आज का इतिहास: 9 साल पहले सचिन तेंदुलकर ने बनाया शतकों का शतक

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 16, 2021, 05:30 AM IST

16 मार्च का इतिहास: आज ही के दिन 2012 में सचिन तेंदुलकर ने एशिया कप के एक मुकाबले में बांग्लादेश के खिलाफ खेलते हुए शेर-ए-बंगाल स्टेडियम, मीरपुर में सैकड़ा जड़कर एक अभूतपूर्व रिकॉर्ड अपने नाम किया था।

आज का इतिहास: 9 साल पहले सचिन तेंदुलकर ने बनाया शतकों का शतक

नई दिल्ली: मार्च का महीना क्रिकेट से जुड़ी कई बड़ी घटनाओं के साथ इतिहास में दर्ज है। 16 मार्च भी क्रिकेट के लिए ऐसा ही एक ऐतिहासिक दिन है। भारत में क्रिकेट को एक धर्म की तरह माना जाता है और सचिन तेंदुलकर किसी भगवान से कम नहीं हैं। सोलह मार्च, 2012 वह दिन है जब सचिन ने एशिया कप के एक मुकाबले में बांग्लादेश के खिलाफ खेलते हुए शेर-ए-बंगाल स्टेडियम, मीरपुर में सैकड़ा जड़कर एक अभूतपूर्व रिकॉर्ड अपने नाम किया था। दरअसल एकदिवसीय क्रिकेट में सचिन का यह 49वां शतक था और टेस्ट क्रिकेट में वह 51 शतक पहले ही लगा चुके थे। इस तरह मास्टर ब्लास्टर ने शतकों का शतक पूरा किया। भारत रत्न से सम्मानित सचिन यह कीर्तिमान रचने वाले दुनिया के अकेले बल्लेबाज हैं। इस मुकाम पर उनसे पहले कोई नहीं पहुंचा।

देश-दुनिया के इतिहास में 16 मार्च की तारीख पर दर्ज कुछ अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:-

1527 : बाबर ने खानवा के युद्ध में राणा सांगा को हराया।
1693 : इंदौर के होल्कर वंश के संस्थापक मल्हारराव होल्कर का जन्म।
1846 : प्रथम अंग्रेज-सिख युद्ध के फलस्वरूप अमृतसर संधि पर हस्ताक्षर।
1867 : महान शल्य चिकित्सक जोसेफ लिस्टर की खोज एंटीसेप्टिक सर्जरी का प्रकाशन।
1901 : स्वतन्त्रता सेनानी पी श्रीरामुलु का जन्म।
1910 : इफ्तिखार अली खान पटौदी का जन्म। उन्होंने भारत और इंग्लैंड, दोनों के लिए क्रिकेट खेली।
1939 : जर्मनी ने चेकोस्लोवाकिया पर कब्जा किया।
1966 : अमेरिका ने मानवयुक्त अंतरिक्ष यान जेमिनी-आठ प्रक्षेपित किया।
1968 : वियतनाम युद्ध के समय अमेरिकी सेनाओं ने सैकड़ों निर्दोष लोगों को मौत के घाट उतारा।
2000 : पाकिस्तान में लाहौर की एक अदालत ने जावेद इकबाल को मौत की सजा सुनाई, जिसने 6 से 16 साल की उम्र के बच्चों के साथ दरिंदगी के बाद उनकी हत्या कर दी और सबूत छिपाने के लिए उनके शवों को काट-काटकर तेजाब में डाला। अदालत ने जावेद को उसी तरह से मारने के आदेश दिए थे जैसे वह बच्चों को मारता था, लेकिन उसने सजा की तामील से पहले ही आत्महत्या कर ली।
2020 : देश में कोरोना वायरस के 114 मामलों की पुष्टि, ओडिशा में पहला मामला सामने आया।









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