'आरोप साबित हो जाए तो फांसी पर लटकने को तैयार', TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने BJP को दी 5 मिनट की चुनौती

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 5, 2021, 08:57 PM IST

पश्चिम बंगाल में कथित कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में अभिषेक बनर्जी से पूछताछ होनी है। टीएमसी सांसद ने आरोप लगाया कि बीजेपी ED और CBI का इस्‍तेमाल अपने राजनीतिक फायदे के लिए कर रही है।

'आरोप साबित हो जाए तो फांसी पर लटकने को तैयार', TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने BJP को दी 5 मिनट की चुनौती
Photo Credit: ANI

कोलकाता/नई दिल्‍ली : पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी के भतीजे और पार्टी के सांसद अभिषेक बनर्जी से सोमवार को दिल्‍ली में प्रवर्तन निदेशालय अवैध लेन-देन के मामले में उनकी संलिप्‍तता को लेकर पूछताछ करने वाला है। इससे पहले उन्‍होंने बीजेपी को चुनौती देते हुए कहा कि उनके खिलाफ बदले की राजनीति की जा रही है और अगर उनके खिलाफ कोई भी आरोप साबित होता है तो वह फांसी पर लटकने के लिए तैयार हैं।

अभिषेक बनर्जी से अवैध लेनदेन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) पूछताछ करने वाला है। रविवार को दिल्‍ली के लिए रवाना होने से पहले कोलकाता एयरपोर्ट पर संवाददाताओं से बातचीत में टीएमसी महासचिव ने कहा कि चूंकि बीजेपी, टीएमसी के साथ राजनीतिक लड़ाई में नहीं जीत सकती, इसलिए वह बदले की राजनीति पर उतर आई है। वे अपने राजनीतिक फायदे के लिए जांच एजेंसियों का इस्‍तेमाल कर रहे हैं।

किसी भी जांच के लिए तैयार : अभिषेक बनर्जी

टीएमसी सांसद ने कहा कि वह किसी भी जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं। अगर वे उनके खिलाफ किसी भी तरह का सबूत पेश कर सके तो फिर उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई की जरूरत भी नहीं रह जाएगी। वह फांसी पर लटकने को तैयार हैं। उन्‍होंने सवालिया लहजे में कहा कि आखिर वे उनके खिलाफ आरोपों के साक्ष्‍य सार्वजनिक क्‍यों नहीं करते?

टीएमसी सांसद को ईडी ने पश्चिम बंगाल में कथित कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में पेश होने के लिए कहा है। उन्‍होंने आरोप लगाया कि ईडी और सीबीआई उस वक्‍त अपनी आंखें बंद कर लेते हैं, जब बात उन लोगों की आती है, जो कैमरे पर रिश्‍वत लेते पकड़े जाते हैं। टीएमसी सांसद ने बीजेपी नेताओं को अपने साथ पांच मिनट बैठने की चुनौती देते हुए कहा कि अगर वह उनका पर्दाफाश न कर दें तो राजनीति में फिर कभी कदम नहीं रखेंगे।

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