RS के अपने अंतिम भाषण में आजाद बोले-भारतीय मुसलमान होने पर फख्र है, खुश हूं कि कभी पाक नहीं गया 

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 9, 2021, 02:47 PM IST

Rajya Sabha : पूर्व प्रधानमंत्री एटल बिहारी वाजपेयी की प्रशंसा करते हुए गुलाम नबी आजाद ने कहा कि वह ऐसे पीएम थे जो सभी को शामिल कर समस्याओं का हल खोजते थे।

RS के अपने अंतिम भाषण में आजाद बोले-भारतीय मुसलमान होने पर फख्र है, खुश हूं कि कभी पाक नहीं गया 

नई दिल्ली : राज्यसभा के अपने अंतिम भाषण में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने मंगलवार को कहा कि 'भारतीय मुसलमान होने पर उन्हें गर्व है।' आजाद ने राजनीति में अपनी सफलता का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को देते हुए कहा कि वह उन खुशकिस्मत लोगों में से एक हैं जो कभी पाकिस्तान नहीं गए। उन्होंने कहा कि अगर किसी मुसलमान को गौरव होना चाहिए तो हिंदुस्तान के मुसलमानों को होना चाहिए। कांग्रेस नेता ने पूर्व पीएम राजीव गांधी, पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी के नेतृत्व में खुद को अवसर देने के लिए पार्टी का धन्यवाद दिया। आजाद ने उन्हें सम्मान देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य सदस्यों का भी आभार प्रकट किया। 

स्पीच देते समय भावुक हुए पीएम मोदी
इससे पहले आजाद को विदाई भाषण देते समय पीएम मोदी भावुक हो गए। पीएम ने कहा कि राष्ट्रीय राजनीति में उनकी विरासत की भरपाई होनी मुश्किल होगी। प्रधानमंत्री ने कहा, 'विपक्ष का नेता रहते हुए पार्टी पॉलिटिक्स में लगे रहना आसान काम है लेकिन गुलाम नबी आजाद जी इससे ऊपर उठे और हमेशा देश हित के बारे में सोचा।' पीएम ने कहा कि राज्यसभा से उनके रिटायर होने के बाद भी वह राजनीतिक मामलों पर उनके सुझाव का स्वागत करेंगे। 

आजाद ओर अन्य सदस्यों को पीएम ने दी शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री ने आजाद सहित चार सदस्यों का कार्यकाल पूरा होने पर उन्हें शुभकामनाएं दीं और कहा कि सदन के अगले नेता प्रतिपक्ष को आजाद द्वारा स्थापित मानकों को पूरा करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आजाद ऐसे नेता हैं जो अपने दल के साथ साथ सदन और देश की भी चिंता करते रहे है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता के पद पर रहते हुए उन्होंने कभी दबदबा स्थापित करने का प्रयास नहीं किया।

हम लड़ेंगे तो लोगों का विश्वास उठ जाएगा-आजाद
पूर्व प्रधानमंत्री एटल बिहारी वाजपेयी की प्रशंसा करते हुए आजाद ने कहा कि वह ऐसे पीएम थे जो सभी को शामिल कर समस्याओं का हल खोजते थे। उन्होंने कहा, 'मैंने वाजपेयी जी से सीखा कि कैसे सत्तारूढ़ पार्टी और विपक्ष को साथ लेते हुए किसी समस्या का हल निकाला जाए। उनकी इस योग्यता के चलते संसद का प्रबंधन करने में सरकार को बहुत आसानी हुई।' कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि हम जब त लोगों के लिए काम करते रहेंगे और विधेयक पारित करते रहेंगे तब तक लोग हमारे ऊपर विश्वास जताते रहेंगे। उन्होंने कहा, 'हम यदि आपस में लड़ते रहे तो लोगों का विश्वास हम लोगों से उठ जाएगा।'

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