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सिर्फ 6 महीने में ही 5000000 लोगों ने खरीदा FASTag एनुअल पास

अगर आप भी अक्सर नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सफर करते हैं तो आपने भी लगभग 6 महीने पहले शुरू हुआ FASTag एनुअल पास लिया होगा। देश में अब तक 50 लाख लोग FASTag एनुअल पास का लाफ उठा चुके हैं।

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50 लाख हुए FASTag एनुअल पास के धारक

कहते हैं विकास का पहिया सड़क से होकर गुजरता है। देश में सड़कों की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है और एक के बाद एक आधुनिक एक्सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं। नेशनल हाईवेज को भी अपग्रेड किया जा रहा है। इन हाईवेज पर गाड़ियां तेजी से रफ्तार भर रही हैं और साथ ही टोल वसूली से NHAI की झोली भी भर रही है। फ्रिक्वेंट ट्रैवलर्स को टोल के बोझ से मुक्ति दिलाने के लिए NHAI ने 6 महीने पहले FASTag एनुअल पास लॉन्च किया था और सिर्फ इन 6 महीनों में ही 50 लाख यूजर्स यूजर्स ने एनुअल पास खरीदा है।

इन 6 महीनों में 26.55 करोड़ ट्रांजेक्शन हुई हैं, जिसमें से लगभग 28 फीसद ट्रांजेक्शन्स अकेले एनुअल पास से हुए हैं। यह सभी आंकड़े कार के FASTag ट्रांजेक्शन के हैं। 50 लाख उपभोक्ताओं ने टोल के बोझ को कम करने के लिए NHAI के एनुअल पास पर भरोसा जताया है।

बात की जाए सबसे ज्यादा ट्रांजेक्शन की तो दिल्ली के बिजवासन टोल प्लाजा पर सबसे ज्यादा 57 फीसद ट्रांजेक्शन एनुअल पास से हुए हैं। दूसरे नंबर पर दिल्ली का ही मुंडका टोल प्लाजा आता है, जहां पर कुल ट्रांजेक्शन का 53 फीसद एनुअल पास से होता है। हरियाणा में सोनीपत के झिंझोली टोल प्लाजा पर 53 फीसद ट्रांजेक्शन एनुअल पास से होते हैं।

अगर क्षेत्र की बात की जाए तो एनुअल पास से सबसे ज्यादा 14 फीसद ट्रांजेक्शन चंडीगढ़ क्षेत्र में होते हैं, जबकि 12.3 फीसद एनुअल पास ट्रांजेक्शन तमिलनाडु रीजन में और 11.5 फीसद ट्रांजेक्शन दिल्ली क्षेत्र में हुए।

ज्ञात हो कि FASTag एनुअल पास को ऐसे यात्रियों के लिए डिजाइन किया गया है, जो अक्सर टोल प्लाजा से गुजरते हैं और हर बार उन्हें भारी-भरकम टोल चुकाना पड़ता है। एनुअल पास से उन्हें बार-बार FASTag को रीचार्ज नहीं करना पड़ता और टोल प्लाजा पर कैशलेस बे-रोक-टोक यात्रा संभव होती है।

अगर आपने अभी तक FASTag एनुअल पास नहीं बनवाया है तो आप भी Rajmargyatra App पर जाकर एनुअल पास बनवा सकते हैं और अपनी यात्रा के अनुभव को और बेहतर कर सकते हैं।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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