Congress में थम नहीं रहे हैं बगावती तेवर! अब उदित राज बोले- राहुल के मानवतावादी दृष्टिकोण ने पार्टी को कमजोर कर दिया

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 27, 2022, 09:21 AM IST

Udit Raj on Rahul Gandhi: कांग्रेस नेता उदित राज ने भी अब पार्टी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी में ज्यादातर नॉन परफॉर्मर्स ने वफादारों के रूप में राज किया।

Congress में थम नहीं रहे हैं बगावती तेवर! अब उदित राज बोले- राहुल के मानवतावादी दृष्टिकोण ने पार्टी को कमजोर कर दिया

Udit Raj on Rahul Gandhi: कांग्रेस में इन दिनों सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। एक तरफ नेता लगातार पार्टी छोड़ रहे हैं तो दूसरी तरफ नेता ही लगातार आलाकमान को निशाने पर ले रहे हैं। इन सबके बीच अब पार्टी नेता उदित राज ने सवाल उठाए हैं। उदित राज ने ट्वीट करते हुए कहा कि कांग्रेस के अच्छे समय में, ज्यादातर नॉन परफॉर्मर्स ने वफादारों के रूप में राज किया। उन्होंने कहा कि पार्टी को परफॉर्म करने वालों की जरूरत है।

क्या कहा उदित राज ने

उदित राज ने ट्वीट करते हुए कहा, 'राहुल गांधी आसानी से पीएम बन सकते थे और सीपी (Congress President) पद से इस्तीफा दे सकते थे। उन्होंने भाजपा की तरह प्रदर्शन और नष्ट करने की नीति का पालन नहीं किया और उनके मानवतावादी दृष्टिकोण ने पार्टी को कमजोर कर दिया और यह जारी रहेगा। अच्छे समय में, ज्यादातर नॉन परफॉर्मर्स ने वफादारों के रूप में राज किया। पार्टी को परफॉर्मर्स की जरूरत है।' उदित राज यहीं नहीं रूके उन्होंने एक और ट्वीट कर सवाल उठाए।

अपने अगले ट्वीट में उन्होंने कहा, 'हमारा एक स्वार्थी समाज है और कुछ इससे ऊपर हैं तथा विचारधारा से बंधे हैं। यह देखकर आश्चर्य होता है कि नॉन परफॉर्मर्स पद पर बने हुए हैं। युग चला गया है, नॉन परफॉर्मर्स को तदनुसार कार्य सौंपा जाना चाहिए। शक्ति कोई शिकायत और अनुशासन सुनिश्चित नहीं करेगी।'

अपनों से ही घिरे राहुल

इससे पहले गुरुवार को जहां पंजाब कांग्रेस नेता जयवीर शेरगिल ने पार्टी से इस्तीफा दिया तो शुक्रवार को वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने इस्तीफा देते हुए राहुल गांधी पर हमला बोल दिया। गुलाम नबी के इस्तीफे के बाद पार्टी के अंदर लगातार आवाजें उठ रही है। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि पार्टी के पास ‘कठपुतली अध्यक्ष’ न होकर विधिवत रूप से निर्वाचित अध्यक्ष होना चाहिए। वहीं कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य के.एच. मुनियप्पा के भी बीजेपी में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही हैं।

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