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कल अमरावती को मिल सकती है आंध्र प्रदेश की राजधानी की मान्यता; लोकसभा में पेश होगा आंध्र प्रदेश पुनर्गठन संशोधन विधेयक

एक अप्रैल को केंद्र सरकार बुधवार को लोकसभा में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन)विधेयक 2026 पेश करने जा रही है। इस विधेयक का उद्देश्य राज्य की राजधानी को लेकर किसी भी तरह की अस्पष्टता को खत्म करना और कानूनी रूप से स्पष्ट स्थिति देना है। इस कदम को आंध्र प्रदेश के विकास और प्रशासनिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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लोकसभा।

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

कल का दिन आंध्र प्रदेश और वहां की राजनीति के लिए बड़ा दिन होगा। दरअसल, कल यानी एक अप्रैल को केंद्र सरकार बुधवार को लोकसभा में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन)विधेयक 2026 पेश करने जा रही है। इस विधेयक के जरिए अमरावती को आधिकारिक तौर पर राज्य की एकमात्र राजधानी के रूप में मान्यता दी जाएगी।

यह फैसला तेलुगुदेशम पार्टी (टीडीपी) के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की उस नीति को कानूनी रूप देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है, जिस पर वह लंबे समय से काम कर रही थी। इससे पहले 28 मार्च को आंध्र प्रदेश विधानसभा ने इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसने इस विधेयक के लिए रास्ता साफ किया।

आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2014 में हैदराबाद को बनाया गया था संयुक्त राजधानी

दरअसल, आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2014 के तहत राज्य के विभाजन के बाद हैदराबाद को तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की साझा राजधानी बनाया गया था। इस व्यवस्था की समय सीमा अधिकतम 10 साल तय की गई थी, जिसके बाद हैदराबाद केवल तेलंगाना की राजधानी बनना था और आंध्र प्रदेश को अपनी नई राजधानी स्थापित करनी थी।

फिर अमरावती को आंध्र सरकार ने किया चयनित

इसके बाद आंध्र प्रदेश सरकार ने विचार-विमर्श, योजना और परामर्श के बाद अमरावती को नई राजधानी के रूप में चिन्हित किया। इस दिशा में प्रशासनिक, विधायी और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई बड़े कदम उठाए गए, ताकि अमरावती को एक पूर्ण विकसित राजधानी के रूप में स्थापित किया जा सके।

अब मिलेगी आधिकारिक मान्यता

अब प्रस्तावित संशोधन विधेयक के जरिए 2014 के कानून की धारा 5(2) में बदलाव कर अमरावती का नाम आधिकारिक रूप से राज्य की राजधानी के तौर पर शामिल किया जाएगा। यह संशोधन 2 जून 2024 से प्रभावी माना जाएगा।

आंध्र सरकार का कहना है कि इस विधेयक का उद्देश्य राज्य की राजधानी को लेकर किसी भी तरह की अस्पष्टता को खत्म करना और कानूनी रूप से स्पष्ट स्थिति देना है। इस कदम को आंध्र प्रदेश के विकास और प्रशासनिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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