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असम विधानसभा ने पारित किया समान नागरिक संहिता विधेयक; उत्तराखंड-गुजरात के बाद ऐसा करने वाला बना तीसरा राज्य

समान नागरिक संहिता असम विधेयक, 2026 को असम विधानसभा ने पारित कर दिया है। अब यह विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद इसे असम में पूरी तरह लागू किया जाएगा।

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असम विधानसभा।

देश में एक बार फिर यूसीसी चर्चा में है। असम में भी समान नागरिक संहिता को पारित कर दिया गया है। उत्तराखंड और गुजरात के बाद ऐसा करने वाला असम तीसरा राज्य बना है। इस बिल में राज्य के सभी निवासियों के लिए शादी, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप को नियंत्रित करने वाले एक ही नागरिक कानूनी ढांचे का प्रस्ताव किया गया है, जबकि अनुसूचित जनजातियों को उनके संवैधानिक सुरक्षा उपायों की रक्षा के लिए इससे बाहर रखा गया है।

भेजा जाएगा राष्ट्रपति के पास

असम सीएम ने इस बिल के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि अब यह विधेयक महामहिम राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद इसे असम में पूरी तरह लागू किया जाएगा।

लागू होने में लगेगा तीन से छह महीने का समय

उन्होंने बताया कि आमतौर पर राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद हमें इससे जुड़े छह से सात नियमों को अधिसूचित करना होगा। हालांकि हमारे नियम पहले से तैयार हैं, लेकिन राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने से पहले हम उन्हें लागू नहीं कर सकते। मुझे लगता है कि पूरी प्रक्रिया में सामान्य तौर पर तीन से छह महीने का समय लग सकता है।

पारित होने पर सीएम हिमंत ने क्या कहा?

विधानसभा से विधेयक पारित होने के बाद सीएम हिमंत सरमा ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि आज मुझे यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि असम विधानसभा ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) 2026 को पारित कर दिया है। उत्तराखंड और गुजरात के बाद असम यूनिफॉर्म सिविल कोड अपनाने वाला तीसरा राज्य बन गया है।

उन्होंने कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड को लागू करना हमारे चुनावी घोषणा पत्र के प्रमुख वादों में से एक था। हमें बेहद खुशी और गर्व है कि चुनाव के तुरंत बाद विधानसभा के पहले ही सत्र में हम इस ऐतिहासिक विधेयक को पारित करने में सफल रहे। असम सीएम ने विधेयक पारित करने के लिए असम विधानसभा के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।

अमित शाह ने दी बधाई

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट यूसीसी विधेयक पारित होने पर असम की जनता को बधाई दी है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा,'असम की जनता को बधाई। समान नागरिक संहिता भाजपा का स्थापना दिवस से ही संकल्प रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकारें हर नागरिक के लिए एक समान कानून लागू कर रही हैं। मुझे खुशी है कि उत्तराखंड और गुजरात के बाद असम ने भी आज समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पारित कर दिया है..."

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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