Kashmir: पुलवामा जैसे हमले की एक बड़ी साजिश नाकाम, कार से आईईडी बरामद 

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 28, 2020, 10:10 AM IST

Pulwama like attack thwarted in J&K: बताया जा रहा है कि सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ शुरू होते ही आतंकवादी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया। इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी।

Kashmir: पुलवामा जैसे हमले की एक बड़ी साजिश नाकाम, कार से आईईडी बरामद 
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श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद की एक बड़ी साजिश को सुरक्षाबलों ने नाकाम कर दिया है। आतंकवादी यहां पुलवामा की तरह एक बड़ा हमला करने की ताक में थे लेकिन उनके मंसूबे पूरे नहीं हो पाए। यहां सुरक्षाबलों ने एक कार से आई आईईडी बरामद की है। इस कार को कथित रूप से हिज्बुल मुजाहिदीन का एक आतंकवादी चला रहा था। बताया जा रहा है कि सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ शुरू होते ही आतंकवादी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया। इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी।

पुलवामा में 40 जवान हुए शहीद
बता दें कि 14 फरवरी 2019 पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले में 40 जवान शहीद हुए। यहां विस्फोटकों से लदी कार से जवानों को निशाना बनाया गया था। आतंकी हमले की साजिश को नाकाम करने के बाद सुरक्षाबल इलाके में तलाशी अभियान में जुट गए हैं। हाल के दिनों में कश्मीर में हिज्बुल की सक्रियता बढ़ी है। साथ ही साथ उसके आतंकवादी सरगना मुठभेड़ में मारे गए हैं।

बड़े हमले की फिराक में थे आतंकी
सूत्रों का कहना है कि कार से आईईडी बरामद होने से साफ जाहिर है कि आतंकवादी घाटी में एक बड़ा हमला करने की फिराक में थे लेकिन अब उनके मंसूबे नाकाम हो गए हैं। फरवरी 2019 में पुलवामा में हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली। इस आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते काफी तल्ख हो गए थे। पुलवामा हमले का बदला भारत ने जैश के बहावलपुर स्थित प्रशिक्षण केंद्र को निशाना बनाकर लिया। भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने 26 फरवरी को यहां एयरस्ट्राइक की जिसमें सैकड़ों की संख्या में जैश के कमांडर, ट्रेनर और आतंकवादी मारे गए।

हिज्बुल कमांडर रियाज नाइकू मारा गया 
हाल के दिनों में जम्मू-कश्मीर में हिज्बुल मुजाहिदीन ने एक बार फिर सिर उठाने की कोशिश की है लेकिन सेना के ऑपरेशन ने उसकी कमर तोड़ दी है। रियाज नाइकू जैसे उसके खूंखार कमांडर सुरक्षाबलों के हाथों मार दिए गए हैं। कश्मीर में अपनी पकड़ कमजोर होते देख आतंकवादी बौखलाए हुए हैं और वे अपने वारदातों को अंजाम देकर अपनी मौजूदगी दर्ज और लोगों के बीच दशहत पैदा करना चाहते हैं।  

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