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Republic Day 2025: गणतंत्र दिवस पर विशेष अतिथि बनेंगी आशा वर्कर, पीएम मोदी को कहा- धन्यवाद

ASHA workers: गणतंत्र दिवस पर आशा वर्कर विशेष अतिथि बनेंगी। इसी बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की सफलता में योगदान देने वाली उन आशा कार्यकर्ताओं को सम्मानित करने के लिए शनिवार को समारोह आयोजित किया जिन्हें 76वें गणतंत्र दिवस समारोह में विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया है।

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गणतंत्र दिवस पर आशा वर्कर विशेष अतिथि बनेंगी।

New Delhi: दिल्ली के कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस के मौके पर रविवार को आयोजित कार्यक्रम में आशा वर्कर्स को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। राजस्थान, अलीगढ़, सोनीपत, गुरुग्राम, बहादुरगढ़, राजस्थान, छतरपुर, इटारसी से आशा वर्कर दिल्ली पहुंच गई हैं। कुछ आशा वर्कर राष्ट्रीय राजधानी से भी हैं।

आशा वर्कर ने पीएम मोदी को कहा- धन्यवाद

राजस्थान से आई आशा वर्कर सीमा ने कहा, 'मुझे बहुत गर्व है कि केंद्र सरकार ने मुझे मेरे जीवन साथी के साथ विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है। मैं एक आशा वर्कर हूं और चाहे केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार, हम दोनों के लिए काम करते हैं। हमारा मुख्य कार्य मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर को कम करना, टीबी मुक्त भारत प्राप्त करना और पोलियो उन्मूलन करना है।' अलीगढ़ से आई राजबाला ने कहा कि हमें खुशी हो रही है कि हमें यहां बुलाया गया है। गणतंत्र दिवस की परेड देखने को मिलेगी।

26 जनवरी की परेड के लिए विशेष अतिथि

सोनीपत से आई रूबी ने बताया, 'हम यहां पर पहली बार आए हैं हमें बहुत अच्छा लग रहा है। हमें केंद्र सरकार ने आमंत्रित किया है। 26 जनवरी की परेड के लिए विशेष अतिथि के रूप में यहां आई हूं। मैं अपने पति के साथ परेड देखूंगी।' दिल्ली की आशा वर्कर जय देवी ने कहा कि उन्हें खुशी हो रही है कि गणतंत्र दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर अतिथि बुलाया गया है। हम यहां पर अन्य जिलों के आशा वर्कर बहनों से मिलीं। बहादुरगढ़ से आई सुमन ने बताया कि आज मेरा सपना पूरा हो गया मैं पीएम मोदी को बधाई देना चाहती हूं कि मुझे यहां पर बुलाया गया। संगीता ने कहा कि बहुत खुशी हो रही है। यहां मैं पीएम मोदी और हरियाणा के सीएम का धन्यवाद करना चाहती हूं कि हमें यहां पर अतिथि के तौर पर बुलाया गया है।

इटारसी से आई मीना ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताना चाहते हैं कि उन्होंने हमें यहां पर आमंत्रित किया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर लगभग 500 आशा वर्कर और उनके परिवार के सदस्य दिल्ली आए हैं। हम सभी का मानना है कि वे हमारी संपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की नींव हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने किया कार्यक्रम

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की सफलता में योगदान देने वाली उन आशा कार्यकर्ताओं को सम्मानित करने के लिए शनिवार को समारोह आयोजित किया जिन्हें 76वें गणतंत्र दिवस समारोह में विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया है। आशा कार्यकर्ताओं के उत्कृष्ट योगदान को याद करने के लिए, भारत सरकार ने विभिन्न राज्यों से लगभग 250 आशा कार्यकर्ताओं को उनके जीवनसाथियों के साथ गणतंत्र दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह सम्मान न केवल इन समर्पित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाता है, बल्कि उनके योगदान के महत्वपूर्ण मूल्य को भी रेखांकित करता है तथा उनकी आवश्यक भूमिका को स्वीकार करने के लिए एक मजबूत मिसाल कायम करता है। इस अवसर पर केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कहा, 'आशाएं देश में स्वास्थ्य योजनाओं की रीढ़ हैं।'

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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