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उदयपुर से दिल्ली जा रहे विमान में मोबाइल हुआ ब्लास्ट, कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jul 17, 2023, 05:10 PM IST

Air India Mobile Blast: विमान जब हवा में था, तब एक यात्री के मोबाइल की बैटरी में ब्लास्ट हो गया, जिसके बाद विमान की इमरजेंसी लैंडिंग करवाई गई। हादसे के वक्त विमान में 140 यात्री सवार थे।

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एयर इंडिया की फ्लाइट में ब्लास्ट

Photo : BCCL

Air India Mobile Blast: राजस्थान के उदयपुर से बड़ा मामले सामने आया है। यहां एयर इंडिया का एक विमान हवाई हादसे का शिकार होने से बच गया। जानकारी के मुताबिक, विमान जब हवा में था, तभी एक यात्री के मोबाइल की बैटरी में ब्लास्ट हो गया, जिसके बाद विमान की इमरजेंसी लैंडिंग करवाई गई। बताया जा रहा है कि जिस समय यह हादसा हुआ विमान में करीब 140 यात्री सवार थे।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, एयर इंडिया की फ्लाइट 470 ने उदयपुर एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। इसके कुछ ही देर बाद एक यात्री के मोबाइल की बैटरी अचानक फट गई, जिसके बाद विमान में अफरा-तफरी मच गई और कई यात्री घबरा गए। इसके बाद विमान की डबोक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।

सभी यात्री सुरक्षित, जांच के बाद विमान रवाना

एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग के बाद यात्रियों उतारा गया। हालांकि, कुछ यात्रियों ने दोबारा इसी विमान में उड़ान भरने से इंकार कर दिया, जिसके बाद पूरे विमान की तकनीकी जांच की गई। तब जाकर विमान को दोबारा दिल्ली के लिए रवाना किया गया। जानकारी के मुताबिक, विमान में हुए इस हादसे में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है। सभी सुरक्षित हैं।

दोपहर एक बजे हुई थी घटना

जानकारी के मुताबिक, एयर इंडिया की फ्लाइट अपने तय समय दोपहर 1 बजे उदयपुर से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। हालांकि, 10 मिनट बाद ही विमान में बैठे एक पैसेंजर की मोबाइल बैटरी में तेज ब्लास्ट हो गया। आवाज सुनकर यात्री डर गए, जिसके बाद विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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