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बागेश्वर धाम सरकार हनुमान भक्त या जादू-टोना वाले ढोंगी, आरोपों में कितनी सच्चाई कितनी? watch Video

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 20, 2023, 10:38 PM IST

बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri) का दावा है कि उन्हें कोई चमत्कार नहीं आता वो तो बस हनुमान जी से प्रार्थना करते हैं। उनके मुताबिक वो टारगेट पर इसीलिए हैं क्योंकि उन्होंने सनातन का झंडा बुलंद किया है। धर्मांतरण रोका है। घरवापसी करायी है।

सनातन में ऋषियों-मुनियों और सिद्ध पुरुषों की कमी नहीं रही। लेकिन सनातन की ही आड़ में ढोंगियों, अधर्मियों और पाखंडियों की भी सूची बहुत-बहुत लंबी है। बागेश्वर धाम सरकार का नाम तो आपने सुन ही लिया होगा? मध्य प्रदेश के छतरपुर में बागेश्वर धाम नाम से आश्रम चलाने वाले धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री उर्फ बागेश्वर धाम सरकार का सच क्या है? अपने बयानों से बागेश्वर धाम सरकार पहले ही विवादों में आ चुके थे।

लेकिन मौजूदा तूफान नागपुर में उनके कार्यक्रम के दौरान उठा है। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri) वहां राम कथा करने पहुंचे थे। लेकिन अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति ने आरोप लगा दिया कि 'दिव्य दरबार' और 'प्रेत दरबार' की आड़ में धीरेंद्र शास्त्री 'जादू-टोना' करते हैं। इस बीच ऐसे वीडियो वायरल हुए जहां धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने भक्तों के बीच कथित चमत्कार करते दिखते हैं।

बागेश्वर धाम सरकार का दावा है कि उन्हें कोई चमत्कार नहीं आता वो तो बस हनुमान जी से प्रार्थना करते हैं। उनके मुताबिक वो टारगेट पर इसीलिए हैं क्योंकि उन्होंने सनातन का झंडा बुलंद किया है। धर्मांतरण रोका है। घरवापसी करायी है।

सवाल पब्लिक का है कि बागेश्वर धाम सरकार हनुमान भक्त या जादू-टोना वाले ढोंगी ? क्या बागेश्वर धाम सरकार सनातन की आड़ ले रहे हैं या सनातन वाकई निशाना है ? अंधविश्वास ही मुद्दा है तो मिशनरियों के अंधविश्वास पर सवाल क्यों नहीं? यही है आज सवाल पब्लिक का।

बागेश्वर धाम सरकार खुद को चमत्कार करने वाला नहीं मानते। लेकिन दावा होता रहा है कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को खुद के दरबार में आने वाले सभी लोगों की कुंडली बिना बताए पता होती है और वो पर्चे पर सब लिखकर बता देते हैं। आप बागेश्वर धाम सरकार के व्यक्तित्व को बेहतर तरीके से समझ सकें। उनमें तेवर तो है, सही या गलत इसे मैं दर्शकों के विवेक पर छोड़ता हूं। अब आपको नागपुर का पूरा मामला समझाते हैं।

नागपुर में 5 जनवरी से 13 जनवरी के बीच राम कथा का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में बागेश्वर धाम सरकार 5 से 11 जनवरी तक मौजूद रहे। 8 जनवरी को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, इससे एक दिन पहले 7 जनवरी को महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस बागेश्वर धाम सरकार के राम कथा कार्यक्रम में पहुंचे थे। 8 जनवरी को अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति ने नागपुर पुलिस को चिट्ठी लिखकर धीरेंद्र शास्त्री को कथित अंधविश्वास के नाम पर सवालों के घेरे में ला दिया।

समिति ने बागेश्वर धाम सरकार को चमत्कार साबित करने...नहीं तो 30 लाख रुपए देने का चैलेंज तक दे दिया। चैलेंज को स्वीकार किए बिना बागेश्वर धाम सरकार 11 जनवरी को नागपुर से चले गए तो समिति ने कहा कि वो डर कर भाग गए क्योंकि राम कथा का कार्यक्रम तो 13 जनवरी तक था। राम कथा के निमंत्रण पत्र में 13 जनवरी तक ही कार्यक्रम की बात है। हालांकि बागेश्वर धाम के मुताबिक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का कार्यक्रम 11 जनवरी तक ही था। अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के राष्ट्रीय संयोजक श्याम मानव का ये बयान सुनिए।

खुद पर हो रहे विवादों के बीच धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री छत्तीसगढ़ के रायपुर में रामकथा कार्यक्रम में पहुंच चुके हैं। वो अपने बचाव में सनातन, धर्मांतरण, घर वापसी जैसे मुद्दों को उठाते हैं। बागेश्वर धाम सरकार का बयान सुनवाउं उससे पहले सुनिए धर्मांतरण के आरोपों पर छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री कवासी लखमा ने भी बागेश्वर धाम सरकार के खिलाफ कैसे मोर्चा खोल दिया है। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ अचानक उठे हंगामे के पीछे क्या कोई खास वजह है? क्या कोई इको सिस्टम सियासी वजहों से उनके पीछे पड़ा है?

क्योंकि अगर अंधविश्वास पर जब सवाल उठेंगे तो मामला ईसाई मिशनरियों का भी उठेगा। सवाल झाड़-फूंक करने वाले पीर बाबाओं पर भी उठेगा। मैं यहां साफ कर दूं कि मैं ना तो किसी तरह के अंधविश्वास का समर्थन करता हूं। ना कोई तुलना कर रहा हूं कि इनका अंधविश्वास अच्छा, उनका अंधविश्वास बुरा। लेकिन ये बात इसलिए उठा रहा हूं क्योंकि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री उर्फ बागेश्वर धाम सरकार का भी एक पक्ष है जिसके मुताबिक वो सनातनी हैं इसीलिए टारगेट पर हैं। सुनिए वो क्या कह रहे हैं।

सवाल पब्लिक का

1. बागेश्वर धाम सरकार पर अंधविश्वास फैलाने के आरोपों में कितनी सच्चाई है ?

2. बागेश्वर धाम सरकार पर उठे विवाद में सनातन धर्म की एंट्री क्यों हो गई है ?

3. बागेश्वर धाम सरकार बहाना हैं...क्या असली लड़ाई 'अंधविश्वास Vs धर्मांतरण' की है ?

टाइम्स नाउ नवभारत
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