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तहव्वुर राणा को NIA मुख्यालय की अति सुरक्षित कोठरी में 'Suicide Watch' पर रखा गया

Tahawwur Rana News: 26/11 के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा को एनआईए मुख्यालय में 14x14 फीट की सेल में 'आत्महत्या की निगरानी' (Suicide Watch) पर रखा गया है।

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मुंबई हमले का मास्टमाइंड तहव्वुर राणा

Tahawwur Rana News: तहव्वुर राणा को एनआईए मुख्यालय के अंदर 14x14 फीट की सेल में 'आत्महत्या की निगरानी' (Suicide Watch) पर रखा गया है। 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा को गुरुवार को एक विशेष अदालत ने 18 दिन की एनआईए (NIA) हिरासत में भेज दिया।

एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा को अमेरिका से प्रत्यर्पित किए जाने बाद दिल्ली में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) मुख्यालय के ग्राउंड फ्लोर पर 14x14 फीट की एक कोठरी में 'आत्महत्या की निगरानी' (Suicide Watch) में रखा गया है। सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि 64 वर्षीय राणा लोधी रोड स्थित सुविधा के अंदर चौबीसों घंटे मानव और सीसीटीवी निगरानी में है, जिसे कड़ी सुरक्षा घेरे में रखा गया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से कहा गया है, 'राणा को ग्राउंड फ्लोर पर 14x14 के सेल में रखा गया है। उसे लिखने के लिए केवल सॉफ्ट-टिप पेन (soft-tip pen) की अनुमति होगी, ताकि वह खुद को नुकसान न पहुंचा सके।'

पाकिस्तानी-कनाडाई नागरिक को गुरुवार को भारतीय अधिकारियों को सौंप दिया गया और एक विशेष अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे 18 दिन की एनआईए हिरासत में भेज दिया। अधिकारियों ने शुक्रवार को उसके कथित आईएसआई संबंधों और डेविड कोलमैन हेडली उर्फ दाउद गिलानी के साथ उसके संबंधों के बारे में पूछताछ शुरू की। हेडली पर दिल्ली, गोवा और पुष्कर जैसे स्थानों पर स्लीपर सेल को सक्रिय करने में मदद करने का संदेह है।

राजनीतिक विवाद छिड़ा

तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण ने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है, कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी सरकार पर इसका श्रेय लेने के लिए हमला बोला है। पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने कहा, 'जबकि मोदी सरकार इस घटनाक्रम का श्रेय लेने के लिए दौड़ रही है, सच्चाई उनके दावों से कोसों दूर है।' चिदंबरम ने कहा, 'यह प्रत्यर्पण किसी दिखावे का नतीजा नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि जब कूटनीति, कानून प्रवर्तन और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को ईमानदारी से और बिना किसी दिखावे के अपनाया जाता है तो भारतीय राज्य क्या हासिल कर सकता है।' उन्होंने इस प्रगति का श्रेय यूपीए काल में किए गए आधारभूत कार्यों को दिया, 'यह यूपीए सरकार द्वारा अमेरिका के साथ घनिष्ठ समन्वय में शुरू किए गए डेढ़ दशक के कठिन कूटनीतिक, कानूनी और खुफिया प्रयासों का परिणाम है।'

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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