Dhakad Exclusive: अगस्त महीने में भी जारी रहेगा मॉनसून का तांडव, कई राज्यों से बुरी ख़बरें भी आ रहीं सामने

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 1, 2022, 10:32 PM IST

अभी अगस्त की शुरुआत में ही उत्तर से दक्षिण तक बर्बादी ही बर्बादी दिख रही है अभी अगस्त का पूरा महीना बाकी है अगर ऐसी ही स्थिति रही तो आगे और डराने वाली तस्वीरें सामने आ सकती हैं । 

Dhakad Exclusive: अगस्त महीने में भी जारी रहेगा मॉनसून का तांडव, कई राज्यों से बुरी ख़बरें भी आ रहीं सामने

पूरे भारत में मॉनसून (Monsoon) ने दस्तक दे दिया है। हर तरफ जलमग्न की स्थिति बनी हुई है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आशंका जताया है कि जुलाई (July) की तरह अगस्त (August) महीने में भी मॉनसून (Monsoon) का तांडव जारी रहेगा।  हालाँकि इससे कई राज्यों से बुरी ख़बरें भी आ रही है, जहां बाढ़ (Flood In India) से लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।  

जुलाई में मॉनसून ने जो तांडव दिखाया है...वो अगस्त में भी जारी रहने की आशंका है । उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम...मौसम का खतरनाक रूप दिख रहा है,जम्मू कश्मीर के पुंछ में बीती रात भारी बारिश तबाही बनकर आई...तबाही ऐसी की दर्जनों कार हवा में अटक गए... कई घरों में मिट्टी का दरिया बहने लगा । 

पश्चिम बंगाल से लेकर केरल तक आसमानी मुसीबत लोगों पर बरस रही है

जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल से लेकर केरल तक आसमानी मुसीबत लोगों पर बरस रही है । पहाड़ों पर इतनी बारिश हुई की नदियों में सैलाब आ गया...ये नजारा हिमाचल प्रदेश के कुल्लू की है...यहां मणिकर्ण घाटी में लगातार हो रही बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति बन गई...भारी बारिश से लोगों की मुसीबत बढ़ती जा रही है...

पानी का ये सितम बरपा है पंजाब के पठानकोट में

हिमाचल के मंडी में भी आफत की बारिश की लोग त्राहिमाम कर रहे हैं यहां ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने से 24 लोग मंझधार में फंस गए...जिन्हें स्थानीय लोगों ने किया...अपनी खूबसूरती के लिए विख्यात कुल्लू घाटी पानी में पानी का कोहराम है...पहाड़ों से सरकती जलधारा से नदी-नाले उफान पर है...टोजिंग नाले के रौद्र रूप को देखिए कैसे सब कुछ बहा ले जाने पर आमदा है... पानी का ये सितम बरपा है पंजाब के पठानकोट में...यहां के बमियाल बॉर्डर के साथ बहते उज्ज नदी में अचानक जल स्तर बढ़ने से इलाके में बाढ़ के हालात हैं..जम्मू-कश्मीर से डेढ़ लाख क्यूसिक पानी छोड़़ने से नदी का वॉटर लेवल बढ़ गया। 

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