गांधी का भारत गोडसे के भारत में बदल रहा है: महबूबा मुफ्ती

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 7, 2021, 04:16 PM IST

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के जमाने में भारत और पाकिस्तान के नागरिक क्रिकेट मैच के दौरान एक-दूसरे के देश को चीयर करते थे।

गांधी का भारत गोडसे के भारत में बदल रहा है: महबूबा मुफ्ती
Photo Credit: ANI

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की नेता महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि गांधी का भारत गोडसे का भारत बन रहा है। उन्होंने इसे समझाने के लिए हाल की घटनाओं का जिक्र किया, जब भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच के दौरान पाकिस्तान की को चीयर  करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। मुफ्ती ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय में दोनों देशों के नागरिक एक-दूसरे को चीयर करते थे।

मुफ्ती ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मुझे वाजपेयी जी के दौर में भारत और पाकिस्तान के बीच एक क्रिकेट मैच याद है, जहां पाकिस्तान के नागरिक भारत को चीयर कर रहे थे और भारत के नागरिक पाकिस्तान को चीयर कर रहे थे और पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने भी तत्कालीन भारतीय कप्तान एमएस धोनी की प्रशंसा की थी।

उन्होंने आगे कहा कि लेकिन कुछ दिन पहले आगरा में जब भारत के साथ मैच के दौरान कुछ युवाओं ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम को चीयर किया तो एक भी वकील उनका पक्ष लेने को तैयार नहीं हुआ। 

महबूबा ने दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना दिया

इससे पहले महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना दिया और मांग की कि केंद्र शासित प्रदेश में लोगों को कथित रूप से दबाना और बेगुनाह नागरिकों की हत्या फौरन बंद की जाए। उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में धरना देने का फैसला इसलिए किया, क्योंकि उन्हें कभी भी कश्मीर में अपना विरोध दर्ज कराने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि वह जब भी विरोध प्रदर्शन करना चाहती थीं, तो या उन्हें घर में नज़रबंद कर दिया जाता था या पुलिस उन्हें ले जाती थी। जंतर मंतर पर धरने में पीडीपी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि कश्मीर एक ऐसी जेल बन गई है, जहां लोगों को अपनी राय रखने की इजाजत नहीं है। अगस्त 2019 से उनका (लोगों का) दमन किया जा रहा है और मुझे हैरानी है कि सरकार कुछ पेड (पैसा लेने वाले) मीडिया की मदद से घाटी में सब कुछ ठीक-ठाक दिखाने में मसरूफ है। 

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