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मानहानि के एक और मुकदमे ने बढ़ाई राहुल गांधी की टेंशन! वो 6 साल पुराना विवाद

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 18, 2023, 09:04 AM IST

RSS vs Rahul Gandhi: मोदी सरनेम मानहानि मामले में राहुल गांधी की सांसदी तक चली गई थी, अब राहुल ये समझ चुके हैं कि थोड़ी भी लापरवाही उनपर भारी पड़ सकती है। शायद यही वजह है कि आरएसएस 'मानहानि' मामले को रद्द करने के लिए राहुल गांधी ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया। आपको 6 साल पुराने उस विवाद को समझाते हैं।

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राहुल गांधी ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

Rahul Gandhi News: मोदी सरनेम पर राहुल गांधी ने विवादित बयान दिया, उन्हें सजा मिली और लोकसभा सदस्यता रद्द हो गई। हाईकोर्ट ने राहत नहीं दी तो उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जिसके बाद जाकर राहुल की सजा पर रोक लगाई गई और उनकी सांसदी दोबारा बहाल हुई। मगर राहुल गांधी इन दिनों अलर्ट पर हैं, वो भी 6 साल पुराने मानहानि के मामले को लेकर।

लोकसभा चुनाव के लिए बरत रहे एहतियात?

कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी अब कोई भी गलती करने के मूड में नहीं है। लोकसभा चुनाव नजदीक है, ऐसे में राहुल खुद सभी विवादों से अब दूर रहना चाहते हैं। तभी कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बेंगलुरु की पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के साथ कथित तौर पर आरएसएस को जोड़ने के कारण उनके खिलाफ दायर 2017 के मानहानि मामले को खारिज करने की मांग करते हुए मंगलवार को बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया। जस्टिस सारंग कोतवाल के सामने आए इस मामले को 5 दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।

अदालत के 2019 के आदेश को दी चुनौती

राहुल ने अपने वकील कुशल मोर के जरिए बोरीवली मजिस्ट्रेट की अदालत के 2019 के आदेश को चुनौती दी है, जिसमें आरएसएस विचारक और वकील धृतिमान जोशी द्वारा दर्ज कराई गई निजी मानहानि शिकायत को खारिज करने से इनकार कर दिया गया है। राहुल गांधी ने कहा है कि उन्हें इस मामले में सीपीआई-एम महासचिव सीताराम येचुरी के साथ गलत तरीके से आरोपी बनाया गया था, जिन्होंने कथित तौर पर कर्नाटक में 5 सितंबर, 2017 को गौरी लंकेश की हत्या के बाद एक अलग स्थान और समय पर एक अलग बयान दिया था।

धृतिमान जोशी ने दर्ज कराई थी शिकायत

उन्होंने तर्क दिया है कि जोशी की शिकायत सीआरपीसी की धारा 218 का उल्लंघन करती है जो अलग-अलग अपराधों के लिए अलग-अलग आरोप निर्धारित करती है, और संयुक्त मुकदमे की अवधारणा अज्ञात है, कानून के तहत अनिवार्य या स्वीकृत नहीं है। गौरी लंकेश की हत्या के बाद जोशी ने राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत 6 सितंबर, 2017 को दर्ज कराई थी। उन्होंने दावा किया था कि टीवी पर समाचार देखने के दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता को संसद के बाहर बोलते हुए सुना कि जो कोई भी भाजपा-आरएसएस की विचारधारा के खिलाफ आवाज उठाता है, उस पर दबाव डाला जाता है, उस पर हमला किया जाता है या मार डाला जाता है।

इसी तरह, जोशी ने दावा किया कि येचुरी ने कथित तौर पर मीडिया से बात की थी कि पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के लिए आरएसएस जिम्मेदार है। जोशी ने तर्क दिया कि ये बयान आम जनता की नजर में आरएसएस की छवि खराब करने के लिए बिना किसी सबूत के दिए गए थे।

राहुल गांधी और सीताराम येचुरी से जुड़ा है मामला

शिकायत के बाद बोरीवली मजिस्ट्रेट की अदालत ने फरवरी 2019 में राहुल गांधी और सीताराम येचुरी को समन जारी किया। दोनों जुलाई 2019 में अदालत में पेश हुए और जमानत मांगी, लेकिन बाद में दोनों ने विभिन्न आधारों का हवाला देते हुए शिकायत को रद्द करने की मांग करते हुए आवेदन दायर किया। नवंबर 2019 में बोरीवली मजिस्ट्रेट ने मामले में गांधी और येचुरी द्वारा दायर दोनों आवेदनों को खारिज कर दिया और अब कांग्रेस नेता ने उस अस्वीकृति आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख किया है। राहुल ने अदालत से निचली अदालत के आदेश को रद्द करने, उनके खिलाफ जारी प्रक्रिया को रद्द करने और शिकायत को खारिज करने की प्रार्थना की है।

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