Kedarnath Yatra: मानसून के विदा होते ही केदारनाथ में लगा भक्तों का तांता, हर रोज पहुंच रहे हैं हजारों तीर्थ यात्री

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 4, 2022, 10:35 AM IST

Kedarnath Yatra News: उत्तराखंड में मानसून की वापसी के साथ ही अब केदारनाथ समेत चारों घामों की यात्रा ने फिर से जोर पकड़ना शुरु कर दिया है। अलग-अलग राज्यों के अलावा विदेशों से भी श्रद्धालु पहुंचने लगे है। यात्रा का ये दूसरा चरण काफी महत्वपूर्ण रहेगा, क्योंकि इस बार कोरोना काल के दो साल बाद चार धाम यात्रा पूरे 6 महीने चलेगी।

Kedarnath Yatra: मानसून के विदा होते ही केदारनाथ में लगा भक्तों का तांता, हर रोज पहुंच रहे हैं हजारों तीर्थ यात्री

Kedarnath Yatra News: बाबा भोलेनाथ की नगरी केदारघाटी में फिर से श्रद्धालुओं की चहल पहल देखने को मिल रही है, जून में मानसून के आगमन के साथ यात्रा की रफ्तार में कमी आ गई थी, जो एक बार फिर से रफ्तार पकड़ने लगी है। अब तक कुल 10.60 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन कर चुके है और यात्रा के मिजाज को देखते हुए कहा जा सकता है कि ये संख्या जल्दी ही 11 लाख के आंकड़े को भी पार कर लेगी।

10 सितंबर तक सभी हेलीकॉप्टर कंपनियां देंगी सेवा

केदारनाथ यात्रा को सुगम बनाने के लिए 9 हेलीकॉप्टर कंपनियां अपनी सेवाएं दे रही है, लेकिन घाटी में मौसम खराब होने के चलते अधिकतर कंपनियों ने अपनी सेवा कुछ समय के लिए बंद कर दी थी, जो अब बारिश कम होने के साथ ही वापस घाटी में अपनी सेवाएं वापस शुरु करने लगी है। अभी तक कुल तीन हेली कंपनियां यात्रियों को अपनी सेवाएं दे रही है, जिसमें हिमालयन हेली पहले से ही संचालित है और क्रिस्टल और चिप्सन एविएशन बारिश कम होने के बाद उड़ाने भर रही है। बाकी बची हेली कंपनियां भी 10 सितंबर तक यात्रियों के लिए उपलब्ध रहेंगी।

बद्रीनाथ और गंगोत्री-यमुनोत्री में भी बढ़ी श्रद्धालुओं की भीड़

केदारनाथ के अलावा बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री भी तीर्थ यात्रियों से गुलजार हुआ है, प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। बद्रीनाथ में अब तक 11.37 लाख से अधिक तीर्थ यात्री दर्शन कर चुके है, वही गंगोत्री में लगभग 4.90 लाख और यमुनोत्री में 3.77 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके हैं।

स्थानीय लोगों को बेहतर रोजगार की उम्मीद

उत्तराखंड की आर्थिक विकास की रीढ़ कहे जाने वाली चारधाम यात्रा यहां के लोगों के लिए आय का एक प्रमुख साधन है। कोरोना काल में यात्रा पूरी तरह संचालित न होने से स्थानीय लोगों का रोजगार प्रभावित हुआ था, लेकिन इस बार श्रद्धालुओं की संख्या को देखकर लोगों में उत्साह है और यात्रा के इस महत्वपूर्ण चरण में सभी को बेहतर रोजगार की उम्मीद है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कोरोना काल में यात्रा प्रभावित होने से उन्हे आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा है, इस बार यात्रा पूरी चलने की उम्मीद है जिससे उनके व्यवयास में हुए नुकसान की कुछ भरपाई हो सकेगी।

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