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दिल्ली-पंजाब के बाद अब हरियाणा पर AAP की नजर, विधानसभा चुनाव से पहले सुनीता केजरीवाल करेंगी रैली

AAP Haryana Rally: हरियाणा आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुशील गुप्ता ने बताया कि आम आदमी पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता कल से हरियाणा विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटा हुआ है । हम जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करेंगे, क्योंकि हमारी पार्टी अपने फायदे के लिए, अपने हितों के लिए नहीं, बल्कि हमेशा से लोगों के हितों को देख कर काम करती हुई आई है।

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Sunita Kejriwal

Photo : Twitter

AAP Haryana Rally: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल 30 जून को हरियाणा के आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए आम आदमी पार्टी के पक्ष में रैली करती हुईं दिखेंगी। हरियाणा आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुशील गुप्ता ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद अब आम आदमी पार्टी हरियाणा विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट चुकी है। हमें पूरा विश्वास है कि इस बार हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे।

सुशील गुप्ता ने कहा, आम आदमी पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता कल से हरियाणा विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट जाएगा। हम जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करेंगे, क्योंकि हमारी पार्टी अपने फायदे के लिए, अपने हितों के लिए नहीं, बल्कि हमेशा से लोगों के हितों को देख कर काम करती हुई आई है। हम इस बार सूबे में अपनी सरकार बनाकर रहेंगे। जिस तरह से हमारी पार्टी ने सत्ता में रहते हुए दिल्ली की जनता के हितों को सर्वोपरि मानते हुए उनके लिए लगातार काम किए हैं, वैसा ही काम अब हम हरियाणा में भी करेंगे।

'एकजुट है आम आदमी पार्टी'

इस बीच, जब सुशील गुप्ता से आम आदमी पार्टी की हरियाणा इकाई में अंतर्कलह के संबंध में सवाल किया गया, तो उन्होंने दो टूक कहा, आम आदमी पार्टी की हरियाणा इकाई में सब कुछ ठीक चल रहा है। कहीं कोई दिक्कत नहीं है। हम पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ने जा रहे हैं। एकजुटता ही हमारी पार्टी का प्रतीक है। दरअसल, आम आदमी पार्टी के नेता अनुराग ढांडा ने बीते दिनों कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस ने अपना धर्म ढंग से नहीं निभाया। इस पर पत्रकारों ने सुशील गुप्ता से सवाल किया और कहा कि ढांडा के बयान से यह जाहिर होता है कि आम आदमी पार्टी की हरियाणा इकाई में कुछ ठीक नहीं चल रहा है, इस पर सुशील गुप्ता ने उपरोक्त बयान दिया। वहीं सुशील गुप्ता से जब यह सवाल किया गया कि आखिर अनुराग ढांडा ने किस आधार पर यह बयान दिया? क्या पार्टी शीर्ष नेतृत्व ने उनसे इस संबंध में कोई स्पष्टीकरण मांगा है? इस पर सुशील गुप्ता ने कहा, कोई भी व्यक्ति बयान दे सकता है। हमारी पार्टी लोकतांत्रिक है। हम लोकतंत्र पर विश्वास रखने वाले लोग हैं, इसलिए हम किसी को भी अपनी बात सार्वजनिक मंच पर रखने से नहीं रोकते हैं। हालांकि, ढांडा के बयान के संबंध में मैं और शीर्ष नेतृत्व काफी पहले ही अपना स्पष्टीकरण दे चुके हैं। मुझे नहीं लगता है कि इस विषय पर अब ज्यादा बात करना उचित रहेगा।

'केजरीवाल का सच्चा सिपाही'

बता दें कि हरियाणा की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से यह चर्चा है कि सुशील गुप्ता शीर्ष नेतृत्व से नाराज हैं। इन्हीं चर्चाओं के संबंध में आज जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने दो टूक कहा, देखिए चर्चाएं तो होती रहती हैं। मुझे चर्चाओं से कोई सरोकार नहीं है, लेकिन मैं एक बात स्पष्ट कह देना चाहता हूं कि मैं अरविंद केजरीवाल का सच्चा सिपाही हूं और आगे भी रहूंगा। सच्चा सिपाही होने के नाते मैं अब लोकसभा चुनाव संपन्न होने के साथ ही हरियाणा विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट चुका हूं और मुझे पूरा विश्वास है कि इस चुनाव में हम बेहतर प्रदर्शन करने जा रहे हैं।

'बैसखियों पर है बीजेपी'

इस बीच, उन्होंने दिल्ली में जारी पानी की किल्लत पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, अभी हर जगह पानी की किल्लत बरकरार है। हरियाणा में भी पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। ऐसी स्थिति में मैं तो कहूंगा कि केंद्र सरकार को ऐसी कोई व्यवस्था विकसित करनी होगी, जिससे पानी की किल्लत दूर हो और सभी लोगों को पेयजल उपलब्ध हो सके, लेकिन जिस तरह से इस विषय़ पर राजनीति हो रही है, मैं समझता हूं कि वो उचित नहीं है। वहीं, सुशील गुप्ता से जब सवाल किया गया कि दिल्ली में आपको मुंह की खानी पड़ी। इसके अलावा, आप लोग पंजाब में भी कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए। ऐसी स्थिति में आप खुद को हरियाणा में कैसे प्रस्तुत करेंगे कि लोग आप पर विश्वास कर सकें। इस पर उन्होंने कहा, इस लोकसभा चुनाव में देश की जनता ने बीजेपी को बैसाखियों पर लाकर खड़ा कर दिया है। यह कहने में कोई गुरेज नहीं होना चाहिए इस बार लोगों ने केंद्र सरकार की नीतियों के विरुद्ध वोट किया है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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