराबती सीट पर मजबूत राजनीतिक पकड़ बनाई और 2009 व 2014 के विधानसभा चुनावों में लगातार जीत दर्ज की। हालांकि 2019 के चुनाव में उन्हें कांग्रेस नेता मोहम्मद मोकिम के हाथों हार का सामना करना पड़ा। मोकिम ने उन्हें 3,827 वोटों से मात दी थी। राजनीतिक झटके के बावजूद बीजेडी नेतृत्व का उन पर भरोसा कायम रहा। इसी भरोसे के चलते नवीन पटनायक ने 2024 में उन्हें राज्यसभा भेजने का फैसला किया।
टूट रही BJD
ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजद प्रमुख नवीन पटनायक के लंबे समय तक करीबी सहयोगी रहे सामंतराय ने सोमवार को यह आरोप लगाते हुए पार्टी और राज्यसभा दोनों से इस्तीफा दे दिया था कि संगठन में उन्हें "व्यवस्थित तरीके से नजरअंदाज और अपमानित" किया जा रहा था। उनके पार्टी छोड़ने से कुछ महीने पहले बीजद के दो अन्य राज्यसभा सांसद - सुजीत कुमार और ममता महंता - ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। बाद में दोनों भाजपा के टिकट पर राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए।
