Waqf Board: कांग्रेस की पूर्व अध्यक्षा और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी ने सीपीपी की बैठक में गुरुवार को वक्फ बिल पर पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी और उन्होंने बिल को संविधान पर एक हमला करार दिया। उन्होंने कहा कि कल वक्फ संशोधन बिल 2024 लोकसभा में पारित किया गया था और इसे आज राज्यसभा में पेश किया जाना है। यह विधेयक जबरदस्ती पारित किया गया है।
उन्होंने दावा किया कि यह विधेयक संविधान पर सरेआम हमला है तथा यह समाज को स्थायी ध्रुवीकरण की स्थिति में बनाए रखने की भाजपा की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने संसद भवन परिसर में सीपीपी की बैठक में 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' संबंधी विधेयक, मनरेगा, संसद में गतिरोध और कई अन्य विषयों को लेकर सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखे प्रहार किए।
लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पारित
लोकसभा ने बुधवार को विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्यों के कड़े विरोध के बीच और साढ़े 10 घंटे से अधिक समय तक चर्चा करने के बाद देर रात करीब दो बजे वक्फ़ (संशोधन) विधेयक, 2025 और मुसलमान वक्फ़ (निरसन) विधेयक, 2024 को पारित किया।
केंद्र पर जमकर बरसीं सोनिया गांधी
सोनिया गांधी ने कहा कि यह हमारे लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को बोलने की अनुमति नहीं मिल रही है। इसी तरह, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष (मल्लिकार्जुन) खरगे जी को बार-बार अनुरोध के बावजूद वह कहने की अनुमति नहीं दी जाती है, जो वह कहना चाहते हैं और वास्तव में उन्हें कहना चाहिए। आपकी तरह मैं भी इसकी साक्षी रही हूं कि कैसे सदन हमारी वजह से नहीं, बल्कि खुद सत्तापक्ष के विरोध के कारण स्थगित होता है।
