BrahMos Missile:ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का आईएनएस विशाखापत्तनम से सफल परीक्षण, नौसेना की ताकत में हुआ इजाफा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 11, 2022, 02:50 PM IST

testfired BrahMos supersonic cruise missile: भारत ने सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल का सफल परीक्षण किया है बताते हैं कि पश्चिमी तट पर निशाना सटीक बैठा।

BrahMos Missile:ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का आईएनएस विशाखापत्तनम से सफल परीक्षण, नौसेना की ताकत में हुआ इजाफा

भारतीय नौसेना के सूत्र के मुताबिक भारत ने आज पश्चिमी तट पर भारतीय नौसेना के विध्वंसक आईएनएस विशाखापत्तनम से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल (BrahMos supersonic cruise missile) का सफल परीक्षण किया। बताया जा रहा है कि मिसाइल के ‘सी-टू-सी’ वेरिएंट (Sea To Sea Varient) का अधिकतम सीमा पर टेस्ट किया गया और इसने सटीक सटीकता के साथ एक जहाज को निशाना बनाया।

इसे पनडुब्बी से, पानी के जहाज से, विमान से या जमीन से भी छोड़ा जा सकता है। यह 10 मीटर की ऊँचाई पर उड़ान भर सकती है और रडार की पकड में नहीं आती। ब्रह्मोस युद्धपोतों का मुख्य स्ट्राइक हथियार होगा, जो नौसेना के कई युद्धपोतों पर पहले से ही तैनात है।

ब्रह्मोस अमरीका की टॉम हॉक से लगभग दुगनी अधिक तेजी से वार कर सकती है, इसकी प्रहार क्षमता भी टॉम हॉक से अधिक है।

ब्रह्मोस एक कम दूरी की रैमजेट, सुपरसॉनिक क्रूज मिसाइल 

इसे पनडुब्बी से, पानी के जहाज से, विमान से या जमीन से भी छोड़ा जा सकता है। रूस की एनपीओ मशीनोस्ट्रोयेनिया तथा भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने संयुक्त रूप से इसका विकास किया है। यह रूस की पी-800 ओंकिस क्रूज मिसाइल की प्रौद्योगिकी पर आधारित है। ब्रह्मोस के समुद्री तथा थल संस्करणों का पहले ही सफलतापूर्वक परीक्षण किया जा चुका है तथा भारतीय सेना एवं नौसेना को सौंपा जा चुका है।ब्रह्मोस भारत और रूस के द्वारा विकसित की गई अब तक की सबसे आधुनिक प्रक्षेपास्त्र प्रणाली है और इसने भारत को मिसाइल तकनीक में अग्रणी देश बना दिया है।

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