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'अराजकता के प्रतीक हैं अरविंद केजरीवाल', अनुराग ठाकुर ने नोटों पर हिंदू देवताओं की फोटो को लेकर दिया जवाब

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  • Updated Oct 29, 2022, 03:35 PM IST

Arvind Kejriwal: अनुराग ठाकुर ने कहा कि केजरीवाल नया दुष्प्रचार करते हैं ताकि उनके भ्रष्टाचार पर चर्चा न हो। उन्होंने कहा कि आप दिल्ली में मुस्लिम मौलवियों को हर साल 18,000 रुपए देते हैं। क्या आप पुजारियों, गुरुद्वारा ग्रंथियों और पादरियों को भी वही 18,000 रुपए देंगे? आप ऐसा क्यों नहीं कर सके?

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केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर।

Photo : ANI
KEY HIGHLIGHTS
  1. अनुराग ठाकुर का अरविंद केजरीवाल का हमला
  2. अराजकता के प्रतीक हैं अरविंद केजरीवाल- अनुराग ठाकुर
  3. देश की अर्थव्यवस्था बेहद बुरे दौर से गुजर रही है- अरविंद केजरीवाल

Arvind Kejriwal: केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर (Union Minister Anurag Thakur) ने शनिवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अराजकता का प्रतीक करार दिया। अरविंद केजरीवाल की ओर से नोटों पर हिंदू देवी-देवताओं की फोटो लगाने पर अनुराग ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh Assembly Elections 2022) में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उनपर हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने राम मंदिर (Ram Mandir) का विरोध किया, हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया और एक मंत्री को बर्खास्त करना पड़ा.. अरविंद केजरीवाल अराजकता के प्रतीक हैं।

अराजकता के प्रतीक हैं अरविंद केजरीवाल- अनुराग ठाकुर

अनुराग ठाकुर ने कहा कि केजरीवाल नया दुष्प्रचार करते हैं ताकि उनके भ्रष्टाचार पर चर्चा न हो। उन्होंने कहा कि आप दिल्ली में मुस्लिम मौलवियों को हर साल 18,000 रुपए देते हैं। क्या आप पुजारियों, गुरुद्वारा ग्रंथियों और पादरियों को भी वही 18,000 रुपए देंगे? आप ऐसा क्यों नहीं कर सके?

इससे पहले शुक्रवार को अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि उन्होंने पीएम मोदी को पत्र लिखकर नोटों पर भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी की तस्वीरें लगाने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि इससे देश की आर्थिक स्थिति में सुधार करने में मदद मिल सकती है। देश के 130 करोड़ लोगों की इच्छा है कि भारतीय मुद्रा के एक तरफ महात्मा गांधी और दूसरी तरफ गणेश और लक्ष्मी की तस्वीर हो।

देश की अर्थव्यवस्था बेहद बुरे दौर से गुजर रही है- अरविंद केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी को लिखे अपने पत्र में लिखा कि आज देश की अर्थव्यवस्था बेहद बुरे दौर से गुजर रही है। आजादी के 75 साल बाद भी भारत की गिनती विकासशील और गरीब देशों में होती है। हमारे देश में अभी भी बहुत से लोग गरीब हैं। क्यों?

दीपक पोखरिया
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

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