CAA के समर्थन में बीजेपी की रैली, नितिन गडकरी बोले- हिंदू होना पाप है क्या? [VIDEO]

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 22, 2019, 01:21 PM IST

CAA के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन के बीच बीजेपी ने दिल्ली के रामलीला मैदान में समर्थन में रैली आयोजित की। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा यह कानून भारत के भारत के मुसलमानों के खिलाफ नहीं है।

CAA के समर्थन में बीजेपी की रैली, नितिन गडकरी बोले- हिंदू होना पाप है क्या? [VIDEO]
Photo Credit: ANI

नई दिल्ली : नागरिकता संशोधन अधिनियम ( CAA) 2019 और प्रस्तावित एनआरसी के खिलाफ देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच के सत्तारूढ़ दल बीजेपी की दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली हो रही है। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि  CAA भारत के मुसलमानों के खिलाफ नहीं है। यह तीन पड़ोसी देशों (पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान) में धार्मिक अल्पसंख्यकों को सताया जाने वाले लोगों को नागरिकता देने के लिए है। मैं अपने मुस्लिम भाइयों से अपील करता हूं। कांग्रेस के इसको लेकर गलत अफवाह फैलाई है। वे केवल आपको वोट मशीन के रूप में देखते हैं।

यह कहते हुए कि पाकिस्तान में हिंदू और अन्य अल्पसंख्यकों पर असंख्य अत्याचार होते हैं, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पूछा कि क्या हिंदू होना अपराध है? उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में हिंदू अल्पसंख्यकों पर कई अत्याचार किए जाते हैं जिनमें जबरदस्ती धर्मांतरण और बलात्कार शामिल हैं। नितिन गडकरी से पूछा, पाकिस्तान में हिंदुओं पर धार्मिक उत्पीड़न किया जाता है, महिलाओं के साथ बलात्कार किया जाता है, और वहां जबरदस्ती धर्मांतरण और बहुत कुत होते हैं। क्या हिंदू होना अपराध है?

नितिन गडकरी ने कहा कि मैं उन लोगों से मिला हूं जो जोधपुर में पाकिस्तान से आए शरणार्थी हैं। महिलाओं ने बताया कि उनके साथ बलात्कार किया गया, संपत्ति लूटी गई और उन्हें बाहर निकाल दिया गया। उन पर ऐसे अत्याचार किए गए कि उन्हें पाकिस्तान से भागकर भारत में शरण लेनी पड़ी।

उन्होंने कहा कि इंडिया जो कि भारत है, वह सहिष्णु देश है जिसका कोई विस्तारवादी एजेंडा नहीं है और उसने कभी भी धर्म परिवर्तन तलवार के आधार पर नहीं किया है। गडकरी ने कहा कि हमने हमेशा उन लोगों को आश्रय दिया है जिन्हें इसकी आवश्यकता है। भारत ने कभी भी तलवार की ताकत पर जबरन धर्म परिवर्तन नहीं किया है। भारत से जो मुसलमान सऊदी अरब जाते हैं, उन्हें 'हिंदू' कहा जाता है, क्योंकि हमारी पहचान किसी धर्म से संबंधित नहीं है। 

नागरिकता (संशोधन) कानून पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक उत्पीड़न से भाग कर  31 दिसंबर 2014  भारत आए हिंदुओं, सिखों, जैनियों, पारसियों, बौद्धों और ईसाइयों को नागरिकता देता है।

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