Jammu Kashmir: श्रीनगर के लाल बाजार में पुलिस नाका पार्टी पर आतंकियों ने की फायरिंग, 1 एएसआई की मौत; 2 पुलिसकर्मी घायल

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 12, 2022, 08:56 PM IST

Jammu Kashmir: जम्मू कश्मीर पुलिस ने एक ट्वीट में कहा कि एएसआई मुश्ताक अहमद ने फायरिंग हमले में शहादत हासिल की। कर्तव्य की पंक्ति में किए गए उनके सर्वोच्च बलिदान के लिए हम शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। अन्य दो घायल कर्मियों का इलाज किया जा रहा है। 

Jammu Kashmir: श्रीनगर के लाल बाजार में पुलिस नाका पार्टी पर आतंकियों ने की फायरिंग, 1 एएसआई की मौत; 2 पुलिसकर्मी घायल
Photo Credit: ANI

Jammu Kashmir: श्रीनगर में मंगलवार को आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों को निशाना बनाया, जिसमें एक एएसआई की मौत हो गई।लाल बाजार इलाके में आतंकियों ने पुलिस नाका पार्टी पर अंधाधुंध फायरिंग की। फायरिंग में जम्मू-कश्मीर के तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। बाद में एएसआई मुश्ताक अहमद ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हमले के बाद इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। घटना शाम सवा सात बजे की है। ये हमला तब हुआ है, जब कश्मीर में जारी अमरनाथ यात्रा के बीच सुरक्षा हाई अलर्ट पर है।

श्रीनगर के लाल बाजार में आतंकियों ने पुलिस नाका पार्टी पर की फायरिंग

आतंकी हमले में 1 एएसआई की मौत

जम्मू कश्मीर पुलिस ने एक ट्वीट में कहा कि एएसआई मुश्ताक अहमद ने फायरिंग हमले में शहादत हासिल की। कर्तव्य की पंक्ति में किए गए उनके सर्वोच्च बलिदान के लिए हम शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। अन्य दो घायल कर्मियों का इलाज किया जा रहा है। वहीं फायरिंग की घटना के तुरंत बाद वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे। दो पुलिसकर्मी जो घायल हैं, उनमें एक एसपीओ और एक हवलदार शामिल है। 

आतंकवादी संगठनों ने पिछले चार सालों में जम्मू कश्मीर में 700 युवाओं की भर्ती की है, जबकि केंद्र शासित प्रदेश में अभी 141 आतंकी सक्रिय हैं, जिनमें से ज्यादातर विदेशी हैं। अधिकारियों ने ये जानकारी देते हुए बताया कि जम्मू कश्मीर में बड़ी संख्या में आतंकवादियों की मौजूदगी सीमा पार स्थित आतंकी शिविरों से घुसपैठ जारी रहने का संकेत देती है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार पांच जुलाई 2022 की तारीख तक जम्मू कश्मीर में कुल 82 विदेशी आतंकवादी और 59 स्थानीय आतंकी सक्रिय थे। इस संबंध में एक अधिकारी ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि ये आतंकवादी मुख्य रूप से लश्कर ए तैयबा, इससे संबद्ध संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट के अलावा जैश ए मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों से हैं।

अलग-अलग आतंकी संगठनों ने पिछले चार सालों में जम्मू कश्मीर में 700 स्थानीय युवाओं की भर्ती की है, जिनमें से 187 की 2018 में,121 की 2019 में, 181 की 2020 में और 142 की 2021 में भर्ती की गई। इस साल जून के अंत तक, 69 युवाओं की आतंकी संगठनों ने भर्ती की है। वहीं सुरक्षाबलों ने इस साल अब तक 55 मुठभेड़ में 125 आतंकवादियों को मार गिराया है। (इनपुट-भाषा)

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