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'गोवा पुलिस ने बंदूक की नोक पर लिया बयान', सुलेमान का ये वीडियो शेयर कर AAP ने सरकार को घेरा

गोवा की सरकार पर विपक्ष लगातार हमलावर है। पिछले साल यानी दिसंबर 2024 में पुलिस की कस्टडी से फरार आरोपी सुलेमान सिद्दीकी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए, तो विपक्षी नेता इस मुद्दे को भुनाने में जुट गए हैं। AAP ने सुलेमान का एक वीडियो शेयर कर गोवा पुलिस पर टॉर्चर और बंदूक की नोक पर बयान लेने का आरोप लगाया।

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आम आदमी पार्टी ने गोवा सरकार पर लगाए आरोप।

AAP vs BJP in Goa: पिछले साल दिसंबर के महीने में एक वीडियो सामने आया था, जिसमें गोवा पुलिस के एक कांस्टेबल की मदद से आरोपी फरार हो गया था। उस वक्त सरकार और पुलिस पर खूब सवाल उठे थे। अब एक बार फिर भूमि घोटाले के आरोपी सुलेमान सिद्दीकी को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सुलेमान ने ये आरोप लगाया है कि पुलिस ने उसे टॉर्चर करके और बंदूक की नोक पर वीडियो रिकॉर्डिंग की है। एक दिन पहले जब सिद्दीकी पणजी जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश हुआ, तो उसने मीडिया के सामने ऐसा दावा कर दिया कि दूसरा वीडियो जबरन बंदूक की नोक पर और बिजली के झटकों के बीच रिकॉर्ड कराया गया था। सुलेमान के इस बयान के बाद सूबे के सियासत में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी नेताओं ने सरकार और प्रशासन को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया है।

सिद्दीकी के दावे के बाद सरकार पर हमलावर हुआ विपक्ष

आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस मुद्दे पर पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़ा किया है। साथ ही उसने स्वतंत्र जांच की मांग की है। सिद्दीकी ने एक दिन पहले ही मीडिया से कहा कि 'दूसरा वीडियो फर्जी था। इसे बंदूक की नोक पर और बिजली के झटकों के बीच जबरन रिकॉर्ड कराया गया।' सिद्दीकी ने अपने पहले वीडियो को सही ठहराते हुए कहा कि उन्होंने जो आरोप पहले लगाए थे, वे सभी सही हैं। पहले वीडियो में उन्होंने SP क्राइम ब्रांच राहुल गुप्ता, DySP सूरज हालारंकर और BJP विधायक जोशुआ डिसूजा पर भ्रष्टाचार और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे।

अमित पालेकर का BJP और सरकार को घेरा

AAP गोवा अध्यक्ष अमित पालेकर ने सिद्दीकी के खुलासे पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए SP क्राइम राहुल गुप्ता और DySP सूरज हालारंकर को तत्काल निलंबित करने और पुलिस की कार्यप्रणाली की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की।

उन्होंने कहा कि 'सच को कुछ समय के लिए दबाया जा सकता है, लेकिन हमेशा के लिए दफनाया नहीं जा सकता। सिद्दीकी के बयान ने गोवा पुलिस की संदिग्ध भूमिका उजागर कर दी है। यह SP क्राइम राहुल गुप्ता और DySP सूरज हालारंकर को निलंबित करने के लिए पर्याप्त कारण है। हम मांग करते हैं कि इस मामले की जांच एक स्वतंत्र एजेंसी करे और उनकी हिरासत से भागने की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।'

1.5 लाख वर्ग मीटर भूमि घोटाले में आरोपी सिद्दीकी का नाम 2014 में लुईजा फर्नांडिस की हत्या और टार्सिला फर्नांडिस की हत्या के प्रयास से भी जोड़ा जा रहा है। हालांकि विपक्ष ने इस मामले में सरकार और पुलिस पर सवाल खड़ा किया और CBI जांच की मांग की। आगे क्या होता है, ये देखना दिलचस्प होगा। मामले की अगली सुनवाई 25 फरवरी को होगी।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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