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Most Polluted City: बिहार का बेगूसराय दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर, IQ Air की रिपोर्ट में खुलासा

  • Compiled by: रवि वैश्य
  • Updated Mar 19, 2024, 04:50 PM IST

world's most polluted city Begusarai: बिहार का शहर बेगुसराय पिछले साल दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर है,बेगुसराय में औसत वार्षिक PM2.5 सांद्रता 118.9 थी, जो WHO के दिशानिर्देशों से 23 गुना अधिक है, आईक्यूएयर रैंकिंग में बेगुसराय के बाद गुवाहाटी, दिल्ली हैं।

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दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बेगुसराय

KEY HIGHLIGHTS
  1. बिहार का शहर बेगुसराय पिछले साल दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर
  2. 2023 में बेगुसराय में औसत PM2.5 118.9 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया
  3. दिल्ली दुनिया का सबसे प्रदूषित राजधानी शहर

स्विस संगठन IQAir द्वारा जारी विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में दुनिया के शीर्ष 10 सबसे प्रदूषित शहरों में से नौ भारत में थे, जिसमें बिहार का बेगुसराय शहर सबसे प्रदूषित शहर होने का गौरव अर्जित कर रहा है। 2023 में बेगुसराय में औसत PM2.5 118.9 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, इसके बाद गुवाहाटी में 105.4 दर्ज किया गया।

दिल्ली दुनिया का सबसे प्रदूषित राजधानी शहर था, जहां औसत PM2.5 77.4 था। यह समग्र सूची में छठे स्थान पर आया, रिपोर्ट में कहा गया है कि मामले को बदतर बनाने के लिए, भारत 134 देशों में से तीसरा सबसे प्रदूषित देश बनकर उभरा है।

PM2.5 को 'फाइन पार्टिकुलेट मैटर' कहा जाता है

भारत 2022 में औसतन 53.3 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की पीएम2.5 सांद्रता के साथ आठवां सबसे प्रदूषित देश रहा था। पीएम2.5 को 'फाइन पार्टिकुलेट मैटर' कहा जाता है। ये कण 2.5 माइक्रोन या छोटे आकार के होते हैं और ये सांस लेने के दौरान निचले श्वसन तंत्र तक पहुंच जाते हैं।

बेगूसराय औसतन 118.9 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की पीएम2.5 सांद्रता के साथ वैश्विक स्तर पर सबसे प्रदूषित महानगर दर्ज किया गया है जबकि 2022 की रैंकिंग में इस शहर का नाम भी नहीं था।

दिल्ली 2018 के बाद से चौथी बार दुनिया में सबसे प्रदूषित राजधानी शहर चिह्नित

दिल्ली 2018 के बाद से चौथी बार दुनिया में सबसे प्रदूषित राजधानी शहर चिह्नित किया गया है।रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसा अनुमान है कि भारत में 1.36 अरब लोगों को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की अनुशंसित पांच माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से अधिक की पीएम2.5 सांद्रता का सामना करना पड़ा।

हर साल तकरीबन 70 लाख लोगों की वायु प्रदूषण के कारण समय पूर्व मौत

डब्ल्यूएचओ के अनुसार, दुनियाभर में हर साल तकरीबन 70 लाख लोगों की वायु प्रदूषण के कारण समय पूर्व मौत हो जाती है।पीएम2.5 वायु प्रदूषण के कारण अस्थमा, कैंसर, आघात और फेफड़ों की बीमारी समेत अनेक बीमारियां हो सकती हैं।

रवि वैश्य
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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