महाराष्ट्र में राजनीति कभी भी करवट बदल सकती है। जिस एनसीपी के मुखिया शरद पवार के भरोसे कांग्रेस 2024 में सत्ता वापसी की रणनीति तैयार कर रही है, कहीं वहीं शरद पवार, कांग्रेस का का साथ न छोड़ दें। शरद पवार के भतीजे अजीत पवार को लेकर अटकलें लगती रही हैं कि वो बीजेपी के साथ जा सकते हैं। अब अजीत पवार ने ऐसी बात कह दी है जिससे इन अटकलों को और बल मिल सकता है।
'सीएम भी बनेंगे अजीत पवार'
अजीत पवार ने कहा कि एनसीपी कभी भी महाराष्ट्र के सीएम पोस्ट पर अपना दावा ठोक सकती है। पीटीआई के अनुसार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता अजित पवार ने उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर लगाई जा रही अटकलों के बीच शुक्रवार को कहा कि उनकी पार्टी 2024 में होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव का इंतजार किए बगैर ‘अभी भी’ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद पर दावा कर सकती है। विधानसभा में विपक्ष ने नेता ने एक साक्षात्कार में कहा कि वह ‘100 फीसदी’ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनेंगे।
'शिंदे के बगावत की थी खबर'
पुणे में साकाल मीडिया ग्रुप के साथ ‘दिलखुलास दादा’ नामक कार्यक्रम के लिए अनौपचारिक सेटिंग में दिए गए साक्षात्कार में पवार ने कहा कि उन्होंने जून 2022 में शिवसेना में बगावत से पहले ही सुना था कि मौजूदा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे नाखुश हैं और उनके दिमाग में कुछ चल रहा है। पवार ने खुलासा किया कि 2004 में जब राकांपा ने गठबंधन की अपनी सहयोगी कांग्रेस से ज्यादा सीटें जीती थीं, तो उस वक्त उनके सहकर्मी दिवंगत आर आर पाटिल मुख्यमंत्री बन सकते थे, लेकिन दिल्ली से एक संदेश आया कि उनकी पार्टी को उपमुख्यमंत्री पद मिलेगा।
जब आया दिल्ली से संदेश
रैपिड फायर राउंड में पुणे जिले की बारामती सीट से विधायक पवार से यह पूछा गया था कि क्या वह मुख्यमंत्री बनना चाहेंगे। पवार पहले उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं।
इस सवाल पर उन्होंने बेहद सटीकता से कहा, ‘‘हां, मैं 100 फीसदी मुख्यमंत्री बनना चाहूंगा।’’ यह पूछने पर कि राकांपा को उपमुख्यमंत्री पद से इतना लगाव क्यों है, अनुभवी नेता ने कहा कि 2004 में राकांपा और कांग्रेस ने गठबंधन में विधानसभा चुनाव लड़ा और राकांपा को ज्यादा सीटें हासिल हुईं। पवार ने कहा- "हमें 71 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस को 69 सीटें हासिल हुईं। कांग्रेस सहित सभी को लगा कि मुख्यमंत्री राकांपा से होगा। लेकिन उच्च स्तर पर कुछ फैसले लिए गए और दिल्ली से एक संदेश आया कि राकांपा को उपमुख्यमंत्री पद मिलेगा और मुख्यमंत्री का पद कांग्रेस के हिस्से में चला गया।"
