World Malaria Day 2023 Date and theme: विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मई 2007 में 25 अप्रैल के दिन को विश्व मलेरिया दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी। विश्व मलेरिया दिवस मनाने का विचार अफ्रीका महाद्वीप में मलेरिया उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयासों से निकल कर आया है। ये रोग मादा एनाफ्लीज मच्छर के काटने से होता है। इस मच्छर में प्लाज्मोडियम नाम का एक सूक्ष्म परजीवी पाया जाता है, जो मलेरिया के फैलने का कारण बनता है। साफ पानी में पनपने वाला ये मच्छर अधिकतर रात के समय लोगों को काटता है। यदि आपके आस-पास किसी दूसरे व्यक्ति को मलेरिया रोग है, तो आपको संक्रमण की संभावना भी बढ़ जाती है। क्योंकि मच्छर इसे एक से दूसरे व्यक्ति में फैलाते हैं। हालांकि यदि समय रहते मलेरिया के लक्षणों को पहचान लिया जाए तो इस रोग को आसानी से ठीक किया जा सकता है।
World Malaria Day Theme 2023 in Hindi
मलेरिया रोग के बारे में जागरूकता लाने और इससे बचाव के उपायों पर काम करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विश्व मलेरिया दिवस 2023 की थीम- टाइम टू डिलिवरी जीरो मलेरियाः इनवेस्ट, इनोवेट, इंप्लीमेंट (Time to Delivery Zero Malaria - Invest, Innovate, Implement) है।
इन लोगों को है मलेरिया रोग से ज्यादा खतरा
कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग - What is the connection between Immunity and Malaria
HIV जैसे गंभीर वायरस के संक्रमित लोग जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली एकदम कमजोर हो चुकी है, उनको मलेरिया का खतरा काफी अधिक होता है। क्योंकि कमजोर इम्यूनिटी के कारण शरीर कमजोर हो जाता है और मलेरिया के परजीवी से लड़ने में सक्षम नहीं रह जाता है। जिस कारण संक्रमण तेजी से फैलता है और इसके परिणाम भी काफी घातक हो सकते हैं।
गर्भवती महिलाएं - Malaria Risk in Pregnant Ladies
गर्भवती महिलाओं को मलेरिया रोग का खतरा ज्यादा रहता है। जिसका कारण उनके शरीर में होने वाले शारीरिक बदलाव भी हैं। गर्भ में जिस नाल के द्वारा बच्चा मां से जुड़ा होता है, वह मलेरिया से परजीवी को बढ़ने के लिए एक आदर्श स्थान बन जाता है। गर्भवती महिला के साथ-साथ गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए भी मलेरिया एक गंभीर समस्या बन जाता है।
छोटे बच्चे - Malaria Risk in Small Children
छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है जिस कारण उन्हें मलेरिया होने का खतरा ज्यादा बना रहता है। अक्सर देखा जाता है कि छोटे बच्चे जो मलेरिया से संक्रमित होते हैं उनमें ये रोग सही इलाज ना मिलने की स्थिति में गंभीर रूप ले लेता है। ऐसे इलाकों में रह रहे बच्चे जहां ज्यादा मलेरिया का संक्रमण रहता है, उन्हें ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।
