कालीचरण की गिरफ्तारी पर क्‍यों आमने-सामने हैं मध्‍य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सरकारें?

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 30, 2021, 03:12 PM IST

राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी के खिलाफ अमर्यादित टिप्‍पणी करने वाले तथाथित 'संत' कालीचरण की गिरफ्तारी के बाद मध्‍य प्रदेश और छत्‍तीसगढ़ की सरकारें आमने-सामने हैं। कालीचरण को छत्‍तीसगढ़ पुलिस ने मध्‍य प्रदेश के खजुराहो से गिरफ्तार किया है।

कालीचरण की गिरफ्तारी पर क्‍यों आमने-सामने हैं मध्‍य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सरकारें?

रायपुर : राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करने के आरोपी तथाकथित 'संत' कालचरण को छत्‍तीसगढ़ पुलिस ने मध्‍य प्रदेश के खजुराहो से गिरफ्तार किया है, जिसके बाद इस मसले पर दोनों राज्‍यों की सरकारों में ठन गई है। मध्‍य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्‍तम मिश्रा ने जहां इस मामले में छत्‍तीसगढ़ पुलिस के रवैये पर सवाल उठाए हैं, वहीं छत्‍तीसगढ़ सरकार का कहना है कि इस मामले में सभी नियमों का पालन किया गया।

कालीचरण महाराज को मध्यप्रदेश के खजुराहो से लगभग 25 किलोमीटर दूर बागेश्वर धाम के पास किराये के एक मकान से गिरफ्तार किया गया। महात्‍मा गांधी के खिलाफ कालीचरण की अमर्यादित टिप्‍पणी के बाद से उसके खिलाफ लोगों में जहां नाराजगी थी, वहीं आरोपी की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर लोग सवाल भी उठा रहे थे। कालीचरण ने रविवार (26 दिसंबर) को रायपुर में आयोजित धर्म संसद में न सिर्फ महात्‍मा गांधी के खिलाफ अमर्यादित टिप्‍पणी की, बल्कि उनके हत्‍यारे नाथूराम गोडसे की तारीफ भी की थी।

पुलिस ने तड़के साढ़े तीन बजे की कार्रवाई

कालीचरण को गुरुवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे छत्‍तीसगढ़ पुलिस की कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया। पुलिस को यहां कालीचरण के होने के बारे में सूचना मिली थी, जिसके बाद से पुलिस ने यहां दबिश दी। तड़के करीब 3:30 बजे पुलिस ने यहां छापा मारकर कालीचरण को गिरफ्तार किया और अब उसे सड़क मार्ग से छत्‍तीसगढ़ ले जाया जा रहा है, जहां शााम तक पहुंचने की उम्‍मीद है। बताया जा रहा है कि वह लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कालीचरण जिस जगह पर था, वहां से उत्‍तर प्रदेश की सीमा भी नजदीक थी और ऐसे में पुलिस को डर था कि वह उत्‍तर प्रदेश भी फरार हो सकता है। ऐसे में पुलिस ने गुरुवार तड़के अचानक वहां धावा बोलकर कालीचरण को गिरफ्तार कर लिया। रायपुर जिले के पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल के मुताबिक, पुलिस लगातार कालीचरण के बारे में जानकारी जुटाने में लगी थी, जिसके लिए कई टीम का गठन किया गया था।

कालीचरण ने रायपुर के रावणभाठा मैदान में आयोजित धर्म संसद में महात्मा गांधी के खिलाफ अपशब्दों का इस्‍तेमाल किया था, जिसके बाद रविवार को उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया था। कालीचरण ने कहा था कि धर्म की रक्षा के लिए एक कट्टर हिंदू नेता को सरकार के मुखिया के तौर पर चुनना चाहिए। छत्तीसगढ़ में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई थी। बयान के बाद से ही कालीचरण की गिरफ्तारी की मांग तेज हो रही थी।

मध्‍य प्रदेश-छत्‍तीसगढ़ सरकारें आमने-सामने

अब जबकि कालीचरण को गिरफ्तार कर लिया गया है, इस मसले पर छत्‍तीसगढ़ व मध्‍य प्रदेश सरकारों में तन गई है। मध्‍य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्‍तम मिश्रा ने छत्‍तीसगढ़ पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनका विरोध गिरफ्तारी को लेकर नहीं, बल्कि इसके तौर-तरीके को लेकर है। छत्‍तीसगढ़ पुलिस टीम को इस एक्‍शन के पहले स्‍थानीय थाने को सूचना देनी चाहिए थी, अन्‍यथा गिरफ्तारी के बाद उन्‍हें सूचित करना चाहिए था। इस तरह से तो अफरातफरी की स्थिति पैदा हो जाएगी।

वहीं, छत्‍तीगढ़ के मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल ने इससे इनकार किया कि इस मामले में किसी तरह के प्रोटोकॉल का उल्‍लंघन हुआ है। उन्‍होंने कहा कि सबसे पहले तो मध्‍य प्रदेश के गृह मंत्री यह बताएं कि वह महात्‍मा गांधी को गाली देने वाले शख्‍स की गिरफ्तारी से खुश हैं या दुखी? छत्‍तीसगढ़ के सीएम ने कहा कि मध्‍य प्रदेश के खजुराहो से कालीचरण की गिरफ्तारी में रायपुर पुलिस ने प्रावधानों के तहत ही कार्रवाई की, किसी नियम का उल्‍लंघन नहीं किया।

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