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सैफ अली खान ही नहीं, इन सेलिब्रिटीज के घर की भी एक दिन पहले ही आरोपी ने की थी रेकी; अब हुआ बड़ा खुलासा

Saif Ali Khan Attack Case: सैफ अली खान पर उनके घर में घुसकर चाकू से हमला करने के मामले में गिरफ्तार आरोपी से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी ने हमले से ठीक 1 दिन पहले सैफ अली खान सहित अन्य मशहूर कलाकारों के घरों की रेकी की थी। आपको सबकुछ तफसील से समझाते हैं।

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सैफ अली खान पर हमला मामले में बड़ा खुलासा।

Mumbai: क्या सैफ अली खान पर हमला करने वाला शख्स अन्य मशहूर हस्तियों को भी निशाना बनाने की प्लानिंग कर रहा था? ये सवाल इसलिए खड़े हो रहे हैं क्योंकि ऐसी जानकारी सामने आ रही है कि आरोपी ने सैफ अली खान सहित अन्य मशहूर कलाकारों के घरों की रेकी हमले से ठीक 1 दिन पहले की थी। सैफ अली खान पर हमला करने वाले शख्स को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय साजिश से संबंधित अभियोजन पक्ष की दलील को खारिज नहीं किया जा सकता है। पुलिस ने अदालत को बताया कि कथित हमलावर बांग्लादेशी नागरिक है, और उसके कृत्य के पीछे के मकसद का पता लगाने की जरूरत है।

हमले से ठीक 1 दिन पहले की थी मशहूर कलाकारों के घरों की रेकी

सूत्रों के अनुसार, ये बात सामने आई है कि हमले से एक दिन पहले यानी 15 जनवरी को आरोपी ने एक ऑटो रिक्शा में बैठकर सैफ अली खान, शाहरुख खान, सलमान खान समेत अन्य सेलिब्रिटीज के घरों की रेकी की थी। वो ये देख रहा था कि किस सेलिब्रिटी के घर किन ठिकानों पर हैं। लोकल ऑटो रिक्शा चालक द्वारा ही यह घर उसे दिखाए गए थे। सुरक्षा के लिहाज को देखते हुए और आसानी से घर में दाखिल होने की गुंजाइश के चलते आरोपी ने सैफ अली खान के घर का चुनाव किया था।

सैफ पर हमले के आरोपी को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा

मुंबई की एक अदालत ने सैफ अली खान पर हमला मामले में गिरफ्तार व्यक्ति को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने आरोपी मोहम्मद शरीफुल इस्लाम शहजाद (30) को रविवार दोपहर डेढ़ बजे बांद्रा में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत के सामने पेश किया। पुलिस ने अदालत को बताया कि कथित हमलावर भारत में अवैध रूप से रहने वाला एक बांग्लादेशी नागरिक था और उसके कृत्य के पीछे के मकसद का पता लगाने की जरूरत है। पुलिस ने अदालत से यह भी कहा कि उन्हें यह पता लगाने की जरूरत है कि इस मामले का संबंध किसी अंतरराष्ट्रीय साजिश से है या नहीं।

हालांकि, बचाव पक्ष के वकील संदीप डी शेरखाने ने तर्क दिया कि उनका मुवक्किल कई वर्षों से देश में रह रहा है और उसके पास (देश में रहने के लिए) महत्वपूर्ण दस्तावेज है, और उसका परिवार भी भारत में रह रहा है। बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि अभिनेता सैफ अली खान की मौजूदगी के कारण इस मामले को तूल दिया गया है। हालांकि, पुलिस ने यह कहते हुए 14 दिन की हिरासत की मांग की कि मामला सिर्फ एक अभिनेता के बारे में नहीं है बल्कि इसमें एक क्रूर हमला शामिल है। पुलिस ने अदालत को यह भी बताया कि जांच प्राथमिक चरण में है। जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि हमले में खान को गंभीर चोटें आईं, जिसमें चाकू के ब्लेड के एक हिस्से का उनके शरीर में धंसना शामिल है।

तीन हिस्सों में टूट गया चाकू, जिसके दो हिस्से मिल गए हैं

पुलिस ने अदालत को बताया कि चाकू तीन हिस्सों में टूट गया जिसके दो हिस्से मिल गए हैं, जबकि तीसरा हिस्सा आरोपी से बरामद किया जाना बाकी है। पुलिस ने कहा कि घटना के समय आरोपी ने जो कपड़े पहने थे उनपर खून के धब्बे होंगे और जांच के हिस्से के रूप में ये कपड़े जब्त करने की जरूरत है। जांच अधिकारी ने कहा कि यह पता लगाने के लिए जांच की आवश्यकता है कि आरोपी अभिनेता के घर में कैसे दाखिल हुआ और हमले के पीछे का मकसद क्या था। हालांकि, बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि शहजाद को न्यायिक हिरासत में भेजा जाना चाहिए। रिकॉर्ड पर मौजूद दस्तावेजों पर गौर करने के बाद पुलिस की दलील को स्वीकार करते हुए अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा लगाए गए अंतरराष्ट्रीय साजिश के आरोप को ‘‘असंभव नहीं कहा जा सकता।’’ अदालत ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि आरोपियों के खिलाफ आरोप सही हैं। इसलिए मामले की जांच के लिए पुलिस को पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए। पांच दिन की पुलिस हिरासत उचित है।’’

अदालत ने बचाव पक्ष के इस दावे को भी खारिज कर दिया कि गिरफ्तारी अवैध थी और कहा कि पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के दौरान सभी आवश्यक मानदंडों का पालन किया था। इससे पहले दिन में पुलिस ने मीडिया को बताया था कि कथित हमलावर मोहम्मद शरीफुल इस्लाम शहजाद एक बांग्लादेशी नागरिक है, जिसने अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने के बाद अपना नाम बदलकर बिजॉय दास रख लिया था। उसे ठाणे शहर से सटे इलाके से पकड़ा गया था। पुलिस ने कहा था कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, वह 16 जनवरी को तड़के चोरी के इरादे से बांद्रा में सतगुरु शरण इमारत में बॉलीवुड अभिनेता के घर में दाखिल हुआ था। हमलावर ने सैफ (54) पर कई बार चाकू से वार किया था जिसके बाद पास के लीलावती अस्पताल में उनकी चार-पांच घंटे तक सर्जरी की गई थी।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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