देश

Manipur Violence: मणिपुर में हिंसा का नया दौर, भारी गोलीबारी के बाद तीन युवकों के मिले शव

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Aug 18, 2023, 12:35 PM IST

मैतेई समुदाय की मांग के विरोध में पहाड़ी जिलों में 'आदिवासी एकजुटता मार्च' आयोजित किए जाने के बाद 3 मई को पूर्वोत्तर राज्य में जातीय झड़पें हो रही हैं।

Image

मणिपुर में फिर हिंसा

Photo : PTI

Manipur Violence: मणिपुर में हिंसा का दौर अभी तक खत्म नहीं हुआ है। यहां हुई ताजा हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई है। अधिकारियों ने कहा कि जातीय संघर्षग्रस्त मणिपुर में हिंसा के एक नए दौर में शुक्रवार को उखरुल जिले के कुकी थोवई गांव में भारी गोलीबारी के बाद तीन युवकों के क्षत-विक्षत शव मिले हैं। उन्होंने बताया कि लिटन पुलिस थाने के अंतर्गत आने वाले गांव से सुबह-सुबह भारी गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं। अधिकारियों ने कहा कि पुलिस द्वारा आसपास के गांवों और वन क्षेत्रों में गहन तलाशी के बाद 24 साल से 35 साल की उम्र के तीन युवकों के शव पाए गए।

क्षत-विक्षत शव मिले

अधिकारियों ने कहा कि तीनों लोगों के शरीर पर तेज चाकू से चोट के निशान हैं और उनके अंग भी कटे हुए हैं। अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मैतेई समुदाय की मांग के विरोध में पहाड़ी जिलों में 'आदिवासी एकजुटता मार्च' आयोजित किए जाने के बाद 3 मई को पूर्वोत्तर राज्य में जातीय झड़पें हुई थीं। मणिपुर की आबादी में मैतेई लोगों की संख्या लगभग 53 प्रतिशत है और वे ज्यादातर इम्फाल घाटी में रहते हैं। आदिवासी नगा और कुकी की संख्या 40 प्रतिशत से कुछ अधिक हैं और वे पहाड़ी जिलों में रहते हैं।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article