Farm Bills : क्या आज बनेगी बात! किसान संगठनों-सरकार के बीच आज 10वें दौर की बातचीत

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 20, 2021, 07:00 AM IST

किसानों के चार प्रमुख मांगों में से दो पर सहमति बन गई है। सरकार का कहना है कि बातचीत में राजनीतिक विचारधारा के शामिल होने से समस्या का हल नहीं निकल पा रहा है। 

Farm Bills : क्या आज बनेगी बात! किसान संगठनों-सरकार के बीच आज 10वें दौर की बातचीत
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नई दिल्ली : किसान संगठनों और सरकार के बीच तीन नए कृषि कानूनों पर 10वें दौर की बातचीत बुधवार को विज्ञान भवन में होगी। यह बैठक 19 जनवरी को होनी थी लेकिन इसे अगले दिन के लिए टाल दिया गया। सुप्रीम कोर्ट में गणतंत्र दिवस के दिन दिल्ली में किसान संगठनों के प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली पर सुनवाई होगी।  सरकार और किसान संगठनों के बीच पिछली बातचीत 15 जनवरी को हुई थी लेकिन कृषि कानूनों और एमएसपी पर कोई हल नहीं निकल सका। किसानों के चार प्रमुख मांगों में से दो पर सहमति बन गई है। सरकार का कहना है कि बातचीत में राजनीतिक विचारधारा के शामिल होने से समस्या का हल नहीं निकल पा रहा है। 

कांग्रेस अपना रही विरोध और अवरोध की नीति-भाजपा 
भाजपा नेता एवं केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मंगलवार को कांग्रेस पर ‘विरोध और अवरोध’की नीति अपनाने का आरोप लगाया। पत्रकारों को संबोधित करते हए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा द्वारा उठाए गए सवालों को नजरअंदाज करने के लिए पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया और कहा कि कांग्रेस को खून शब्द से बहुत प्यार है इसलिए उसने ‘खेती का खून’नामक शीर्षक से पुस्तिका जारी की। राहुल ने मंगलवार को ‘किसानों की पीड़ा’ पर ‘खेती का खून’ शीर्षक से एक पुस्तिका जारी की। 

कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग 
पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों के किसान दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर पिछले कई हफ्ते से तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने इस बीच डिजिटल माध्यम से एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दोहराया कि तीनों कृषि कानून किसानों के लिए लाभकारी होंगे। उन्होंने कहा, ‘पिछली सरकारें भी ये कानून लागू करना चाहती थीं लेकिन दबाव के कारण वे ऐसा नहीं कर सकीं। मोदी सरकार ने कड़े निर्णय लिए और ये कानून लेकर आई। जब भी कोई अच्छी चीज होती है तो अड़चने भी आती हैं।’

ट्रैक्टर रैली पर आज सुनवाई 
किसान गणतंत्र दिवस के दिन दिल्ली में ट्रैक्टर रैली निकालने वाले हैं। इस प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली के खिलाफ आदेश पारित करने की मांग वाली अर्जी पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि इस मामले से निपटने का अधिकार केंद्र सरकार के पास है। कोर्ट ने कहा कि गणतंत्र दिवस के दिन किसानों की प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली कानून-व्यवस्था का विषय है और दिल्ली में किसे आने की इजाजत देनी है, इसके बारे में फैसला दिल्ली पुलिस को करना है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई अब बुधवार को करेगा। 

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