Karnataka Hijab Row: हिजाब को लेकर कर्नाटक HC में हुई सुनवाई, मामला बड़ी बेंच को रेफर किया गया

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 9, 2022, 03:55 PM IST

Karnataka Hijab Controversy: कर्नाटक में हिजाब विवाद को लेकर कर्नाटक हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस कृष्णा दीक्षित की एकल पीठ ने कॉलेजों में हिजाब पर प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिकाओं को बड़ी पीठ के पास भेजा।

Karnataka Hijab Row: हिजाब को लेकर कर्नाटक HC में हुई सुनवाई, मामला बड़ी बेंच को रेफर किया गया

कर्नाटक में हिजाब को लेकर मचे बवाल पर कर्नाटक हाई कोर्ट में आज भी सुनवाई हुई। मामले को हाई कोर्ट की सिंगल जज की बेंच  ने बड़ी बेंच को रेफर कर दिया। जस्टिस कृष्ण दीक्षित ने कहा कि मुझे लगता है कि इस मामले में बड़ी बेंच के विचार की आवश्यकता है।जस्टिस कृष्णा दीक्षित ने बड़ी बेंच के संदर्भ के बारे में पूछा कि यदि आप महसूस करते हैं और सभी सहमत हैं तो मैं ऐसा कर सकता हूं। मैंने कल प्रस्तुत किए गए उद्धरणों को देखा।

याचिकाकर्ता ने कहा कि मामला बड़ी बेंच में न जाए, 2 महीने के लिए अंतरिम आदेश जारी हो। छात्रों को हिजाब के साथ क्लास में अनुमति मिले। सरकार ने कॉलेज में हिजाब का विरोध किया है। एडवोकेट जनरल ने कहा कि कॉलेज के ड्रेस कोड के मुताबिक एंट्री मिले। हम कॉलेज में हिजाब का विरोध करते हैं। धार्मिक कार्यों के लिए हिजाब जरूरी नहीं है। हिजाब के पक्ष में अंतरिम इजाजत न मिले। सरकार को अपनी दलीलें पेश करने की अनुमति दी जानी चाहिए। 

एडवोकेट जनरल ने कहा कि कॉलेज विकास समिति तय कर सकती है कि उस कॉलेज के लिए ड्रेस कोड क्या है। उस तर्क से यह याचिका अपने आप में नहीं टिकती। इतने सालों से उन्होंने ड्रेस पहनी हुई है, उसे जारी रहने दें। हिजाब धार्मिक पहचान लाएगा। हम इसका विरोध करते हैं। मैं कहना चाहता हूं कि याचिकाएं गलत हैं। उन्होंने गवर्नमेंट ऑर्डर पर सवाल उठाया है। प्रत्येक संस्थान को स्वायत्तता दी गई है। राज्य निर्णय नहीं लेता है। इसलिए प्रथम दृष्टया मामला नहीं बनता है। महाविद्यालय द्वारा निर्धारित ड्रेस कोड का पालन करते हुए बच्चों को कक्षा में अवश्य उपस्थित होना चाहिए।

इससे पहले कर्नाटक उच्च न्यायालय ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में बढ़ते हिजाब विवाद के बीच मंगलवार को विद्यार्थियों और आम लोगों से शांति एवं सौहार्द बनाये रखने की अपील की। उडुपी में सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी महिला कॉलेज में पढ़ने वाली कुछ छात्राओं की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से यह घोषित करने का अनुरोध किया है कि कॉलेज परिसर में इस्लामिक प्रथा के तहत हिजाब पहनने सहित जरूरी धार्मिक प्रथाओं को अपनाना उनका मौलिक अधिकार है।

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