Parliament Monsoon Session: कांग्रेस के 4 लोकसभा सांसदों को पूरे मानसून सत्र के लिए किया गया निलंबित, हंगामा करने पर हुई कार्रवाई

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 25, 2022, 05:30 PM IST

Parliament Monsoon Session: कांग्रेस के चार सांसदों को निलंबित किए जाने के बाद विपक्षी सदस्यों के लगातार विरोध के बीच लोकसभा को मंगलवार सुबह 11 बजे बैठक के लिए स्थगित कर दिया गया।

Parliament Monsoon Session: कांग्रेस के 4 लोकसभा सांसदों को पूरे मानसून सत्र के लिए किया गया निलंबित, हंगामा करने पर हुई कार्रवाई
Photo Credit: ANI

Parliament Monsoon Session: कांग्रेस पार्टी के चार लोकसभा सांसदों को सोमवार को बाकी बचे पूरे मानसून सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है। लोकसभा में कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर, टीएन प्रतापन, जोथिमणि और राम्या हरिदास को निलंबित करने का प्रस्ताव पारित किया गया था। सांसदों को संसद के निचले सदन की कार्यवाही में बाधा डालने के लिए निलंबित किया गया है।

कांग्रेस के 4 लोकसभा सांसद पूरे सत्र के लिए निलंबित

कांग्रेस के चार सांसदों को निलंबित किए जाने के बाद विपक्षी सदस्यों के लगातार विरोध के बीच लोकसभा को मंगलवार सुबह 11 बजे बैठक के लिए स्थगित कर दिया गया। वहीं कांग्रेस पार्टी ने सांसदों को निलंबित करने के मामले पर कहा कि सरकार उनके सांसदों को निलंबित करके विपक्ष को डराने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस पार्टी के एक नेता ने कहा कि वे उन मुद्दों को उठाने की कोशिश कर रहे थे, जो लोगों के लिए मायने रखते हैं।

हंगामा करने वाले सांसदों को लोकसभा अध्यक्ष की चेतावनी

इससे पहले आज ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उन सांसदों को चेतावनी जारी की थी, जो सदन की कार्यवाही को बाधित करना जारी रखते हैं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी सांसद द्वारा सरकार के खिलाफ नारे लगाने के मुद्दे को संबोधित किया और संसद के निचले सदन के सदस्यों से 'सदन में तख्तियां' लाने से रोकने का आग्रह किया। ओम बिरला ने कहा कि लोकसभा में महंगाई और कीमतों में बढ़ोतरी के मुद्दे पर सरकार के विरोध में विपक्ष के सांसदों ने नारेबाजी की। मैं सदस्यों से सदन में तख्तियां लाना बंद करने का आग्रह करता हूं। सरकार चर्चा के लिए तैयार है।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि सदन में तख्तियां लाने वाले किसी भी सदस्य को सदन की कार्यवाही में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ये लोकतंत्र का मंदिर है, सदन की गरिमा बनाए रखना सदस्यों की जिम्मेदारी है। 

End of Article