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VIDEO: मुंबई की सड़कों पर अचानक ऑटो-रिक्शा चलाने लगीं CM फडणवीस की पत्नी अमृता; जानें आखिर क्या है वजह?

विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर मुंबई में भामला फाउंडेशन के 'महिला नेतृत्व हरित गतिशीलता कार्यक्रम' के तहत 'पिंक ई-रिक्शा सहायता पहल' की शुरुआत की गई। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने खुद पर्यावरण अनुकूल पिंक ई-रिक्शा चलाकर इस मुहिम का उद्घाटन किया। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह शून्य कार्बन उत्सर्जन के साथ पर्यावरण की रक्षा करेगा और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगा। अमृता फडणवीस ने यह भी बताया कि इस सरकारी योजना के तहत सरकार और बैंकों की मदद के बाद जो 10 प्रतिशत (30-35 हजार रुपये) का वित्तीय अंतर रह जाता था, उसे पाटने में एनजीओ (NGO) की यह भूमिका बेहद सराहनीय है।

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सीएम देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने मुंबई में चलाया ऑटो-रिक्शा। ANI

Photo : ANI

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में खुद ऑटो रिक्शा चलाकर सभी को हैरान और प्रेरित कर दिया। मौका था भामला फाउंडेशन के 'महिला नेतृत्व हरित गतिशीलता कार्यक्रम' (Women-Led Green Mobility Program) के तहत 'पिंक ई-रिक्शा सहायता पहल' (Pink E-Rickshaw Support Initiative) के भव्य लॉन्च का।

अमृता फडणवीस ने खुद संभाली चालक की सीट

इस खास अभियान की शुरुआत के दौरान अमृता फडणवीस न केवल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं, बल्कि उन्होंने खुद चालक की सीट संभाली और पर्यावरण अनुकूल पिंक ई-रिक्शा को चलाकर इस मुहिम को हरी झंडी दिखाई। उनके इस अनूठे अंदाज ने कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों का ध्यान खींचा और सोशल मीडिया पर भी उनकी तस्वीरें व वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।

एक तीर से दो निशाने: पर्यावरण और आत्मनिर्भरता

इस शानदार पहल पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए अमृता फडणवीस ने कहा कि आज मुझे इस कार्यक्रम में शामिल होकर बेहद खुशी हुई, जहां जरूरतमंद महिलाओं को रिक्शे बांटे गए। यह कार्यक्रम भामला फाउंडेशन द्वारा आयोजित किया गया था। इसके दो प्रमुख लाभ हैं: पहला, पर्यावरण के अनुकूल ई-रिक्शा, जिससे आपके शहर में कार्बन उत्सर्जन शून्य होता है और दूसरा, यह आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त करता है। इसके जरिए महिलाएं स्वयं अपने जीवन में बदलाव लाती हैं।

सरकारी योजना और एनजीओ (NGO) का मिला साथ

योजना के आर्थिक पहलुओं पर बात करते हुए अमृता फडणवीस ने बताया कि मैं यह बताना चाहूंगी कि यह एक मौजूदा सरकारी योजना है जो पहले से ही सक्रिय है। इस योजना के तहत, सरकार जरूरतमंद महिलाओं के लिए बैंकों के माध्यम से 70% लोन की सुविधा प्रदान करती है; सरकार स्वयं 20 प्रतिशत का योगदान करती है और महिलाओं को शेष 10 प्रतिशत का योगदान करना होता है। हालांकि, कई मामलों में, ये महिलाएं 10% हिस्सा भी चुकाने में असमर्थ होती हैं, जो लगभग 30,000 से 35,000 रुपये होता है। इसलिए, यह वास्तव में सराहनीय है कि गैर-सरकारी संगठनों ने आगे बढ़कर इस कमी को पूरा करने का बीड़ा उठाया है और इस वित्तीय अंतर को पाटने का काम किया है।

ग्रीन मोबिलिटी से बदलेगी मुंबई की सूरत

यह पहल विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और हरित ऊर्जा के जरिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। इस कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के सशक्तिकरण और प्रदूषण मुक्त यातायात पर विशेष जोर दिया गया।

अमृता फडणवीस ने इस मौके पर पिंक ई-रिक्शा पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने के साथ-साथ मुंबई जैसे महानगर को स्वच्छ और हरा-भरा रखने में एक बड़ी भूमिका निभाएगा। भामला फाउंडेशन के इस ग्रीन मोबिलिटी प्रोग्राम की शुरुआत से आने वाले दिनों में मुंबई की सड़कों पर महिला चालकों द्वारा संचालित पर्यावरण अनुकूल पिंक ई-रिक्शा की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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