बेनेट विश्वविद्यालय, जो देश के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों में से एक है, ने आज अपना सातवां दीक्षांत समारोह आयोजित किया। विभिन्न विषयों के 1,900 से अधिक छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं। समारोह में कई विशिष्ट अतिथियों ने शिरकत की, जिनमें नादिर बी. गोदरेज, चेयरपर्सन, गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप, और रितेश अग्रवाल, संस्थापक एवं समूह सीईओ, PRISM (OYO), शामिल रहे। दोनों को अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए मानद ‘होनोरिस कॉजा’ उपाधि से सम्मानित किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए बेनेट विश्वविद्यालय के चांसलर और टाइम्स समूह के प्रबंध निदेशक विनीत जैन ने कहा, “जब आप जीवन की अगली यात्रा की ओर बढ़ रहे हैं, यह याद रखें कि आपकी डिग्री आपकी शिक्षा का अंत नहीं, बल्कि एक ऐसी शुरुआत है जहां आप दुनिया में सार्थक बदलाव ला सकते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “जिस दुनिया में आप कदम रखेंगे, वह तेजी से बदलने वाली, अनिश्चितताओं से भरी और अवसरों से सम्पन्न होगी। ऐसे में आपकी सीख आपके निर्णयों की आधारशिला बने, जिज्ञासा आपको आगे बढ़ाए, ईमानदारी आपके मार्गदर्शक सिद्धांत बने और संवेदनशीलता आपके नेतृत्व की ताकत।”
विचारों, नवाचार और शिक्षा की परिवर्तनकारी शक्ति पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “टाइम्स समूह एक ऐसा संगठन है, जो विचारों, सीखने और नवाचार पर आगे बढ़ता है। मैंने अपनी आंखों से देखा है कि शिक्षा कैसे जीवन, परिवारों और पूरी पीढ़ियों को बदल देती है। जब हमने बेनेट विश्वविद्यालय की स्थापना की, तो हमारा विजन बिल्कुल स्पष्ट था- शिक्षा, शोध और नवाचार में वैश्विक नेतृत्व हासिल करना और उच्च शिक्षा के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाना। हमारा उद्देश्य ऐसा विश्वविद्यालय बनाना था, जो युवाओं को सिर्फ उनके करियर के लिए ही नहीं, बल्कि उस जीवन के लिए भी तैयार करे जिसकी वे आकांक्षा रखते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “टाइम्स समूह का हिस्सा होने के नाते, बेनेट विश्वविद्यालय को 187 साल की विश्वसनीयता, नवाचार और जनता के विश्वास पर बनी विरासत से शक्ति मिलती है। हमारा हमेशा मानना रहा है कि जब ज्ञान को उद्देश्य के साथ साझा किया जाता है, तो वह प्रगति का एक शक्तिशाली साधन बन जाता है। बेनेट विश्वविद्यालय के ऑनलाइन कार्यक्रमों की शुरुआत के साथ, हम इसी मिशन को आगे बढ़ा रहे हैं- उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा को हर जगह सीखने वालों तक पहुंचाकर इसे और अधिक समावेशी, लचीला और भविष्य के अनुरूप बना रहे हैं।”
आज की एआई-संचालित दुनिया में युवाओं की खास भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, “आप वह पीढ़ी हैं जो सचमुच एआई-नेटिव है। आपके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोई बाधा नहीं, बल्कि हमेशा से एक साथी रहा है। आपके पास इसे सहज रूप से समझने, आकार देने और अपने भविष्य में इसकी भूमिका तय करने का लाभ है। इस नए युग के अग्रदूत होने के नाते आप एआई में एक स्वाभाविक दक्षता रखते हैं और तकनीक के भविष्य को नैतिक रूप से दिशा देना आपकी जिम्मेदारी है।”
2025 के स्नातक वर्ग को बधाई देते हुए विनीत जैन ने कहा, “आत्मविश्वास और उद्देश्य के साथ आगे बढ़ें। यह आपका चमकने का क्षण है। इसे गर्व और खुशी के साथ मनाएं। याद रखें-सच्ची सफलता सिर्फ इस बात से नहीं मापी जाती कि आप कितनी ऊंचाई तक पहुंचे, बल्कि इससे कि आपने अपने रास्ते में कितनों को ऊपर उठाया। एक सफल करियर ही नहीं, बल्कि ऐसा अर्थपूर्ण जीवन बनाएं जो स्थायी बदलाव लाए।”
इस अवसर पर मानद डॉक्टरेट से सम्मानित नादिर बी. गोदरेज ने अपने संबोधन में कहा कि आज की तेजी से बदलती दुनिया में निरंतर सीखना और अनुकूलन क्षमता बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि सफलता अब रटने से नहीं, बल्कि व्यावहारिक ज्ञान, टीमवर्क और नई कौशलों को तेजी से सीखने की क्षमता पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा, “दुनिया इतनी तेजी से बदल रही है कि भविष्य की चीजें अतीत जैसी नहीं लगेंगी। इसलिए इस प्रतिस्पर्धी माहौल में बने रहने के लिए नए कौशल लगातार और तेज रफ्तार से सीखते रहना जरूरी है, ताकि आप पीछे न रह जाएं। आने वाले कौशल क्या होंगे, यह अनुमान लगाना मुश्किल है-इसलिए चपलता, व्यापक सीख और लचीलापन उतना ही जरूरी है जितना ज्ञान, और उससे भी ज्यादा उसका वास्तविक जीवन में उपयोग।” उन्होंने आगे कहा, “विशेष ज्ञान भले कम महत्वपूर्ण हो, लेकिन दूसरों के साथ अच्छे से संवाद करना और यह समझ पाना कि क्या चीज आजमाने लायक है- यह कहीं ज्यादा अहम है।”
मानद उपाधि स्वीकार करते हुए रितेश अग्रवाल ने छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि तुलना के जाल से बाहर निकलकर अपने व्यक्तिगत विकास पर ध्यान देना चाहिए। हर व्यक्ति की यात्रा अलग होती है और लक्ष्य यह होना चाहिए कि खुद को हर दिन थोड़ा बेहतर बनाया जाए। उन्होंने कहा, “मैं चाहता हूं कि आप समझें- तुलना सबसे बड़ी चुनौती है जिसे आपको पीछे छोड़ना होगा। दूसरों से प्रेरित हों, लेकिन अपनी कहानी आप ही लिखें, क्योंकि दो लोगों की यात्राएं कभी एक जैसी नहीं होतीं। हर दिन खुद से पूछिए-मैं कल से 1% बेहतर कैसे बन सकता हूं? अगर आप लगातार थोड़ा-थोड़ा बेहतर होते रहे, तो आगे चलकर आप खुद अपने बदलाव को पहचान नहीं पाएंगे।”
बेनेट विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) राज सिंह ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें विश्वविद्यालय की उपलब्धियों, विकास और नई पहलों का उल्लेख किया गया। उन्होंने कहा, “विश्वविद्यालय के 10वें वर्ष में प्रवेश करते हुए हमने NEP 2020 को पूरी तरह लागू कर दिया है और Outcome Based Education प्रणाली को अपनाया है, जो सीखने को उद्देश्यपूर्ण बनाती है और छात्र को केंद्र में रखती है।” उन्होंने जानकारी दी,
“हाल ही में बेनेट विश्वविद्यालय ने दुनिया के शीर्ष विश्वविद्यालयों-यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज, यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया बर्कले, यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया डेविस- के साथ महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं।”
समारोह में गर्व से भरे अभिभावक भी उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने बच्चों की उपलब्धियों का जश्न मनाया। कुल 1907 छात्रों (25 पीएचडी, 352 परास्नातक, 1528 स्नातक और दो पीजी डिप्लोमा) को विभिन्न विषयो-कंप्यूटर साइंस, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग फिजिक्स, बायोटेक्नोलॉजी, प्रबंधन, कानून, मीडिया तथा लिबरल आर्ट्स—में डिग्रियां और मेधावी प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। साथ ही एक चांसलर गोल्ड मेडल, चार चांसलर सिल्वर मेडल और 15 वाइस चांसलर गोल्ड मेडल प्रदान किए गए। दीक्षांत समारोह में स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के अनुज कुमार पांडे को उत्कृष्ट प्रदर्शन और अकादमिक उत्कृष्टता के लिए चांसलर गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया।
चांसलर पदक विजेताओं की सूची
| Name of the Student | Program | Award |
| Anuj Kumar Pandey | B. Tech (CSE) | Chancellor’s Gold Medal |
| Roshan Singh Lamba | B.A. LLB | Chancellor’s Silver Medal |
| Raunak Shukla | B. Tech (CSE) | Chancellor’s Silver Medal – Innovation and Entrepreneurship |
| Ayush Kumar Thakur | B. Sc. (Computing) | Chancellor’s Silver Medal – Sports |
| Awiral Anadi Singh | B.A (Film, TV & Web Series) | Chancellor’s Silver Medal – Cultural |
| Medal | Description |
| Chancellor’s Gold Medal | Overall Star Performer including Academics |
| Chancellor’s Silver Medals | Awarded in the following categories: Best All-round Student, Sports, Cultural, Innovation and Entrepreneurship |
कुलपति पदक विजेताओं की सूची
| Name of the Student | Program | Award |
| Sunidhi Puri | Master of Computer Applications | Vice Chancellor’s Gold Medal |
| Vidisha Arvind | Master of Technology (Computer Science and Engineering) | Vice Chancellor’s Gold Medal |
| Kavya Morya | Master of Law | Vice Chancellor’s Gold Medal |
| Srijani Dey | Master of Law | Vice Chancellor’s Gold Medal |
| Ishika Jain | Master of Business Administration | Vice Chancellor’s Gold Medal |
| Name of the Student | Program | Award |
| Samrat K | Bachelor of Computer Applications | Vice Chancellor’s Gold Medal |
| Avi Mandavia | Bachelor of Technology (Computer Science and Engineering) | Vice Chancellor’s Gold Medal |
| Tanisha Anand | Bachelor of Technology (Biotechnology) | Vice Chancellor’s Gold Medal |
| Tina Pali | LL.B (Hons.) | Vice Chancellor’s Gold Medal |
| Raga Sri Nithya Anumolu | BA LL.B (Hons.) | Vice Chancellor’s Gold Medal |
| Udit Gupta | BBA LL.B (Hons.) | Vice Chancellor’s Gold Medal |
| Mihika Kulshrestha | Bachelor of Arts (Liberal Arts) | Vice Chancellor’s Gold Medal |
| Hridhita Anjal | Bachelor of Business Administration | Vice Chancellor’s Gold Medal |
| Pranavi Ambati | Bachelor of Arts (Journalism & Mass Communication) | Vice Chancellor’s Gold Medal |
| Kabir Choudhary | Bachelor of Arts (Film, Television and Web Series) | Vice Chancellor’s Gold Medal |
कुलपति स्वर्ण पदक उन विद्यार्थियों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा संचालित अपने-अपने कार्यक्रमों/विषयों में प्रथम स्थान प्राप्त किया हो।
| Name of the Student | Award |
| Aditya Sinha | Merit Certificate |
| Smriti Goel | Merit Certificate |
| Dhruv Wadhwa | Merit Certificate |
| Shantanu Sharma | Merit Certificate |
| Deepak M Panwar | Merit Certificate |
| Shreyas Reddy B N S | Merit Certificate |
