Nitish Kumar : समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव से सोमवार को मुलाकात के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि 'आज मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री बनने का मेरा कोई इरादा नहीं है। मुझे किसी पद एवं सत्ता की लालसा नहीं है। मैं देश की भलाई के लिए काम करना चाहता हूं।' बता दें कि नीतीश और बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव सोमवार को ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी कोलकाता में मिले। कोलकाता में बनर्जी से मुलाकात के बाद दोनों नेता अखिलेश से मिलने के लिए यूपी पहुंचे।
विपक्ष के नेताओं से मिल रहे हैं नीतीश
2024 के लोकसभा चुनाव से पहले नीतीश कुमार विपक्ष को एकजुट करने की पहल काफी समय से करते आ रहे हैं। इसी सिलसिले में वह कुछ दिनों पहले दिल्ली आए थे और दिल्ली के सीएम सहित विपक्ष के कई नेताओं से मुलाकात की। हालांकि, उनकी मुलाकात एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार से नहीं हो पाई। अखिलेश के साथ बंद कमरे में हुई मुलाकात के बाद नीतीश मीडिया से बातचीत कर रहे थे। इस बातचीत में उन्होंने कहा कि भाजपा के खिलाफ वह ज्यादा से ज्यादा विपक्ष को एक साथ लाना चाहते हैं।
विपक्ष के चेहरे पर बाद में फैसला करेंगे-नीतीश
2024 में विपक्ष का चेहरा कौन होगा, इस सवाल पर बिहार के सीएम ने कहा कि जब सभी लोग साथ आ जाएंगे तो हम फैसला करेंगे कि हमारा नेता कौन होगा। सपा अध्यक्ष अखिलेश ने कहा कि भाजपा को सत्ता से दूर करने के लिए वह नीतीश कुमार के प्रयासों के साथ हैं। उन्होंने कहा, 'भाजपा देश के लोकतांत्रिक मूल्यों को खत्म करने की कोशिश कर रही है। हम लोग देश से बेरोजगारी, महंगाई एवं गरीबी मिटाने के लिए साथ आए हैं। हम चाहते हैं कि भाजपा सरकार सत्ता से बाहर किया जाए ताकि देश को बचाया जा सके।'
हम सभी एक साथ हैं-ममता
सपा सुप्रीमो ने कहा कि भाजपा देश के इतिहास को बदलना चाहती है। उन्हें देश का इतिहास जानना चाहिए। वे कुछ काम नहीं कर रहे हैं। केवल विज्ञापन कर रहे हैं। आगामी चुनाव के लिए हम विपक्ष की पार्टियों को एकजुट करने जा रहे हैं। वहीं, कोलकाता में ममता से मुलाकात के बाद नीतीश ने कहा कि ‘बंगाल की सीएम के साथ बेहद सकारात्मक बातचीत हुई। विपक्षी दलों को एकसाथ बैठकर रणनीति तैयार करने की जरूरत है।’वहीं, बनर्जी ने बताया, ‘हमें यह संदेश देना है कि हम सभी एक साथ हैं।’
