हरियाणा में एक मंच पर पवार, नीतीश-तेजस्वी समेत कई बड़े नेता, इनेलो की बड़ी रैली, विपक्षी एकता का दिखा नमूना

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 25, 2022, 06:04 PM IST

INLD's big rally: पूर्व उप-प्रधानमंत्री और इनेलो के संस्थापक चौधरी देवीलाल की जयंती के अवसर पर हरियाणा के फतेहाबाद में रैली का आयोजन किया गया, इसमें तमाम बड़े विपक्षी चेहरे शामिल हुए।

हरियाणा में एक मंच पर पवार, नीतीश-तेजस्वी समेत कई बड़े नेता, इनेलो की बड़ी रैली, विपक्षी एकता का दिखा नमूना

साल 2024 के चुनाव को लेकर विपक्षी एकता का राग एक बार फिर से सामने आ रहा है, इसी क्रम में हरियाणा के फतेहाबाद में पूर्व उप-प्रधानमंत्री और इनेलो के संस्थापक चौधरी देवीलाल की जयंती के अवसर पर रैली का आयोजन किया गया, इस रैली में विपक्ष के बड़े चेहरे शामिल हुए, खास चेहरों में एनसीपी प्रमुख शरद पवार, बिहार सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव प्रमुख रूप से एक मंच पर आए।

राजद नेता तेजस्वी यादव ने इंडियन नेशनल लोकदल ने कहा किअब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) नहीं है, शिवसेना, अकाली दल और जद (यू) जैसे भाजपा के सहयोगी दलों ने लोकतंत्र को बचाने के लिए इसका साथ छोड़ दिया है।

नीतीश कुमार ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं हूं; तीसरे मोर्चे का सवाल ही नहीं उठता, कांग्रेस को साथ लेकर एक मोर्चा होना चाहिए, तभी हम 2024 में भाजपा को हरा सकते हैं। नीतीश कुमार ने आगे कहा- मैं कांग्रेस समेत सभी दलों से एकसाथ आने की अपील करता हूं, तभी 2024 के लोकसभा चुनाव में वह (BJP) बुरी तरह हारेगी।  हिंदुओं और मुसलमानों के बीच कोई लड़ाई नहीं है, वह (भाजपा) अशांति पैदा करना चाहती है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी  सुप्रीमो शरद पवार ने कहा कि किसानों ने दिल्ली की सीमाओं पर धरना दिया, लेकिन सरकार ने लंबे समय तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, सरकार ने किसान नेताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने का वादा किया, लेकिन उसे पूरा नहीं किया। शरद पवार ने कहा कि सभी के लिए 2024 में सत्ता परिवर्तन सुनिश्चित करने की दिशा में काम करने का समय आ गया है; किसानों, युवाओं का आत्महत्या करना कोई समाधान नहीं है।
 
इनेलो के लिए यह रैली शक्ति प्रदर्शन का एक मौका

गौर हो कि ओम प्रकाश चौटाला के बड़े बेटे अजय चौटाला द्वारा इनेलो से अलग होकर जननायक जनता पार्टी (जजपा) बनाकर भाजपा को समर्थन देने के बाद से पार्टी हरियाणा में अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। जजपा पिछले विधानसभा चुनाव में इनेलो के अधिकतर पारंपरिक मतदाताओं को अपनी ओर खींचने में सफल रही थी। 

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