समुद्र में बाज की तरह रहेगा P-8I,चीन और पाक पर रखेगा नजर, लद्धाख में में आया था काम

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 5, 2022, 05:18 PM IST

Poseidon (P 8I) : भारतीय नौसेना ने टोही विमान P-81 की पश्चिमी समुद्र तट पर गोवा में तैनाती की है। इनके जरिए भारत के लिए अरब सागर और हिंद महासागर में दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखना आसान हो जाएगा।

समुद्र में बाज की तरह रहेगा P-8I,चीन और पाक पर रखेगा नजर, लद्धाख में में आया था काम
Photo Credit: BCCL

नई दिल्ली: भारतीय नौ सेना  को अब चीन और पाकिस्तान की नापाक हरकत पर नजर रखने के लिए P 8I का साथ मिल गया है। बाज जैसी नजर रखने  वाले P-8I के निशाने पर अरब सागर और हिंद महासागर में दुश्मन की हर गतिविधियां होंगी। इसके लिए भारतीय नौसेना ने पनडुब्बीरोधी और टोही विमान P-81 को पश्चिमी समुद्र तट पर गोवा में तैनाती की है। दोनों विमान आईएनएस हंस पर तैनात रहेंगे।

कितना मारक है P-8I

 P-8I को बनाने वाली बोइंग कंपनी  की वेबसाइट से मिली जानकारी के अनुसार नौसेना को मिला P-8I बोइंग समुद्र में निगरानी करने वाला विमान है। जो 2000 किलोमीटर तक नॉनस्टॉप उड़ान भर सकता है। यह 907 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकता  है। साथ ही समुद्र में घात लगाकर छिपी हुई, दुश्मन की पनडुब्बियों को भी तबाह कर सकता है। P-8I पनडुब्बियों पर टॉरपीडो भी छोड़ सकता है, साथ ही एंटी शिप मिसाइल दागने में भी सक्षम है। इस पर हारपून, 129 ए साइज के सोनोबयोस और एमके-52 तैनात किए जा सकते हैं।

कैसे समु्द्री सीमा बनेगी अभेद्य 

P-8I एक लंबी दूरी का, बहु-मिशन समुद्री गश्ती वाला विमान है जिसका निर्माण बोइंग द्वारा भारतीय नौसेना के लिए किया जा रहा है। जो कि भारतीय नौसेना के टुपोलेव टीयू-142 विमान की जगह ले रहा है। P-8I विमान अमेरिकी नौसेना द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे P-8A पोसीडॉन मल्टीमिशन मैरीटाइम एयरक्राफ्ट का ही वर्जन है। इसे भारत के समुद्र सीमा की रक्षा के लिए डिजाइन किया गया था। यह पनडुब्बी रोधी युद्ध , सतह-विरोधी युद्ध , खुफिया, समुद्री गश्त और निगरानी और टोही मिशन के संचालन का काम कर सकता है। भारतीय नौसेना ने 8, पी-8I विमानों की पहली खेप 2013 में मंगाई थी, जो अराक्कोनम में आईएनएस राजाली पर तैनात है। 

चीन-पाक पर की गतिविधियों पर रहेगी नजर

P-8I के मौजूदा बेड़े को हिंद महासागर क्षेत्र में चीनी जहाजों और पनडुब्बियों की आवाजाही पर खास नजर रखने के लिए तैनात किया गया है।2020 में पूर्वी लद्दाख में चीनी सैनिकों की आवाजाही पर निगरानी रखने के लिए P-8I के एक बेड़े को भी तैनात किया गया था। इसके अलावा अरब सागर में पाकिस्तान के मूवमेंट पर भी नजर रखेगा।

चीन ऐसे कर रहा है घेराबंदी

चीन अपनी 'स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स' नीति के तहत, भारत के आसपास के देशों में अपने  देशों में अपने बंदरगाह विकसित कर रहा है। इसके तहत हिंद महासागर में चीन विस्तार कर रहा है। फिलहाल चीन ने श्रीलंका, पाकिस्तान, बांग्लादेश, म्यांमार और मालदीव जैसे भारत के पड़ोसी देशों में अपने नौसैनिक अड्डे बना लिए हैं। 

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