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दो कदम तुम बढ़ो दो कदम हम बात बन जाएगी, विपक्षी हंगामे पर अमित शाह ने ऐसा क्यों कहा

  • Authored by: ललित राय
  • Updated Mar 18, 2023, 09:48 AM IST

संसद में गतिरोध के बारे में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि सिर्फ विरोध के लिए आप संसद नहीं चलने देंगे उसका कोई तुक नहीं है। आप किसी भी विषय पर असहमत हो सकते हैं,अगक आपको सरकार के फैसले से ऐतराज है तो अदालत का दरवाजा भी खटखटा सकते हैं।

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अमित शाह, गृहमंत्री

KEY HIGHLIGHTS
  • संसद में गौतम अडानी प्रकरण पर गतिरोध
  • राहुल गांधी के बयान पर भी हंगामा
  • गृहमंत्री अमित शाह का खास सुझाव

Amit Shah on Parliament long jam: संसद, देश की सबसे बड़ी पंचायत है। इस पंचायत में हमारे प्रतिनिधि देश की तकदीर बनाने वाले फैसले करते हैं। लेकिन इस समय पंचायत में रार दो मुख्य विषयों पर है। गौतम अडानी के बारे में हिंडनबर्ग ने जब रिपोर्ट छापी तो विपक्ष को हथियार मिल गया। लेकिन उसके बाद राहुल गांधी ने कैंब्रिज विश्वविद्यालय में भारतीय लोकतंत्र पर जो टिप्पणी की उसके बाद उनकी पार्टी संसद में सत्ता पक्ष के निशाने पर आ गई। इस विषय पर गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि सिर्फ हंगामा करना मकसद नहीं होना चाहिए। हमें यह देखना होगा कि जनता का हित किसमें जुड़ा है। विपक्ष का काम विरोध करना होता हैं। लेकिन उसके पीछे कुछ पुख्ता आधार भी तो होना चाहिए।

गौतम अडानी मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में

अमित शाह ने एक मीडिया हाउस के कॉन्क्लेव में कहा कि गौतम अडानी प्रकरण की जांच सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति के साथ साथ सेबी द्वारा भी की जा रही है। ऐसे में हल्ला मचाने का मकसद नहीं है। अगर किसी को आपत्ति है तो वो अदालत का दरवाजा खटखटाए। अगर किसी को यह लगता है कि इस मुद्दे पर सही तरह के एक्शन नहीं लिया गया है तो उसके खिलाफ आप विरोध करिए। लेकिन संसद को नहीं चलने देंगे। इसके पीछे कोई तर्क नहीं है।

आप भी आगे आएं, हम भी आगे आएंगे

अमित शाह ने कहा कि संसद में गतिरोध को खत्म किया जा सकता है जब दो कदम विपक्ष आगे बढ़ेगा तो दो कदम सरकार भी आगे चलेगी। उन्होंने कहा कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं। लेकिन कुछ बातें तो राजनीति से ऊपर होती है। यहां तक इंदिरा गांधी ने भी घरेलू राजनीति के बारे में विदेशी धरती पर चर्चा करने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अपनी बात संसद में नहीं कहते। विदेश से आकर प्रेस कांफ्रेस करते हैं। सवाल यह है कि क्या जो आपको बात पसंद नहीं उसके लिए आप पूरी व्यवस्था को बेपटरी कर देंगे।

ललित राय
ललित रायauthor

खबरों को सटीक, तार्किक और विश्लेषण के अंदाज में पेश करना पेशा है। पिछले 10 वर्षों से डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव है।

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